Ajab Gajab: हरियाणा के सोनीपत स्थित हसनगढ़ तिहाड़ा कला गांव में एक अनोखी और भावुक मिसाल देखने को मिली। परिवार की सदस्य की तरह 18 साल तक साथ रही गाय 'नंदिनी' के निधन के बाद उसकी तेरहवीं पूरे धार्मिक रीति-रिवाजों से की गई। इस अवसर पर 11 गांवों और शहर से करीब 4 हजार लोगों को महाभोज कराया गया। नंदिनी को रसगुल्ले बेहद पसंद थे, लिहाजा श्रद्धांजलि स्वरूप 6 क्विंटल रसगुल्लों का भोग भी लगाया गया। आलम ये है कि इस अनोखे मामले की अब हर तरफ चर्चा हो रही है।

नंदिनी गाय की अंतिम विदाई
6 क्विंटल रसगुल्ले का भोग
बताया जा रहा है कि महाभोज में आलू-पेठे की सब्जी, पूरी और विशेष रूप से 6 क्विंटल रसगुल्ले परोसे गए। परिवार का कहना है कि नंदिनी को रसगुल्ले काफी पसंद थे, जबकि वह हलवा नहीं खाती थी। इसी वजह से उसकी पसंद को याद रखते हुए रसगुल्लों का भोग लगाया गया। परिवार के अनुसार नंदिनी ने अपने जीवनकाल में 12 संतानों को जन्म दिया। इनमें से छह गाय आज भी परिवार के पास हैं, जबकि अन्य गोवंश परिजनों को दिए गए हैं। गांव के लोगों ने इस आयोजन को पशु प्रेम और संवेदनशीलता की अनूठी मिसाल बताया।
