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स्कूलों में भी गैस सिलेंडर की किल्लत, बंगाल के इस स्कूल में मिड-डे मील में बच्चों को खिलाया गया गोलगप्पा

पश्चिम बंगाल का एक वायरल वीडियो सामने आया है, जिसमें एक सरकारी स्कूल के छात्रों को उनके रोजाना के मिड-डे मील के बजाय उन्हें गोलगप्पे खिलाया जा रहा है। बताया जा रहा है कि ऐसा LPG की कमी के कारण किया गया। स्कूल में गैस की किल्लत की वजह से खाना पकाने में दिक्कत आ रही थी।

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बच्चों को स्कूल के मिड-डे मील में खिलाया जा रहा है गोलगप्पा (Instagram/@sarknandita)

पूरा देश इस वक्त गैस की किल्लत से जूझ रहा है। सोशल मीडिया पर गैस की कमी के कई सारे वीडियो आए दिन देखने को मिल रहे हैं। इसी बीच बंगाल से एक वीडियो इन दिनों इंस्टाग्राम पर जमकर वायरल हो रहा है। जहां देखा जा सकता है कि एक सरकारी स्कूल में गैस की कमी हुई तो वहां पर मिड-डे मील में बच्चों को गोलगप्पा खिलाया गया।

स्कूली बच्चों को खिलाया गया गोलगप्पा

वीडियो में स्कूल के कैंपस के अंदर गोलगप्पे का स्टॉल लगा दिख रहा है। स्कूल की एक महिला टीचर इस नजारे को अपने मोबाइल में रिकॉर्ड कर रही हैं। वीडियो में उन्हें बंगाली में यह कहते हुए सुना जा सकता है कि स्कूल के बच्चे मिड डे मील में फुचका खा रहे हैं। गैस खत्म हो चुका है इसलिए मिड-डे मील में फुचका खिलाया जा रहा है।

गोलगप्पे के लिए लाइन में खड़े दिखे बच्चे

वीडियो में देखा जा सकता है कि गोलगप्पे के स्टॉल के सामने छोटे-छोटे बच्चे लंबी कतार में अपनी-अपनी थाली के साथ खड़े हैं। गोलगप्पे वाले भइया बारी-बारी से उनकी थानी में गोलगप्पा तैयार कर रखे जा रहे हैं। बच्चे गोलगप्पा लेकर एक-एक कर आगे बढ़ रहे हैं। वायरल हो रहा यह वीडियो पश्चिम बंगाल के भद्रकाली हाई स्कूल का बताया जा रहा है।

वीडियो सोशल मीडिया पर हुआ वायरल

इस वीडियो को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर स्कूल टीचर नंदिता सरकार ने अपने अकाउंट @sarknandita से शेयर किया है। जिसे अब तक लाखों लोगों ने देखा और हजारों लोगों ने लाइक किया है। वीडियो पर कई लोगों ने कमेंट कर अपनी प्रतिक्रिया भी दी है। जहां एक यूजर ने वीडियो पर कमेंट करते हुए लिखा कि स्कूलों में मिड-डे मील को इसलिए लागू किया गया था ताकि बच्चों को अच्छी मात्रा में पोषक तत्व वाले भोजन मिल सके। गैस नहीं था तो गोलगप्पा खिलाना सही नहीं है। हाइजीन की कमी के कारण गोलगप्पा खाने से बच्चों की तबीयत खराब हो सकती है।

डिस्क्लेमर: इस खबर में दी गई जानकारी सोशल मीडिया पोस्ट पर आधारित है। टाइम्स नाउ नवभारत किसी भी प्रकार के दावे की पुष्टि नहीं करता है।

Pankaj Yadav
पंकज यादवauthor

पंकज यादव टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में वायरल और ट्रेंडिंग कंटेंट तैयार करते हैं। कंटेंट राइटिंग में 6 वर्षों का अनुभव रखने वाले पंकज सोशल मीडिया ट्रेंड्स, ह्यूमन इंटरेस्ट और ऑफबीट न्यूज दिलचस्प और यूजर-फ्रेंडली अंदाज में लिखने में माहिर हैं और अबतक आठ हजार से अधिक कंटेंट प्रकाशित कर चुके हैं।

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