Election Commission Row: चुनाव आयोग में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर कथित मतभेद की खबरों के बीच भाजपा ने विपक्ष के आरोपों पर पलटवार किया। भाजपा ने चुनाव आयुक्तों के बीच हुई आतंरिक चर्चा को स्वस्थ लोकतंत्र की निशानी करार दिया और कहा कि चुनाव आयोग समेत कोई भी संवैधानिक संस्था तानाशाही के तरीके से काम नहीं कर रही है।
भाजपा सांसद और प्रवक्ता संबित पात्रा ने कहा कि अगर तीनों चुनाव आयुक्त आपस में संवाद न करें, अपने विचार साझा न करें और हर मुद्दे पर महज सहमति जताएं तो विपक्ष इसे तानाशाही करार देता है।
भाजपा की यह प्रतिक्रिया उस मीडिया रिपोर्ट पर छिड़े विवाद के बीच आई है, जिसमें कहा गया है कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने देशभर में एसआईआर प्रक्रिया के दौरान विभिन्न राज्यों में (मतदाताओं के) नामों को हटाए जाने समेत कई मुद्दों पर चिंता जताई थी।
विपक्ष पर बरसे संबित पात्रा
उन्होंने कहा कि भाजपा पर आरोप लगाया कि हम वोट चोरी करके जीत रहे हैं। मैं 2014 से अबतक के आंकड़े लेकर आया हूं। मैं बंगाल का उदाहरण दे रहा है, क्योंकि वो हाल फिलहाल में हुआ है। उन्होंने कहा, ''बंगाल में सबसे ज्यादा 20 विधानसभा सीटों पर वोट कटे। इन सीटों में से 13 में ममता बनर्जी की टीएमसी और एक में कांग्रेस ने जीत दर्ज की, जबकि छह सीटों पर भाजपा ने जीत हासिल की।''
इस दौरान संबित पात्रा ने शमशेरगंज, लालगोला, भगवानगोला, रघुनाथगंज, मटियाबुर्ज, फरक्का सहित अन्य सीटों का भी उल्लेख किया, जहां एसआईआर में वोट कटे, लेकिन तृणमूल कांग्रेस और कांग्रेस ने जीत दर्ज की।
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संबित पात्रा ने विपक्षी दलों पर चुनाव आयोग और सरकार पर बेबुनियाद आरोप लगाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, "चुनाव आयोग और सरकार को तानाशाह बताने वाले विपक्षी दल आज अपने ही जाल में फंस गए हैं।"
