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Qutub Minar AI Construction: 833 साल पहले कैसे तैयार हुआ था कुतुबमीनार, AI ने कराया टाइम ट्रैवेल

कुतुब मीनार का निर्माण 1192 में कुतुबुद्दीन ऐबक ने शुरू किया, जिसे उनके उत्तराधिकारी इल्तुतमिश और फिरोजशाह तुगलक ने पूरा किया। एक नए वीडियो में एआई तकनीक से इसकी निर्माण प्रक्रिया को दर्शाया गया है, जिसमें मजदूरों और ठेकेदारों द्वारा काम करने की विधियों को दिखाया गया है।

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AI ने दिखाया कुतुबमीनार का निर्माण (Instagram)

KEY HIGHLIGHTS
  • AI ने दिखाया कुतुबमीनार का निर्माण
  • वीडियो देख चौंक जाएंगे आप
  • जमकर वायरल हो रहा ये वीडियो

Qutub Minar AI Construction: कुतुब मीनार, जो भारत की ऐतिहासिक धरोहरों में से एक है, की निर्माण प्रक्रिया एक अद्भुत कारीगरी का परिचायक है। कुतुबुद्दीन ऐबक ने 1192 में इस मीनार का निर्माण कार्य शुरू किया, जिसे उनके उत्तराधिकारी इल्तुतमिश और फिरोजशाह तुगलक ने पूर्ण किया। यह मीनार करीब 240 फीट ऊंची है और इसे लाल बलुआ पत्थर एवं संगमरमर से बनाया गया है। इसकी शिल्पकला की बारीकियों को समझने के लिए आजकल सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें एआई तकनीक का उपयोग कर यह दर्शाया गया है कि कुतुब मीनार कैसे बनाई गई होगी।

वीडियो में कारीगरों द्वारा पहले लाल पत्थरों को तोड़ने और फिर हाथियों तथा खच्चरों के माध्यम से सामग्री की ढुलाई को दिखाया गया है। निर्माण के दौरान ठेकेदार योजनाबद्ध तरीके से मीनार की रूपरेखा का अध्ययन करते हैं, जिसके बाद मजदूरों को पत्थरों को चढ़ाने का निर्देश दिया जाता है। यह वीडियो हमें उस समय के निर्माण कार्यों की वास्तविक परिकल्पना प्रदान करता है, जिससे हम उस समय की तकनीकी और श्रमशक्ति की समझ हासिल कर सकते हैं।

AI ने दिखाया कुतुबमीनार का निर्माण

70 सेकंड के इस क्लिप में दिखाया गया है कि कैसे मेहनत के साथ-साथ कुशलता का मिश्रण इस अद्भुत मीनार के निर्माण में रहा होगा। इस वीडियो को '@bharathfx1' नामक इंस्टाग्राम अकाउंट पर सिनेमा के अंदाज में प्रस्तुत किया गया है, जो न केवल दर्शकों का मनोरंजन करता है, बल्कि इतिहास के प्रति उनकी रुचि को भी बढ़ाता है। आजका यह वीडियो कुतुब मीनार के निर्माण की ओर एक नई दृष्टि प्रदान करता है।

Kishan Gupta
किशन गुप्ताauthor

<p>देश की धार्मिक राजधानी काशी में जन्म लिया और घाटों पर खेल-कूदकर बड़ा हुआ। साल 2019 में महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में मास्टर्स डिग्री ली। यही से पत्रकारिता की शुरुआत भी हुई। इसी साल जुलाई में हैदराबाद स्थित रामोजी रॉव के स्वामित्व वाले ईटीवी भारत से करियर की शुरुआत हुई। बतौर ट्रेनी यहां एक साल से अधिक का समय बिताया। यह पहली दफा था, जब घर से दूर निकला था। लेकिन चस्का था तो काम करने, एक अच्छा पत्रकार बनने का। यहां रहकर चंद्रयान - 2 को कवर करने का मौका मिला। इसके बाद राजस्थान में शिक्षक भर्ती को लेकर उम्मीदवारों की ओर से हुए हिंसक विरोध को भी करीब से देखा। इस दौरान पथराव का भी सामना करना पड़ा। लेकिन काम करने का एक जुनून था। यह पहली दफा था, जब मैंने किसी बड़ी न्यूज को कवर किया था। इसके बाद ये सिलसिला चलता गया। कुछ समय ऐसा भी आया, जब होम पेज भी काम करने को मिला। करीब एक साल से अधिक समय बिताने के बाद ईटीवी भारत से अलविदा लिया और अपने गृह जिले में पहुंचा, जहां के एक लोकल चैनल टूडेज इंडिया न्यूज में काम करने का मौका मिला। यहां करीब डेढ़ साल से अधिक का समय बिता, जहां रहकर बनारस के साथ-साथ पूर्वांचल को भी कवर करने का मौका मिला। राजनीति और क्राइम की खबरों में खासा रूचि होने के कारण अक्सर फोकस भी इसी पर रहता था। इस दौरान कोविड के दंश को भी देखा। कोरोना काल का यह वो भयानक मंजर था, जिसकी किसी को आशंका न थी। इस दौरान खबरों के माध्यम से देश के दुख-दर्द को करीब से महसूस करने का मौका मिला। फिर मई 2022 में वनइंडिया ज्वाइन कर ली, यहां से फीचर राइटिंग की शुरुआत करते हुए मैंने ट्रैवेल पर काम करना शुरू किया। ऑफिस बैंगलोर था, तो वहां जाने के लिए काफी सोचना भी पड़ा लेकिन दिमाग में था कि बड़ा कुछ करना है तो देश की आर्थिक राजधानी के लिए निकल पड़ा। यहां काफी कम समय ही बिता, करीब 9 महीने तक काम करने के बाद यहां से अलविदा लिया। फिर समय आया देश के प्रतिष्ठित संस्थान टाइम्स नेटवर्क से जुड़ने का। मार्च 2023 में मैं Timesnowhindi.com के वायरल टीम से जुड़ा। इस बीच तमाम ट्रेंडिंग, वायरल और अजब-गजब जैसी कई खबरें की। बीट अलग होने के कारण थोड़ा चैलेंजिंग था लेकिन उस चैलेंज को पूरा करते हुए और चुनौतियों का सामना करते हुए आज एक साल से ऊपर का समय हो गया है।</p>

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