ईरान और इजरायल-अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के बीच स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में एक भारतीय तेल टैंकर को ईरानी युद्धपोत द्वारा रोके जाने की खबर सामने आई है। ईरान की अर्ध-सरकारी समाचार एजेंसी फार्स के मुताबिक,भारतीय तेल टैंकर HAANA ने हॉर्मुज के दक्षिणी रास्ते से गुजरने की कोशिश की,लेकिन एक बड़े ईरानी युद्धपोत ने उसे चेतावनी देकर वापस लौटने पर मजबूर कर दिया।
फार्स ने सोशल मीडिया पोस्ट में दावा किया कि HAANA दक्षिणी मार्ग, जिसे ओमान कॉरिडोर के नाम से भी जाना जाता है, से गुजरने की कोशिश कर रहा था। ईरानी पोत की चेतावनी के बाद टैंकर ने अपना रास्ता बदल लिया। हालांकि, इस दावे की अभी तक भारतीय अधिकारियों, टैंकर संचालक या किसी स्वतंत्र समुद्री सुरक्षा एजेंसी ने पुष्टि नहीं की है।
फार्स के अनुसार, पिछले 24 घंटे में हॉर्मुज के इस दक्षिणी मार्ग से किसी भी जहाज की आवाजाही दर्ज नहीं की गई। इससे संकेत मिलता है कि मुख्य शिपिंग लेन से बचने के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला यह वैकल्पिक मार्ग भी क्षेत्र में बढ़े तनाव के बीच लगभग ठप हो गया है।
ईरान-ओमान के बीच शिपिंग कॉरिडोर पर चर्चा
इसी बीच ईरान और ओमान के बीच स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज को लेकर बातचीत भी हुई है। ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के प्रवक्ता के मुताबिक, दोनों देशों ने होर्मुज में अपने हिस्से और इससे होने वाले राजस्व को लेकर समझौते किए हैं। ईरानी पक्ष ने बातचीत में अमेरिका के हस्तक्षेप का आरोप भी लगाया।ईरान और ओमान के विदेश मंत्रालयों की ओर से जारी बयान में बताया गया कि दोनों देशों ने एक अस्थायी शिपिंग कॉरिडोर बनाने के लिए चरणबद्ध ढांचे पर चर्चा की है। इसमें समुद्री मार्ग को सुरक्षित बनाने और समुद्र में मौजूद बारूदी सुरंगों को हटाने की योजना भी शामिल है।
हालांकि, ईरान के उप विदेश मंत्री काज़ेम ग़रीबाबादी ने बाद में दावा किया कि समझौते के तहत ओमान के तट के साथ जाने वाला दक्षिणी मार्ग बंद रहेगा। ईरान इस संयुक्त राष्ट्र-अधिकृत समुद्री मार्ग का लंबे समय से विरोध करता रहा है। दूसरी ओर, ओमान के शुरुआती बयान में इस मार्ग को बंद करने का स्पष्ट उल्लेख नहीं था।
