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Interesting Facts: कब्र से मिला 3300 साल पुराना सैंडल, जांच में सामने आई चौंकाने वाली सच्चाई

Interesting Facts: मिस्र के राजा तुतनखामुन के मकबरे से मिली 3,300 साल पुरानी सैंडल ने इतिहास के कई राज खोले हैं। इन सैंडलों के तलवों पर दुश्मनों की तस्वीरें बनी हैं, जो राजा की ताकत और जीत का प्रतीक थीं। पढ़ें पूरी खबर।

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Interesting Facts: कब्र से मिला 3300 साल पुराना सैंडल (फोटो: iStock)

Interesting Facts: मिस्र के प्रसिद्ध राजा तुतनखामुन का नाम आज भी दुनिया भर में लिया जाता है। लोग उन्हें प्यार से 'किंग तुत' कहते हैं। वह बहुत कम उम्र में फिरौन बने थे और सिर्फ करीब 17 साल की उम्र में उनकी मौत हो गई थी। उनकी जिंदगी रहस्यों से भरी रही, लेकिन उनका मकबरा इतिहास की सबसे बड़ी खोजों में से एक माना जाता है। इसी मकबरे से मिली एक खास चीज आज भी लोगों को हैरान करती है। वह चीज है उनकी 3,300 साल पुरानी सैंडल। साल 1922 में ब्रिटिश पुरातत्वविद हॉवर्ड कार्टर ने राजा तुत का मकबरा खोजा था। इस मकबरे से करीब 5,000 से ज्यादा कीमती चीजें मिली थीं।

सैंडलों की ये थी खासियत

इनमें सोने का मुखौटा, गहने, मूर्तियां, हथियार और रोजमर्रा के इस्तेमाल की चीजें शामिल थीं। राजा के साथ कई जोड़ी सैंडल भी दफन की गई थीं ताकि वह परलोक में भी चल सकें। इन सैंडलों की खास बात सिर्फ उनकी उम्र नहीं है, बल्कि उनका डिजाइन है। ये सैंडल लकड़ी से बने थे और ऊपर से चमड़ा, छाल, रंग और सोने की परत लगी हुई थी। सबसे चौंकाने वाली बात इनके तलवे पर बनी तस्वीरें हैं। तलवों पर मिस्र के दुश्मनों के चित्र बनाए गए थे। इसका मतलब था कि जब राजा इन्हें पहनकर चलता होगा, तो वह अपने दुश्मनों को पैरों तले रौंद रहा है। यह राजा की ताकत और जीत का प्रतीक माना जाता था।

हर सैंडल पर आठ धनुष

सैंडल के बीच वाले हिस्से में कमल और पपीरस से बंधे दो लोगों की आकृति बनी है। इसके अलावा तलवों पर धनुष के निशान भी हैं। हर सैंडल पर आठ धनुष बने हैं और पट्टे का आकार भी धनुष जैसा है, जिससे कुल नौ धनुष बनते हैं। प्राचीन मिस्र में “नौ धनुष” का मतलब होता था मिस्र के सभी दुश्मन। यानी यह सैंडल राजा की सत्ता और शक्ति को दिखाते थे। कार्टर के रिकॉर्ड के मुताबिक सैंडल का साइज लगभग आज के पुरुषों के जूते जैसा था। मकबरे में ये एक टोकरी के नीचे मिले थे। माना जाता है कि समय के साथ कुछ चीजें इधर-उधर हो गई थीं क्योंकि मकबरा प्राचीन काल में लूटा भी गया था।

आज ये सैंडल काहिरा के मिस्र संग्रहालय में रखे गए हैं। वहां लगे बोर्ड पर लिखा है कि तलवों पर बने कैदी राजा की ताकत दिखाते हैं और यह साबित करते हैं कि राजा अपने दुश्मनों पर राज करता था। राजा तुत मिस्र के 18वें राजवंश के फिरौन थे। उनका जन्म लगभग 1341 ईसा पूर्व में हुआ था। वह छोटी उम्र में राजा बने और अपनी सौतेली बहन आंखेसनमुन से शादी की। उनके बच्चे जीवित नहीं रह पाए। रिसर्च से पता चला है कि राजा तुत कई बीमारियों से भी जूझ रहे थे और चलने में उन्हें परेशानी होती थी। उनके मकबरे में कई छड़ियां भी मिली थीं।

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मोनू झा author

मोनू कुमार टाइम्स नाउ नवभारत की डिजिटल टीम में वायरल और ट्रेंडिंग डेस्क पर काम कर रहे हैं। न्यूजरूम में 4 साल से अधिक का अनुभव रखने वाले मोनू वायरल कं... और देखें

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