IAS Success Story Kajal Jwala: UPSC परीक्षा देश की सबसे कठिन परीक्षा मानी जाती है। यूपीएससी क्लीयर करने के लिए सही स्ट्रेटजी की बहुत जरूरत होती है। इसके अलावा पढ़ाई के लिए प्लानिंग और टाइम ही परीक्षार्थी को सफलता के दरवाजे तक पहुंचा सकती है। वैसे तो हर साल लाखों लोग यूपीएससी की परीक्षा में बैठते हैं, लेकिन कुछ ही लोग हैं जो सफलता हासिल कर पाते हैं। आज हम आपको हरियाणा की काजल ज्वाला की सफलता की कहानी बताएंगे। कैसे उन्होंने अपनी नौकरी के बीच भी यूपीएससी की परीक्षा के लिए समय निकाला और 28वीं रैंक हासिल कर IAS अधिकारी बन गईं।
कैब में बैठकर करती थीं पढ़ाई
हरियाणा के शामली की रहने वाली काजल ज्वाला ने साल 2018 में UPSC की परीक्षा पास की थी। वह 28वीं रैंक के साथ IAS अधिकारी बनी थीं। सबसे बड़ी बात यह है कि जब वह यूपीएससी की तैयारी कर रही थीं तो उनके पास समय का सबसे बड़ा अभाव था। दरअसल, वह विप्रो कंपनी में नौकरी भी करती थीं और कुछ कारणों की वजह से अपनी नौकरी भी नहीं छोड़ सकती थीं। इसलिए उन्होंने नौकरी के बीच ही सही प्लानिंग और फोकस किया। उन्होंने बिना कोचिंग के यूपीएससी परीक्षा पास करके सबको हैरान कर दिया।
ऐसे निकाला पढ़ने के लिए टाइम
आपको जानकर आश्चर्य होगा कि उन्हें अपने घर नोएडा से ऑफिस गुड़गांव तक जाने में जो तीन घंटे का समय लगता था। उसी समय में वह कैब में बैठकर पढ़ती रहती थीं। करीब तीन घंटे के समय में वह पढ़ने के लिए वह विषय चुनती थीं, जिसमें बहुत एकाग्रता नहीं चाहिए होती है। जैसे करेंट अफेयर्स के लिये न्यूज पेपर और मैगजीन वह इसी समय पढ़ती थीं। नौकरी से घर आने के बाद उनके पास एक-डेढ़ घंटे का समय ही बचता था। इस टाइम वह पूरी एकाग्रता से पढ़ती थीं। इसके अलावा वीकेंड्स पर वह अपना पूरा फोकस पढ़ाई पर लगाती थीं।
शादी भी नहीं बनी रुकावट
काजल ने एक इंटरव्यू में बताया था कि लड़कियां आमतौर पर शादी को करियर के लिए रुकावट मानती हैं। वह शादी के समय ही तय कर लेती हैं कि अब उनके लिए कुछ भी अचीव कर पाना संभव नहीं होगा। हालांकि, उन्होंने शादी को कभी भी बोझ नहीं माना। उन्होंने बताया था कि उनकी तैयारी में उनके पति कि अहम भूमिका रही। उनके पति आशीष मलिक इंडिया की अमेरिकन एमबेसी में काम करते थे। उन्होंने हमेशा उनका सहयोग किया और कभी भी उन्हें घर के कामों में नहीं उलझाया। बता दें कि काजल को यह सफलता आसानी से नहीं मिली। उन्हें पांचवे अटेम्पट में जाकर यूपीएससी में सफलता हासिल हुई।
