मिलेनियल्स या फिर 90 के दशक में जन्में कई बच्चों के लिए कॉमिक बुक्स ही उनके लिए सबकुछ होती थीं। एक समय था जब बच्चे इन कॉमिक बुक्स को पढ़कर ही सुपरहीरो और अपनी रोमांच की रंगीन दुनिया में खोए रहते थे। हाल में सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो ने एक बार फिर से उन्हीं यादों को ताजा कर दिया। वीडियो में देखा जा सकता है कि एक शख्स अपने बेटे को अपनी कॉमिक्स कलेक्शन दिखा रहा है। जिसे देखते ही बच्चा खुशी से झूम उठता है।
पिता ने बेटे को सौंपी अपनी विरासत
वीडियो में आप देख सकते हैं कि शख्स कॉमिक बुक्स से भरा एक बक्सा अपने बेटे को दिखा रहा है। जिसमें देखा जा सकता है कि शख्स उन कॉमिक बुक्स को बड़ी संभालकर सुरक्षित तरीके से रखे हुए है। जैसे ही बच्चा उन किताबों को देखता है उसकी आंखें चमक उठती हैं और वह खुशी से झूम जाता है। वह एक-एक किताब को बारी-बारी से उठाकर उन्हें खोलकर देखता है। बक्से में नागराज, सुपर कमांडो ध्रुव और 90s के जमाने के कई अन्य भारतीय सुपरहीरोज़ की कॉमिक्स दिख रही है। जिन्हें राज कॉमिक्स, डायमंड कॉमिक्स और ट्विंकल जैसे प्रसिद्ध भारतीय प्रकाशकों ने प्रकाशित किया है।
कॉमिक कलेक्शन देखते ही खुशी से झूम उठा बच्चा
इस वीडियो को छत्तीसगढ़ के रायपुर की डॉ. भूमिका तिवारी ने शेयर किया है। वीडियो के कैप्शन में उन्होंने लिखा है, ""मेरे पति की जमापूंजी, ऐसा मोह इन रंगीन कागजों के लिए कि लगभग 30 साल से इन्हें ऐसे संभाले रखा है और आज हमारा बेटा अपनी गर्मी की छुट्टियां इनके साथ बिता रहा है।" वीडियो के कैप्शन को देख ऐसा प्रतीत होता है कि बच्चे के पिता ने बचपन से ही इन कॉमिक्स को बड़ी ही सावधानीपूर्वक सहेज कर रखा है। जिन कॉमिक्स ने कभी बच्चे के पिता के बचपन को रोमांचक बनाया था, वही कॉमिक्स अब गर्मी की छुट्टियों में उस बच्चे के बचपन को भी रोमांच से भर देगी।
वीडियो देख लोगों का याद आया अपना बचपन
इस वीडियो को अब तक 1.2 मिलियन से अधिक लोगों ने देखा और 1 लाख से अधिक लोगों ने इसे लाइक किया है। वही बड़ी संख्या में लोगों ने इस वीडियो पर कमेंट करते हुए अपनी प्रतिक्रिया दी है। जहां लोगों ने बताया कि इस वीडियो को देखने के बाद उन्हें उनका बचपन याद आ गया। एक यूजर ने वीडियो पर कमेंट करते हुए लिखा कि पिता ने अपना बचपन अपने बेटे को ट्रांसफर कर दिया। दूसरे ने लिखा, "एपिक कलेक्शन! नागराज, सुपर कमांडो ध्रुव जैसे सुपरहीरोज़ के बिना बचपन अधूरा था। यह बॉक्स शुद्ध पुरानी यादें हैं।
डिस्क्लेमर: इस खबर में दी गई जानकारी सोशल मीडिया पोस्ट पर आधारित है। टाइम्स नाउ नवभारत किसी भी प्रकार के दावे की पुष्टि नहीं करता है।
