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इस सब्जेक्ट में UPSC टॉपर भी हो जाते हैं फेल, IAS को पोस्टिंग से पहले देना होता है ये एग्जाम

मसूरी स्थित लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी (LBSNAA) में ट्रेनिंग के दौरान कई ट्रेनी अफसरों को परीक्षाओं में असफलता का सामना करना पड़ता है। आपको जानकर हैरानी होगी कि एक सब्जेक्ट ऐसा है जिसमें यूपीएससी टॉपर भी फेल हो जाते हैं।

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इस सब्जेक्ट में UPSC टॉपर भी हो जाते हैं फेल

संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) द्वारा आयोजित सिविल सेवा परीक्षा देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में गिनी जाती है। हर साल लाखों अभ्यर्थी इस परीक्षा में शामिल होते हैं, लेकिन कुछ चुनिंदा उम्मीदवार ही IAS जैसी प्रतिष्ठित सेवा तक पहुंच पाते हैं। हालांकि, UPSC क्रैक करने के बाद भी IAS अधिकारियों का सफर आसान नहीं होता। मसूरी स्थित लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी (LBSNAA) में ट्रेनिंग के दौरान कई ट्रेनी अफसरों को परीक्षाओं में असफलता का सामना करना पड़ता है। आपको जानकर हैरानी होगी कि एक सब्जेक्ट ऐसा है जिसमें यूपीएससी टॉपर भी फेल हो जाते हैं।

IAS अधिकारियों की परीक्षा

RTI आंकड़ों के मुताबिक, पिछले पांच वर्षों में कम से कम 24 IAS प्रोबेशनर्स LBSNAA में एक या उससे अधिक परीक्षाओं में फेल हुए। इनमें से 14 मामले अकेले 2025 और 2026 के बताए गए हैं। LBSNAA में IAS अधिकारियों की करीब दो साल की अनिवार्य ट्रेनिंग होती है। इस दौरान उन्हें कई विषयों की परीक्षाएं देनी पड़ती हैं। जानकारी के अनुसार, अधिकारियों को अपने आवंटित कैडर राज्य की स्थानीय भाषा की परीक्षा भी देनी होती है। रिपोर्ट के अनुसार, स्थानीय भाषा की परीक्षा में कई प्रोबेशनर्स को बैकलॉग का सामना करना पड़ता है।

पूर्व आईएएस ने बताई सच्चाई

पूर्व आईएएस अधिकारी गौरव कौशल ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट X पर एक वीडियो शेयर करते हुए इस बात की जानकारी दी है। गौरव कौशल का चयन साल 2012 में हुआ था लेकिन उन्होंने IAS पद छोड़ दिया था।

उन्होंने बताया कि ट्रेनी अधिकारियों के लिए लोक प्रशासन, कानून, भारतीय अर्थव्यवस्था और बुनियादी आर्थिक सिद्धांत, राजनीतिक अवधारणाएं और संविधान, प्रबंधन व व्यवहार विज्ञान जैसे विषयों की पढ़ाई और परीक्षा जरूरी होती है। हर विषय में पास होने के लिए न्यूनतम 50 प्रतिशत अंक जरूरी हैं। अधिकारियों को सभी निर्धारित परीक्षाएं सेवा में शामिल होने के चार साल के भीतर पास करनी होती हैं। किसी भी विषय में फेल होने पर उस विषय का दोबारा टेस्ट होता है। कन्फर्म सर्विस के लिए ट्रेनिंग की परीक्षाओं में पास होना अनिवार्य है।

जानकारी के अनुसार, ट्रेनिंग के दौरान मिले अंक बैच की वरिष्ठता तय करने में भूमिका निभाते हैं। यानी UPSC में सफलता के बाद भी IAS अधिकारियों के लिए असली चुनौती खत्म नहीं होती, बल्कि LBSNAA में ट्रेनिंग के दौरान उनकी एक और कड़ी परीक्षा शुरू होती है।

Kuldeep Raghav
कुलदीप राघवauthor

कुलदीप राघव प्रिंट और डिजिटल पत्रकारिता में 13 वर्षों से अधिक अनुभव का रखने वाले पत्रकार हैं। टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में वह एजुकेशन सेक्शन को लीड कर रहे हैं। एजुकेशन सेक्टर की गहरी समझ और लगातार फील्ड-ओरिएंटेड रिपोर्टिंग के कारण कुलदीप इस बीट के भरोसेमंद पत्रकारों में गिने जाते हैं। वे स्कूल और उच्च शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाएं, एडमिशन और काउंसलिंग प्रोसेस, स्कॉलरशिप, करियर गाइडेंस, जॉब अलर्ट, स्किल डेवलपमेंट और युवाओं से जुड़े सामाजिक-शैक्षणिक मुद्दों पर तथ्यात्मक और आसान भाषा में खबरें पब्लिश करते हैं। कुलदीप ने अब तक 18,000 से अधिक बाइलाइन स्टोरीज लिखी हैं, जिनमें कई एक्सक्लूसिव रिपोर्ट्स, विश्लेषण, डेटा आधारित रिपोर्ट्स और एक्सप्लेनर शामिल हैं।

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