Knowledge News: भारत की मुद्राएं सिर्फ लेन-देन का माध्यम नहीं है, बल्कि यह हमारे देश की समृद्ध संस्कृति, विरासत और इतिहास को भी दर्शाती है। आपने भी भारतीय नोटों का इस्तेमाल जरूर से जरूर किया होगा। अगर आपने गौर किया होगा तो देखा होगा कि हर मूल्य के नोटों पर अलग-अलग ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहरें बनी हुई हैं। आपने देखा होगा कि 500 रुपये के नोट पर दिल्ली का लाल किला बना हुआ है। क्या आपने कभी 100 रुपये के नोट पर बनी इमारत देखी है?
100 की नोट में बनी कौन सी इमारत
यकीनन आप भी 100 रुपये के नोट को जरूर इस्तेमाल करते होंगे लेकिन शायद ही इस नोट पर बनी इमारत के बारे में आप कोई जानकारी रखते होंगे। आप देखेंगे कि इस नोट पर एक बेहद ही खास और अनोखी इमारत बनी होती है। चलिए हम आपको बताते हैं कि यह इमारत कौन सी है और इसका क्या ऐतिहासिक महत्व है। सबसे पहले आपको बता दें कि इस इमारत का नाम 'रानी की वाव' है। 100 रुपये के नोट पर बनी रानी की वाव इमारत का कनेक्शन गुजरात राज्य से है।

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सोलंकी वंश की रानी ने करवाया निर्माण
बता दें कि गुजरात के पाटन जिले में स्थित रानी की वाव एक प्राचीन बावड़ी यानि सीढ़ीदार कुआं है। इस कुएं का निर्माण 11वीं शताब्दी में रानी उदयमती ने करवाया था। रानी उदयमती सोलंकी वंश के राजा भीमदेव प्रथम की पत्नी थीं, जिन्होंने अपने पति की स्मृति में इस बावड़ी का निर्माण करवाया। यह बावड़ी जल संरक्षण का एक उत्कृष्ट उदाहरण है। इसके साथ ही यह स्थापत्य कला का अद्भुत नमूना मानी जाती है।

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विश्व धरोहर स्थल में शामिल
यह जानकर आप दिल हार बैठेंगे कि रानी की वाव को यूनेस्को ने विश्व धरोहर स्थल का दर्जा दिया है। इसकी दीवारों पर देवी-देवताओं, अप्सराओं तथा पौराणिक कथाओं से जुड़ी बारीक और सुंदर नक्काशी मिलेगी। सबसे हैरान करने वाली बात है कि यह संरचना जमीन के भीतर बनी हुई है। यह 11वीं शताब्दी की उन्नत इंजीनियरिंग को दर्शाती है।
