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Ajab Gajab: रेस्टोरेंट ने परोसा दिया तीखा खाना, टूरिस्ट पहुंचा कोर्ट, मांगे 93 लाख रुपये

Spicy Salsa Lawsuit: एक जर्मन पर्यटक ने न्यूयॉर्क के रेस्टोरेंट पर साल्सा के ज्यादा तीखा होने को लेकर केस किया, लेकिन कोर्ट ने इसे खारिज कर दिया। जज ने कहा कि साल्सा का तीखा होना सामान्य बात है और ग्राहक को खुद सावधानी रखनी चाहिए।

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spicy salsa lawsuit: तीखी साल्सा पर केस (Photo: iStock)

Weird Lawsuit Story: एक अजीब मामला सामने आया है, जिसमें जर्मनी के एक पर्यटक ने न्यूयॉर्क के एक रेस्टोरेंट (new york restaurant case) पर सिर्फ इसलिए मुकदमा कर दिया, क्योंकि वहां की साल्सा उन्हें बहुत ज्यादा तीखी लगी। हालांकि, कोर्ट ने इस मामले में पर्यटक के खिलाफ फैसला सुनाया। यह मामला जर्मनी के रहने वाले फैकल मंज का है, जो पेशे से इंजीनियर हैं और कानून की पढ़ाई भी कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि अगस्त 2024 में न्यूयॉर्क के टाइम्स स्क्वायर स्थित एक मशहूर रेस्टोरेंट में उन्होंने ग्रीन साल्सा का स्वाद लिया। जैसे ही उन्होंने इसे खाया, उन्हें तुरंत परेशानी होने लगी।

मुंह में छाले और पेट से जुड़ी होने लगीं दिक्कतें

मंज के मुताबिक साल्सा इतनी तीखी थी कि उनकी जीभ में तेज जलन होने लगी और दिल की धड़कन भी बढ़ गई। उन्होंने यह भी कहा कि इसके बाद उन्हें मुंह में छाले, पेट से जुड़ी दिक्कतें और मानसिक तनाव महसूस हुआ। द इंडिपेंडेंट की रिपोर्ट के मुताबिक, उनका कहना था कि रेस्टोरेंट ने यह साफ नहीं बताया कि साल्सा कितनी तीखी है, जिससे उन्हें नुकसान हुआ। इसी आधार पर उन्होंने अदालत में केस दर्ज किया और करीब 1 लाख डॉलर (लगभग 93 लाख रुपये) मुआवजे की मांग की। लेकिन कोर्ट ने उनकी दलील को सही नहीं माना। जज ने अपने फैसले में कहा कि आम तौर पर साल्सा को तीखा ही माना जाता है, और यह एक सामान्य जानकारी है।

रेस्टोरेंट की ओर से भी दी गई दलील

अगर कोई व्यक्ति किसी नए खाने को ट्राई कर रहा है, तो उसे पहले से थोड़ा सावधान रहना चाहिए। जज ने यह भी कहा कि इंटरनेट या रेस्टोरेंट की जानकारी देखकर आसानी से समझा जा सकता है कि वहां का खाना कितना तीखा हो सकता है। रेस्टोरेंट की ओर से भी यही दलील दी गई कि ग्राहक को खुद ध्यान रखना चाहिए था। साथ ही यह भी बताया गया कि उनकी ग्रीन साल्सा को “मध्यम” तीखेपन के रूप में दर्शाया गया था। दिलचस्प बात यह है कि यह पर्यटक पहले भी ऐसे कई मामले दर्ज कर चुका है, लेकिन उसे सफलता नहीं मिली। इस केस से यह साफ होता है कि हर असुविधा के लिए कानूनी कार्रवाई सही नहीं मानी जाती, खासकर जब मामला सामान्य समझ से जुड़ा हो।

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मोनू झाauthor

मोनू कुमार टाइम्स नाउ नवभारत की डिजिटल टीम में वायरल और ट्रेंडिंग डेस्क पर काम कर रहे हैं। न्यूजरूम में 4 साल से अधिक का अनुभव रखने वाले मोनू वायरल कंटेंट, ऑफबीट खबरों और सोशल मीडिया ट्रेंड्स को पहचानने में बेहद दक्ष हैं। यूनीक एंगल तलाशने और कहानियों को आकर्षक अंदाज में प्रस्तुत करने की उनकी क्षमता उन्हें डिजिटल कंटेंट स्पेस में अलग पहचान देती है। मोनू कुमार 4,000 से अधिक स्टोरीज लिख चुके हैं, जिनमें कई वायरल रिपोर्ट्स, ट्रेंड-बेस्ड अपडेट्स और सोशल मीडिया-फोकस्ड कंटेंट शामिल हैं।

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