हर ऑफिस की अलग-अलग पॉलिसी होती है। कहीं पर इन पॉलिसी को लेकर थोड़ी बहुत ऊपर-नीचे हो जाता है। मगर कुछ जगहों पर कंपनी की पॉलिसी से कोई समझौता नहीं होता। ऐसे में कंपनी की पॉलिसी की मार कई बार कर्मचारियों पर पड़ती है। इसकी ही भुक्त भोगी एक महिला कर्मचारी का वीडियो इस वक्त सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। जहां महिला का दावा है कि उसके ऑफिस वालों ने उसके लेट आने पर उसकी सैलरी से 11000 रुपए काट लिए।
महिला की सैलरी से काट लिए गए 11 हजार रुपए
वीडियो में महिला को यह कहते हुए सुना जा सकता है कि, "फरवरी की मेरी सैलरी आई दोस्तों और ऑफिस वालों ने लेट आने के लिए मेरी सैलरी से 11 हजार रुपए काट लिए।" महिला ने आगे बताया कि ऑफिस में ज्वाइनिंग से पहले लेट आने को लेकर इस मुद्दे पर उसकी उनके साथ बातचीत हो चुकी थी और उनलोगों ने यह स्वीकार किया था कि उसके लेट आने पर उन्हें कोई दिक्कत नहीं है। फिर भी ऑफिस वालों ने उसकी सैलरी से 11 हजार रुपए काट लिए हैं। जो कि कम नहीं होते।
महिला ने वीडियो में बताया लेट आने का कारण
महिला ने आगे कहा कि, "अगर कोई सिर्फ अपनी सैलरी पर डिपेंड है तो उसके लिए उसकी सैलरी से इतना बड़ा अमाउंट कटना बहुत बड़ी बात है। अगर मैं ऑफिस कैंपस में नहीं होती तो इनका सैलरी काटना जायज होता। मगर जब मैं ऑफिस में हूं और फिर भी मेरी सैलरी कट हो जाए तो ये कहीं से भी सही नहीं है। मैं हर रोज कैंपस में थी और मैंने रोज मेहनत की थी। इसके बावजूद अगर ऑफिस वाले यह कहते हैं कि हमने लेट आने वाले हर किसी की सैलरी काटी है तो मैं उन्हें बता दूं कि मेरे स्कूल में कई लोग ऐसे हैं जो स्कूल के आसपास रहते हैं और स्कूल अपनी कार, बाइक और चार पहिया वाहन से आते हैं। मगर मैं एक ऐसी कर्मचारी थी जो पब्लिक ट्रांसपोर्ट से आती थी और दूर से आती थी। हर रोज इतना स्ट्रगल करके आने के बाद भी अगर ये मेरी सैलरी से 11000 रुपए काट लेते हैं तो फिर मैं कल से ही स्कूल आना बंद कर दूंगी।"
वीडियो पर आई लोगों की मिलीजुली प्रतिक्रिया
महिला ने इस वीडियो को अपने इंस्टाग्राम अकाउंट @lifeofswa से शेयर किया है। जिसे अब तक लाखों लोगों ने देखा और हजारों लोगों ने लाइक किया है। महिला के इस वीडियो पर कई लोगों ने कमेंट कर इसमें महिला की ही गलती बताई तो कई लोगों ने उसके प्रति सहानुभूति दिखाई।
डिस्क्लेमर: इस खबर में दी गई जानकारी सोशल मीडिया पोस्ट पर आधारित है। टाइम्स नाउ नवभारत किसी भी प्रकार के दावे की पुष्टि नहीं करता है।
