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अरे वाहः 'राम' का नाम लेने पर मिलती है 'स्पेशल थाली', 'हनुमान चालीसा' सुनाने पर भी 'खाना फ्री'

  • Authored by: किशन गुप्ता
  • Updated Apr 18, 2023, 09:26 PM IST

गुजरात के राजकोट जामनगर हाईवे पर 'सरदार जी दी हवेली' नाम का एक रेस्टोरेंट है, जहां हनुमान चालीसा सुनाने पर और राम नाम लिखने पर फ्री में 'स्पेशल थाली' खिलाई जाती है। ऐसे में अगर आपको भी हनुमान चालीसा पूरी तरीके से कंठस्थ है तो आप इस रेस्टोरेंट में जाकर फ्री में खाना खा सकते हैं।

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सरदार जी दी हवेली (Image Credit: sardarjidihaveli.com)

KEY HIGHLIGHTS
  • इस रेस्टोरेंट में राम नाम लिखने पर फ्री में मिलता खाना
  • हनुमान चालीसा सुनाने पर भी मिलती है 'फ्री स्पेशल थाली'
  • नाम है - 'सरदार जी दी हवेली'

Sardar Ji Di Haveli: भारत एक ऐसा देश है जहां आस्था से जुड़े लोग निवास करते हैं। यहां लोगों के मन में भगवान के प्रति काफी श्रद्धा होती है। ऐसे में वे अपने भगवान के लिए कुछ भी करते हैं- कुछ अनोखा, कुछ अजीब या कुछ स्पेशल, जो दुनिया के लिए एक सबक बन जाती है, एक सीख बन जाती है। ऐसी ही एक स्टोरी आज हम आपके साथ शेयर करने जा रहे हैं, जहां भगवान पूजा के साथ-साथ आप फ्री में पेट पूजा भी कर सकते हैं।

आज हम जिस जगह के बारे में बात करने जा रहे हैं, वह कोई मंदिर या गुरुद्वारा नहीं है। यह एक रेस्टोरेंट है, जहां लोग हनुमान चालीसा का पाठ और भगवान श्रीराम का नाम लेकर फ्री में खाना खा सकते हैं। यह बात सुनने में आपको मजाक भले ही लग रही हो, लेकिन यह शत प्रतिशत सच है। दरअसल, इस रेस्टोरेंट का नाम सरदारजी दी हवेली है, जो कि गुजरात के जामनगर राजकोट हाईवे (राजकोट) पर स्थित है। इस रेस्टोरेंट के बारे में सुनकर जितनी आपको प्रसन्नता हुई होगी, उतनी ही इसे देखने पर भी होगी। इस रेस्टोरेंट को सरदार जी ने काफी खूबसूरती से डिजाइन किया है, जिसे देखने पर आपको बिल्कुल मस्त वाली फीलिंग आने वाली है।

Sardar Ji Di Haveli

हनुमान चालीसा सुनाने पर फ्री में मिलता है 'स्पेशल थाली'

फ्री में मिलती है 'स्पेशल थाली'

इस रेस्टोरेंट में सोमवार से शुक्रवार तक आपको निशुल्क भोजन का लाभ मिल सकता है। इसके लिए आपको भगवान श्रीराम का नाम 2000 बार लिखना होगा। या फिर अगर आप 15 साल से कम उम्र है तो यदि आप बिना देखे हनुमान चालीसा सुनाते हैं तब भी आपको फ्री में 'स्पेशल थाली' मिलती है। वहीं, शनिवार व रविवार को भीड़ होने के चलते ऐसा नहीं किया जाता। अब अगर आपको हमारी ये स्टोरी पसंद आई हो, तो हमें कमेंट कर जरूर बताएं।

किशन गुप्ता
किशन गुप्ताauthor

<p>देश की धार्मिक राजधानी काशी में जन्म लिया और घाटों पर खेल-कूदकर बड़ा हुआ। साल 2019 में महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में मास्टर्स डिग्री ली। यही से पत्रकारिता की शुरुआत भी हुई। इसी साल जुलाई में हैदराबाद स्थित रामोजी रॉव के स्वामित्व वाले ईटीवी भारत से करियर की शुरुआत हुई। बतौर ट्रेनी यहां एक साल से अधिक का समय बिताया। यह पहली दफा था, जब घर से दूर निकला था। लेकिन चस्का था तो काम करने, एक अच्छा पत्रकार बनने का। यहां रहकर चंद्रयान - 2 को कवर करने का मौका मिला। इसके बाद राजस्थान में शिक्षक भर्ती को लेकर उम्मीदवारों की ओर से हुए हिंसक विरोध को भी करीब से देखा। इस दौरान पथराव का भी सामना करना पड़ा। लेकिन काम करने का एक जुनून था। यह पहली दफा था, जब मैंने किसी बड़ी न्यूज को कवर किया था। इसके बाद ये सिलसिला चलता गया। कुछ समय ऐसा भी आया, जब होम पेज भी काम करने को मिला। करीब एक साल से अधिक समय बिताने के बाद ईटीवी भारत से अलविदा लिया और अपने गृह जिले में पहुंचा, जहां के एक लोकल चैनल टूडेज इंडिया न्यूज में काम करने का मौका मिला। यहां करीब डेढ़ साल से अधिक का समय बिता, जहां रहकर बनारस के साथ-साथ पूर्वांचल को भी कवर करने का मौका मिला। राजनीति और क्राइम की खबरों में खासा रूचि होने के कारण अक्सर फोकस भी इसी पर रहता था। इस दौरान कोविड के दंश को भी देखा। कोरोना काल का यह वो भयानक मंजर था, जिसकी किसी को आशंका न थी। इस दौरान खबरों के माध्यम से देश के दुख-दर्द को करीब से महसूस करने का मौका मिला। फिर मई 2022 में वनइंडिया ज्वाइन कर ली, यहां से फीचर राइटिंग की शुरुआत करते हुए मैंने ट्रैवेल पर काम करना शुरू किया। ऑफिस बैंगलोर था, तो वहां जाने के लिए काफी सोचना भी पड़ा लेकिन दिमाग में था कि बड़ा कुछ करना है तो देश की आर्थिक राजधानी के लिए निकल पड़ा। यहां काफी कम समय ही बिता, करीब 9 महीने तक काम करने के बाद यहां से अलविदा लिया। फिर समय आया देश के प्रतिष्ठित संस्थान टाइम्स नेटवर्क से जुड़ने का। मार्च 2023 में मैं Timesnowhindi.com के वायरल टीम से जुड़ा। इस बीच तमाम ट्रेंडिंग, वायरल और अजब-गजब जैसी कई खबरें की। बीट अलग होने के कारण थोड़ा चैलेंजिंग था लेकिन उस चैलेंज को पूरा करते हुए और चुनौतियों का सामना करते हुए आज एक साल से ऊपर का समय हो गया है।</p>

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