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EV में क्यों लगती है आग? ऐसे रखें अपनी गाड़ी को सुरक्षित, इन बातों को न करें नजरअंदाज

नोएडा में हुए एक हादसे ने एक बार फिर इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) की बैटरी सेफ्टी को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। आखिर ईवी में आग क्यों लगती है और सुरक्षा को लेकर किन बातों का ध्यान रखा जाना चाहिए?

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इलेक्ट्रिक व्हीकल में क्यों लगती है आग (AI Generated Image)

हाल ही में नोएडा के ममूरा गांव में हुए एक हादसे ने एक बार फिर इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) की बैटरी सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। शुरुआती जांच में पता चला कि एक इलेक्ट्रिक व्हीकल चार्जिंग के दौरान आग की चपेट में आ गया थी। इस घटना के बाद यह जानना जरूरी हो गया है कि आखिर EV बैटरियों (EV Batteries) में आग क्यों लगती है और ऐसी घटनाओं से बचने के लिए किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।

EV बैटरी में आग लगने की सबसे बड़ी वजह क्या है?

जानकारों की मानें तो भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों में लगने वाली अधिकांश आग की घटनाएं "थर्मल रनअवे (Thermal Runaway)" नामक प्रक्रिया से जुड़ी होती हैं। यह सामान्य इलेक्ट्रिकल स्पार्क से नहीं, बल्कि लिथियम-आयन बैटरी के किसी सेल में होने वाली आंतरिक खराबी से शुरू होती है। बैटरी के अंदर अगर किसी कारण से शॉर्ट सर्किट, ओवरहीटिंग या कोई तकनीकी खराबी होती है, तो एक सेल तेजी से गर्म होने लगता है। यह गर्मी आसपास के दूसरे सेल तक पहुंच जाती है और फिर एक के बाद एक सभी सेल प्रभावित होने लगते हैं। इसी प्रक्रिया को थर्मल रनअवे कहा जाता है।

आग इतनी तेजी से क्यों फैलती है?

जब बैटरी के सेल खराब होने लगते हैं, तो वे ज्वलनशील इलेक्ट्रोलाइट और गैसें छोड़ते हैं। यही गैसें आग को तेजी से फैलाने का काम करती हैं। यही वजह है कि लिथियम-आयन बैटरी में लगी आग सामान्य आग की तुलना में अधिक गर्म होती है और तेजी से फैल सकती है। जानकार बताते हैं कि केवल पानी डालकर ऐसी आग को पूरी तरह बुझाना आसान नहीं होता, क्योंकि बैटरी के अंदर गर्मी लगातार बनती रहती है। आग की लपटें शांत होने के बाद भी बैटरी दोबारा सुलग सकती है। इसलिए दमकल कर्मी अक्सर आग बुझाने के साथ-साथ बैटरी को लंबे समय तक ठंडा करने के लिए काफी मात्रा में पानी का इस्तेमाल करते हैं।

EV चार्ज करते समय किन बातों का रखें ध्यान?

विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि हमेशा वाहन निर्माता द्वारा अप्रूव्ड चार्जर का ही इस्तेमाल किया जाना चाहिए। गाड़ी को ऐसी जगह पर चार्ज किया जाना चाहिए, जहां पर्याप्त वेंटिलेशन हो और बिजली की वायरिंग अच्छी स्थिति में हो। इसके अलावा, लोकल रिपेयर या बैटरी में अनऑथराइज्ड बदलाव करवाने से बचना चाहिए, क्योंकि इससे बैटरी की सुरक्षा प्रणाली प्रभावित हो सकती है।

इन संकेतों को बिल्कुल नजरअंदाज न करें

अगर चार्जिंग के दौरान या इस्तेमाल के दौरान बैटरी जरूरत से ज्यादा गर्म होने लगे, बैटरी फूली हुई दिखाई दे, जलने या केमिकल जैसी गंध आए, धुआं निकलने लगे या बार-बार चार्जिंग में समस्या आए, तो तुरंत व्हीकल का इस्तेमाल बंद कर देना चाहिए। ऐसी स्थिति में गाड़ी को जल्द से जल्द ऑथराइज्ड सर्विस सेंटर या डीलर के पास जांच के लिए ले जाना चाहिए।

Shivani Kotnala
शिवानी कोटनालाauthor

शिवानी कोटनाला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सीनियर कॉपी एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। पत्रकारिता के करियर में 3 साल से ज्यादा के अनुभव के साथ शिवानी ने बिजनेस और टेक से जुड़ी खबरों पर काम किया है। यूटीलिटी, शेयर बाजार, पर्सनल फाइनेंस, बैंकिंग से जुड़ी खबरों पर वह लगातार लिख रही हैं। शिवानी ने डिजिटल के साथ-साथ न्यूज एजेंसी में भी काम किया है।

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