शहर

टिल्लू ताजपुरिया गैंग का मेंबर निकला Delhi Police का हेड कांस्टेबल, गिरफ्तार

दिल्ली पुलिस ने अपने ही एक हेड कॉन्स्टेबल पवन कुमार उर्फ मक्की को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए हेड कांस्टेबल पर आरोप है कि वह टिल्लू ताजपुरिया गैंग के लिए कारोबारियों से करोड़ों रुपये की रंगदारी वसूलने का नेटवर्क चला रहा था।

Image

दिल्ली पुलिस का हेडकॉन्स्टेबल निकला टिल्लू गैंग गुर्गा

जिस पुलिसकर्मी पर कानून लागू कराने और अपराधियों को पकड़ने की जिम्मेदारी थी, उसी पर कुख्यात टिल्लू ताजपुरिया गैंग के लिए रंगदारी का नेटवर्क चलाने का आरोप लगा है। दिल्ली पुलिस ने अपने ही एक हेड कॉन्स्टेबल पवन कुमार उर्फ मक्की को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि वह गैंग की ओर से कारोबारियों से करोड़ों रुपये की उगाही कर रहा था और गैंग के नेटवर्क को एक्टिव रखने में अहम भूमिका निभा रहा था।

यह गिरफ्तारी ऐसे समय हुई है जब इसी साल टिल्लू ताजपुरिया गैंग ने विरोधी गोगी गैंग से जुड़े लोगों पर दो बड़े हमले कर अपनी सक्रियता का संकेत दिया था। इसके बाद दिल्ली पुलिस और अन्य एजेंसियों ने गैंग की गतिविधियों पर निगरानी बढ़ा दी थी।

पुलिस के अनुसार, रिजर्व बटालियन में तैनात हेड कॉन्स्टेबल पवन कुमार पर कुख्यात टिल्लू ताजपुरिया गैंग के लिए कारोबारियों से करोड़ों रुपये की रंगदारी वसूलने और गैंग के नेटवर्क को सक्रिय रखने का आरोप है। मामले की जांच के बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया।

2 करोड़ की प्रोटेक्शन मनी मांगी

पुलिस के मुताबिक, 27 जून 2026 को एक कारोबारी ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उससे और उसके परिवार से 2 करोड़ रुपये की प्रोटेक्शन मनी मांगी जा रही है। जांच के दौरान CCTV फुटेज, डिजिटल रिकॉर्ड और अन्य तकनीकी सुबूतों से आरोपों की पुष्टि होने के बाद कार्रवाई की गई।

जमीन के सौदे से शुरू हुआ विवाद

FIR के अनुसार, मामला पिछले साल दिसंबर में शुरू हुआ था। कारोबारी के साझेदार ने जीटी करनाल रोड स्थित खाटू श्याम मंदिर के पास लगभग 3200 स्क्वायर गज का प्लॉट खरीदा था। आरोप है कि इस सौदे के लिए लिए गए 50 लाख रुपये के कर्ज की व्यवस्था पवन कुमार ने कराई थी। बाद में यह रकम ब्याज सहित लौटा दी गई, लेकिन जमीन की कीमत बढ़ने के बाद विवाद खड़ा हो गया।

शिकायत में आरोप लगाया गया है कि पवन कुमार ने व्हाट्सएप के जरिए धमकियां देते हुए दावा किया कि कर्ज के लिए इस्तेमाल हुआ पैसा गैंगस्टर हिम्मत उर्फ चीकी का था। उसने कथित तौर पर जमीन के सौदे में होने वाले लगभग 3 करोड़ रुपये के मुनाफे में से 2 करोड़ रुपये गैंग को देने की मांग की।

परिवार को धमकाने का आरोप

कारोबारी ने आरोप लगाया कि 1 जून को पवन कुमार पांच हथियारबंद लोगों के साथ उसके घर पहुंचा और परिवार को गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी। बाद में 5 जून और 16 जून को भी कथित तौर पर रंगदारी के लिए दबाव बनाया गया। शिकायतकर्ता ने सुरक्षा कारणों से कुछ समय के लिए दिल्ली छोड़ने की बात भी पुलिस को बताई।

नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही पुलिस

दिल्ली पुलिस सूत्रों के अनुसार, पवन कुमार के खिलाफ हरियाणा के सोनीपत में भी रंगदारी से जुड़ा मामला दर्ज है। जांच एजेंसियां उसके बैंक खातों, मोबाइल फोन और आपराधिक नेटवर्क से जुड़े संपर्कों की गहराई से जांच कर रही हैं।

गोगी और टिल्लू दोनों की हो चुकी है हत्या

टिल्लू ताजपुरिया और गोगी गैंग के बीच दुश्मनी दिल्ली की सबसे चर्चित गैंगवार में शामिल रही है। सितंबर 2021 में रोहिणी कोर्ट में गैंगस्टर जितेंद्र गोगी की हत्या और मई 2023 में तिहाड़ जेल के भीतर टिल्लू ताजपुरिया की हत्या के बाद भी दोनों गैंगों के बचे हुए नेटवर्क सक्रिय बताए जाते हैं।

पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि क्या आरोपी हेड कॉन्स्टेबल अपने पद का दुरुपयोग कर गैंग को संवेदनशील सूचनाएं या अन्य प्रकार की मदद पहुंचा रहा था। अधिकारियों का कहना है कि मामले के सभी पहलुओं की गहन जांच जारी है।

Anuj Mishra
अनुज मिश्राauthor

अनुज मिश्रा भारत के अग्रणी क्राइम और इन्वेस्टिगेटिव पत्रकारों में से एक हैं। वह वर्तमान में टाइम्स नाउ नवभारत में न्यूज़ एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। पिछले करीब दो दशकों से अनुज मिश्रा ने अपराध, आंतरिक सुरक्षा और संगठित अपराध से जुड़े मामलों की गहन रिपोर्टिंग और संपादकीय नेतृत्व किया है। उन्होंने सीबीआई, ईडी, आयकर विभाग, एनआईए और खुफिया एजेंसियों से संबंधित बड़ी और संवेदनशील खबरों को नज़दीकी से कवर किया है। अनुज मिश्रा की सबसे बड़ी ताक़त उनकी ग्राउंड रिपोर्टिंग है। हर बड़ी और अहम खबर में वह ग्राउंड ज़ीरो पर मौजूद रहकर घटनाओं की प्रत्यक्ष कवरेज करते रहे हैं। यही कारण है कि उनकी रिपोर्टिंग में जमीनी सच्चाई और तथ्य हमेशा साफ़ झलकते हैं। टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ने से पहले अनुज मिश्रा देश के कई बड़े टेलीविज़न न्यूज़ चैनलों के साथ काम कर चुके हैं, जहां उन्होंने अपनी पत्रकारिता और एडिटोरियल स्किल्स से अलग पहचान बनाई। अनुज ने न केवल देश-विदेश की बड़ी खबरों को जनता तक पहुँचाया है, बल्कि उत्तर प्रदेश की राजनीति और सत्ता गलियारों से जुड़े घटनाक्रमों पर भी पैनी नज़र रखी है। उनकी पत्रकारिता शैली तथ्यपरक, इन्वेस्टिगेटिव और जमीनी हकीकत पर आधारित मानी जाती है। उन्होंने आतंकवाद, संगठित अपराध, ड्रग्स सिंडिकेट, हाई-प्रोफाइल जांच और सियासी घटनाक्रमों पर कई एक्सक्लूसिव रिपोर्ट्स की हैं, जिन्हें राष्ट्रीय स्तर पर सराहा गया है।

और पढ़ें
End of Article