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Desi Jugaad: ढीले रबर बैंड को टाइट करने की निंजा टेक्निक, महिला का ये जुगाड़ इंटरनेट पर हो रहा खूब वायरल

लड़कियां अक्सर अपने पुराने रबर बैंड को फेंक देती हैं जब वे ढीले हो जाते हैं। इंस्टाग्राम पर एक ऐसा जुगाड़ वाला वीडियो वायरल हो रहा है, जिसे देख आप अपनी पुराने रबड़ बैंड को फिर से नया कर सकती हैं।

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पुराने हेयर बैंड को नया करने का देस जुगाड़ (Instagram)

KEY HIGHLIGHTS
  • पुराने हेयर बैंड को नया करने का तरीका
  • निंजा टेक्निक से बना दिया नया
  • जमकर वायरल हो रहा ये वीडियो

Desi Jugaad Viral Video: लड़कियों के लिए बालों को संवारना और उन्हें बांधना एक महत्वपूर्ण हिस्सा होता है, और इसके लिए रबर बैंड का इस्तेमाल आम है। ये रबर बैंड न केवल लुक को डिसेंट बनाते हैं, बल्कि लागू करने में भी बेहद आसान होते हैं। लेकिन निरंतर उपयोग के बाद, ये रबर बैंड अक्सर ढीले हो जाते हैं और लड़कियां उन्हें फेंकने पर मजबूर हो जाती हैं। इस समस्या से निपटने के लिए लड़कियों को नए रबर बैंड खरीदना पड़ता है, जो न केवल झंझट भरा होता है, बल्कि आर्थिक रूप से भी नुकसानदायक साबित हो सकता है।

हाल ही में एक जुगाड़ वीडियो ने इस समस्या का समाधान पेश किया है, जिसमें दिखाया गया है कि पुराने रबर बैंड को कैसे फिर से नया जैसा बनाया जा सकता है। वीडियो में एक बर्तन में पानी गर्म किया जाता है और उसमें ढीले रबर बैंड डाल दिए जाते हैं। कुछ ही समय में ये रबर बैंड फिर से अपने पुराने आकार में लौट आते हैं, जिससे लड़कियों को नए रबर बैंड खरीदने की जरूरत नहीं पड़ती। इस तरीके से न केवल पैसों की बचत होती है, बल्कि पर्यावरण के प्रति भी एक सकारात्मक कदम उठाया जा सकता है।

पुराने हेयर बैंड को नया करने का देस जुगाड़

यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया है, जहां लोग अपने अनुभव और प्रतिक्रियाएं साझा कर रहे हैं। इसे इंस्टाग्राम पर अकाउंट 'groomygunjan4u' द्वारा शेयर किया गया है, जिसे हजारों लोगों ने देखा है। इस जुगाड़ ने न केवल लड़कियों की एक सामान्य समस्या का समाधान किया है, बल्कि उन्हें पुराने सामान का अधिकतम उपयोग करने की प्रेरणा भी दी है। ऐसे मौलिक विचारों से हमें यह सिखने को मिलता है कि हम अपनी रोजमर्रा की जिंदगी में कैसे थोड़े से बदलाव से बड़े फायदे उठा सकते हैं।

Kishan Gupta
किशन गुप्ताauthor

<p>देश की धार्मिक राजधानी काशी में जन्म लिया और घाटों पर खेल-कूदकर बड़ा हुआ। साल 2019 में महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में मास्टर्स डिग्री ली। यही से पत्रकारिता की शुरुआत भी हुई। इसी साल जुलाई में हैदराबाद स्थित रामोजी रॉव के स्वामित्व वाले ईटीवी भारत से करियर की शुरुआत हुई। बतौर ट्रेनी यहां एक साल से अधिक का समय बिताया। यह पहली दफा था, जब घर से दूर निकला था। लेकिन चस्का था तो काम करने, एक अच्छा पत्रकार बनने का। यहां रहकर चंद्रयान - 2 को कवर करने का मौका मिला। इसके बाद राजस्थान में शिक्षक भर्ती को लेकर उम्मीदवारों की ओर से हुए हिंसक विरोध को भी करीब से देखा। इस दौरान पथराव का भी सामना करना पड़ा। लेकिन काम करने का एक जुनून था। यह पहली दफा था, जब मैंने किसी बड़ी न्यूज को कवर किया था। इसके बाद ये सिलसिला चलता गया। कुछ समय ऐसा भी आया, जब होम पेज भी काम करने को मिला। करीब एक साल से अधिक समय बिताने के बाद ईटीवी भारत से अलविदा लिया और अपने गृह जिले में पहुंचा, जहां के एक लोकल चैनल टूडेज इंडिया न्यूज में काम करने का मौका मिला। यहां करीब डेढ़ साल से अधिक का समय बिता, जहां रहकर बनारस के साथ-साथ पूर्वांचल को भी कवर करने का मौका मिला। राजनीति और क्राइम की खबरों में खासा रूचि होने के कारण अक्सर फोकस भी इसी पर रहता था। इस दौरान कोविड के दंश को भी देखा। कोरोना काल का यह वो भयानक मंजर था, जिसकी किसी को आशंका न थी। इस दौरान खबरों के माध्यम से देश के दुख-दर्द को करीब से महसूस करने का मौका मिला। फिर मई 2022 में वनइंडिया ज्वाइन कर ली, यहां से फीचर राइटिंग की शुरुआत करते हुए मैंने ट्रैवेल पर काम करना शुरू किया। ऑफिस बैंगलोर था, तो वहां जाने के लिए काफी सोचना भी पड़ा लेकिन दिमाग में था कि बड़ा कुछ करना है तो देश की आर्थिक राजधानी के लिए निकल पड़ा। यहां काफी कम समय ही बिता, करीब 9 महीने तक काम करने के बाद यहां से अलविदा लिया। फिर समय आया देश के प्रतिष्ठित संस्थान टाइम्स नेटवर्क से जुड़ने का। मार्च 2023 में मैं Timesnowhindi.com के वायरल टीम से जुड़ा। इस बीच तमाम ट्रेंडिंग, वायरल और अजब-गजब जैसी कई खबरें की। बीट अलग होने के कारण थोड़ा चैलेंजिंग था लेकिन उस चैलेंज को पूरा करते हुए और चुनौतियों का सामना करते हुए आज एक साल से ऊपर का समय हो गया है।</p>

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