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दुकान के बाहर बैठ TV पर मोटू-पतलू देख रहे थे बच्चे, इस वायरल Video ने सबकी आंखों में ला दिया पानी

लोगों को समझ नहीं आता कि खुशी बड़ी स्क्रीन या महंगे गैजेट्स में नहीं, बल्कि छोटी-छोटी चीजों में छिपी होती है। हमें अक्सर अपनी जिंदगी से शिकायत होती है, जबकि ये मासूम कांच के बाहर से ही टीवी देखकर संतुष्ट हैं।

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दुकान के बाहर बैठकर टीवी देखते बच्चे (Instagram/@jr__jewellers)

वो कहते हैं न कि इंसान की चाहतें कभी खत्म नहीं होतीं। हमारे पास जो है, उसकी कद्र कम कर देते हैं और जो नहीं है, उसके लिए तरसते रहते हैं। लेकिन कभी-कभी जीवन की सादगी हमें इतना झकझोर कर रख देती है कि हम सोच में पड़ जाते हैं। सोशल मीडिया पर इन दिनों एक ऐसा ही वीडियो खूब वायरल हो रहा है, जिसने लोगों के दिल को छू लिया। वीडियो में दो छोटे बच्चे दिख रहे हैं जो एक इलेक्ट्रॉनिक्स शोरूम के बाहर सीढ़ियों पर बैठकर कांच के बंद दरवाजे से अंदर चल रहे स्मार्ट टीवी पर कार्टून देख रहे हैं। इस वीडियो को देखने के बाद भी सब इसी सोच में पड़ गए कि आज जो जिंदगी हम जी रहे हैं, वो भी किसी ना किसी के लिए सपना ही है।

दुकान के बाहर बैठकर टीवी देखते रहे बच्चे

वीडियो में देखा जा सकता है कि उन छोटे से बच्चों की आँखें टीवी पर चिपकी हुई हैं और वे चुपचाप सीढ़ी पर बैठकर टीवी देख रहे हैं। अंदर टीवी पर चल रहे रंग-बिरंगे कार्टून के सामने बाहर की ठंडी हवा उन्हें कुछ समझ नहीं आ रही है। बच्चे और उनके बीच में बनी एक कांच की दीवार उनके सपनों को असलीयत से अलग कर रही हैं। वीडियो में दिख रहे इस नजारे को देख लोगों की आंखें नम हो गईं।

गरीबी की यह सच्चाई झकझोर देगी आपको

इस वीडियो को देखने के बाद हम दावे के साथ कह सकते हैं कि हममें से शायद ही ऐसा कोई होगा जिन्होंने बचपन में टीवी को इतना करीब से महसूस किया हो। हमारे घरों में टीवी होना आम बात लगती थी, जिस पर हम सुबह कार्टून, शाम को न्यूज और रात को फिल्में देखते थे। लेकिन इन बच्चों के लिए वह स्क्रीन एक दूर का सपना है। गरीबी की यह सच्चाई इतनी कोमल है कि चुभती नहीं, बस दिल पिघला देती है। यह वीडियो देख लोगों को सोचना चाहिए कि क्या हम अपनी नेमतों की कद्र करते हैं? शायद ही करते हों इसलिए अगली बार जब भी टीवी ऑन करें, तो इन बच्चों को जरूर याद करें। शायद तब दिल थोड़ा और आभारी हो जाए क्योंकि जीवन की असली कहानी यही है, जो हमारे पास है, वो किसी के लिए सपना है।

टीवी देखने की खुशी

दुकान के बाहर सीढ़ियों पर बैठे वे बच्चे ना तो किसी को डिस्टर्ब कर रहे हैं और ना ही वे कोई शैतानी कर रहे हैं। वे बस चुपचाप बैठे हैं, जैसे वे कह रहे हों, "बस थोड़ा सा और, बस एक एपिसोड देख लेने दो, फिर चले जाएंगे।" शायद इन बच्चों के माता-पिता रोजी-रोटी की जद्दोजहद में उलझे हुए होंगे और ये बच्चे अपने बचपन को सड़कों पर ढूंढते हैं। टीवी देखने की उनकी ये छोटी सी खुशी उनके लिए दुनिया भर की दौलत से ज्यादा कीमती है।

वीडियो देख लोग हुए भावुक

लोगों को इमोशनल कर देने वाले इस वीडियो को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर @jr__jewellers नाम के अकाउंट से शेयर किया गया है। जिसे खबर लिखे जाने तक लाखों लोगों ने देखा और लाइक किया है। इस वीडियो को देख कुछ लोगों को अपने बचपन के पुराने दिन याद आ गए। जब वे भी टीवी देखने के लिए अपने पड़ोसियों के घर जाया करते थे। जैसे एक यूजर ने वीडियो पर कमेंट करते हुए लिखा, "ये देखकर अपना बचपन याद आ गया, पड़ोसियों की खिड़की से झांककर कार्टून देखते थे।" दूसरे ने लिखा, "हम भी कभी ऐसे ही बाहर खड़े होकर टीवी देखा करते थे, घर में नहीं थी।" इसी बीच तीसरे ने बहुत ही गहरी बात लिख डाली, "जिन बच्चों को मां-बाप हर चीज दे देते हैं, उन्हें उसकी वैल्यू समझनी चाहिए। कुछ के नसीब में ये छोटी खुशियाँ भी नहीं होतीं।"

डिस्क्लेमर: इस खबर में दी गई जानकारी सोशल मीडिया पोस्ट पर आधारित है। टाइम्स नाउ नवभारत किसी भी प्रकार के दावे की पुष्टि नहीं करता है।

Pankaj Yadav
पंकज यादवauthor

पंकज यादव टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में वायरल और ट्रेंडिंग कंटेंट तैयार करते हैं। कंटेंट राइटिंग में 6 वर्षों का अनुभव रखने वाले पंकज सोशल मीडिया ट्रेंड्स, ह्यूमन इंटरेस्ट और ऑफबीट न्यूज दिलचस्प और यूजर-फ्रेंडली अंदाज में लिखने में माहिर हैं और अबतक आठ हजार से अधिक कंटेंट प्रकाशित कर चुके हैं।

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