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अनोखा मामला: सोनीपत में इंसानों जैसी 'नंदिनी' गाय की 13वीं, मालिक ने करवाया मृत्युभोज, बांटे गए 6 क्विंटल रसगुल्ले

Ajab Gajab: हरियाणा के सोनीपत में एक गाय की इंसानों जैसी 13वीं मनाई गई है। बताया जा रहा है कि गाय पिछले 18 साल से परिवार का सदस्य था। इस पहल की हर तरफ चर्चा हो रही है।

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गाय की 13वीं

Ajab Gajab: हरियाणा के सोनीपत स्थित हसनगढ़ तिहाड़ा कला गांव में एक अनोखी और भावुक मिसाल देखने को मिली। परिवार की सदस्य की तरह 18 साल तक साथ रही गाय 'नंदिनी' के निधन के बाद उसकी तेरहवीं पूरे धार्मिक रीति-रिवाजों से की गई। इस अवसर पर 11 गांवों और शहर से करीब 4 हजार लोगों को महाभोज कराया गया। नंदिनी को रसगुल्ले बेहद पसंद थे, लिहाजा श्रद्धांजलि स्वरूप 6 क्विंटल रसगुल्लों का भोग भी लगाया गया। आलम ये है कि इस अनोखे मामले की अब हर तरफ चर्चा हो रही है।

    जानकारी के मुताबिक, करीब 18 साल पहले तीन महीने की बछड़ी के रूप में नंदिनी इस परिवार में आई थी। परिवार ने उसे बेटी की तरह पाला और वह घर का अभिन्न हिस्सा बन गई। करीब साढ़े तीन महीने से बीमार चल रही नंदिनी का हाल ही में निधन हो गया। आत्मा की शांति के लिए परिवार ने हवन-यज्ञ, गो-आरती और महाभोज का आयोजन किया। कार्यक्रम की शुरुआत वैदिक मंत्रोच्चार और सामूहिक हवन से हुई। 11 पंडितों ने करीब 45 मिनट तक यज्ञ कराया। इसके बाद गो-आरती हुई और नंदिनी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी गई। पहले 21 ब्राह्मणों को प्रसाद कराया गया और उसके बाद हजारों श्रद्धालुओं को भोजन कराया गया।
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    नंदिनी गाय की अंतिम विदाई

    6 क्विंटल रसगुल्ले का भोग

    बताया जा रहा है कि महाभोज में आलू-पेठे की सब्जी, पूरी और विशेष रूप से 6 क्विंटल रसगुल्ले परोसे गए। परिवार का कहना है कि नंदिनी को रसगुल्ले काफी पसंद थे, जबकि वह हलवा नहीं खाती थी। इसी वजह से उसकी पसंद को याद रखते हुए रसगुल्लों का भोग लगाया गया। परिवार के अनुसार नंदिनी ने अपने जीवनकाल में 12 संतानों को जन्म दिया। इनमें से छह गाय आज भी परिवार के पास हैं, जबकि अन्य गोवंश परिजनों को दिए गए हैं। गांव के लोगों ने इस आयोजन को पशु प्रेम और संवेदनशीलता की अनूठी मिसाल बताया।

    Manoj Kumar
    मनोज कुमार author

    मनोज कुमार को टीवी पत्रकारिता में काम करने का 20 साल का अनुभव है. वर्तमान में वह Times Now नवभारत में डिप्टी न्यूज एडिटर के रूप में काम कर रहे हैं. 2022 से चंडीगढ़ ब्यूरो हेड के तौर पर चंडीगढ़, हरियाणा, पंजाब और हिमाचल प्रदेश को कवर कर रहे हैं. उन्होंने पंजाब बाढ़ त्रासदी, ऑपरेशन सिंदूर जैसी बड़ी घटनाओं को ग्राउंड जीरो से कवर किया है. हिमाचल प्रदेश में संजौली मस्जिद कवरेज के लिए उन्हें ENBA अवॉर्ड मिल चुका है.

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