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'मैं उसकी तरह नहीं खेल सकता...' कोलंबो में 7वें नंबर पर शानदार शतक लगाने के बाद जुरेल ने क्या कुछ कहा, बताया किससे लेते हैं सलाह

IND vs SL 2nd Test: भारत-श्रीलंका दूसरे टेस्ट मैच में कोलंबो के मैदान पर पहली पारी में टीम इंडिया की तरफ से दो शतक लगे। टॉप ऑर्डर में जहां देवद्त पडिक्कल ने लगातार दूसरे टेस्ट में सेंचुरी बनाई, वहीं सातवें नंबर पर बैटिंग करने आए ध्रुव जुरेल ने नाबाद शतकीय पारी खेलकर इतिहास रचा। दिन का खेल खत्म होने के बाद जुरेल ने ऋषभ पंत की खूब तारीफ की और बताया कि वो उनसे सलाह भी लेते हैं।

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ध्रुव जुरेल

Photo : AP
KEY HIGHLIGHTS
  • भारत-श्रीलंका दूसरा टेस्ट मैच
  • कोलंबो में ध्रुव जुरेल ने जड़ा करियर का दूसरा शतक
  • शानदार पारी के बाद दिल खोलकर बात की

IND vs SL 2nd Test: ध्रुव जुरेल का इंस्टाग्राम बायो बेहद सरल, लेकिन आकर्षक है ’मांबा मेंटालिटी’। यह शब्द बास्केटबॉल के दिग्गज कोबे ब्रायंट ने खुद का सर्वश्रेष्ठ रूप हासिल करने की अपनी निरंतर कोशिश और मानसिकता को व्यक्त करने के लिए गढ़ा था। श्रीलंका के खिलाफ दूसरे टेस्ट के दूसरे दिन सोमवार को जुरेल की नाबाद 115 रन की पारी इस सोच के प्रति उनकी प्रतिबद्धता की गवाही देती है।

एक छोर पर ऋषभ पंत अपने चिर-परिचित आक्रामक अंदाज में 63 रन बनाये। उनके साथ जुरेल ने 112 रन की साझेदारी की, लेकिन युवा विकेटकीपर बल्लेबाज ने अपना स्वाभाविक खेल नहीं छोड़ा और अपनी शैली पर भरोसा करते हुए रन जुटाए। जुरेल ने दिन का खेल खत्म होने के बाद संवाददाता सम्मेलन में पंत जैसे आक्रामक बल्लेबाज के साथ बल्लेबाजी करने की रणनीति के बारे में पूछे जाने पर कहा, "हम सभी जानते हैं कि पंत कितने शानदार खिलाड़ी हैं और उन्होंने ऑस्ट्रेलिया तथा इंग्लैंड में भारत के लिए क्या किया है। इसलिए जब वह क्रीज पर होते हैं तो मैं उनसे सलाह लेता हूं, क्योंकि उनके पास काफी अनुभव है। मैं उनसे पूछता रहता हूं कि किसी खास परिस्थिति में मुझे क्या करना चाहिए।"

मैं पंत की तरह नहीं खेल सकता

जुरेल ने टेस्ट करियर के दूसरे शतक को अपने माता-पिता को समर्पित किया। जुरेल से जब पूछा गया कि क्या पंत के आक्रामक अंदाज को देखकर उन्हें भी उसी तरह खेलने का मन करता है? तो उन्होंने कहा, "आप देख सकते हैं कि टेस्ट क्रिकेट को खेलने की अलग-अलग शैली हो सकती है और यह खेल को बेहतर बनाता है। पंत के साथ खेलना शानदार अनुभव है। मैं उनकी तरह नहीं खेल सकता। वह बचपन से इसी अंदाज में खेलते आए हैं।"

कोलंबो टेस्ट के दौरान ऋषभ पंत और ध्रुव जुरेल

कोलंबो टेस्ट के दौरान ऋषभ पंत और ध्रुव जुरेल

उन्होंने कहा, "मेरा ध्यान इस बात पर रहता है कि किस गेंदबाज पर दबाव बनाया जाए और किस स्पेल को संभलकर खेलना है। मैं हमेशा पंत से पूछता हूं, क्योंकि वह विकेटकीपर हैं, मैं भी विकेटकीपर हूं और हम मध्यक्रम में बल्लेबाजी करते हैं। इसलिए यह मेरे लिए बहुत अच्छा अनुभव है।" जुरेल ने दिन के आखिर में विकेटकीपिंग की जिम्मेदारी भी संभाली। उन्होंने पंत की फिटनेस पर कहा कि उनके दाएं कंधे पर चोट लगी है और टीम उनकी स्थिति पर करीबी नजर रख रही है। जुरेल ने कहा, "आज मैंने विकेटकीपिंग की, क्योंकि उनका कंधा थोड़ा चोटिल था। उम्मीद है कि वह कल तक फिट हो जाएंगे।"

कैसी रही जुरेल की पारी

जुरेल 99 रन तक बेहद संयमित बल्लेबाजी करने के बाद कुछ समय तक रन निकालने में विफल रहे। उन्होंने अपने दौड़ लगाकर किसी तरह एक रन चुराकर शतक पूरा किया। 25 वर्षीय बल्लेबाज ने इस घटनाक्रम को मजाकिया अंदाज में याद किया। उन्होंने कहा कि 99 रन तक उन्हें आसानी से रन मिल रहे थे, लेकिन उसके बाद गेंदबाज असिता फर्नांडो ने बेहतर लेंथ पर गेंदबाजी शुरू की और श्रीलंकाई क्षेत्ररक्षण भी ज्यादा चुस्त हो गया। फर्नांडो की गेंद पर सीधे बल्ले से शॉट खेलने के बाद जब जुरेल ने गेंद के सामने फील्डर को तेजी से आते देखा तो उन्हें लगा, "ओह! मैंने ये क्या कर दिया।" शतक पूरा करने के बाद जुरेल ने सलामी दी और अपनी बांह पर बना ’जय जवान, जय किसान’ का टैटू दिखाया।

क्या हैं टैटू के मायने?

ध्रुव जुरेल ने बताया कि उनके दादा किसान थे और पिता सैनिक रहे हैं। उन्होंने कहा, "यही मेरी जड़ें हैं और मैं इन्हें भूलना नहीं चाहता। इसलिए वह सलामी मेरे पिता और दादा के लिए थी।"

जुरेल ने यह भी बताया कि भारत ’ए’ के साथ श्रीलंका का दौरा करने से उन्हें मौजूदा श्रृंखला की तैयारी में काफी मदद मिली।

शतक लगाने के बाद अपना टैटू दिखाते ध्रुव जुरेल

शतक लगाने के बाद अपना टैटू दिखाते ध्रुव जुरेल

उन्होंने अपने शतक को पूरा करने में मदद करने वाले मोहम्मद सिराज का भी खास तौर पर जिक्र किया। सिराज ने 29 गेंदें खेलकर जुरेल को शतक पूरा करने का मौका दिया। जुरेल ने मुस्कुराते हुए कहा कि जब भी वह सिराज से बात करते हैं, उन्हें लगता है कि सिराज उनसे ज्यादा जश्न मनाते हैं। उन्होंने सिराज की रक्षात्मक बल्लेबाजी की भी तारीफ की।

Shivam Awasthi
शिवम अवस्थीauthor

शिवम् अवस्थी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में स्पोर्ट्स डेस्क के इंचार्ज हैं। इनको खेल पत्रकारिता में तकरीबन 17 सालों का अनुभव है। इनको क्रिकेट, फुटबॉल और टेनिस में खास रुचि है। उन्हें खेलना भी पसंद है और वो देहरादून में फुटबॉल व क्रिकेट इंटर डिस्ट्रिक्ट चैंपियनशिप में विजेता टीम के कप्तान भी रहे। पत्रकारिता में कदम रखने के कुछ समय बाद कॉमनवेल्थ गेम्स 2010 का संपूर्ण फील्ड कवरेज किया और कई ब्रेकिंग न्यूज दी। कई चर्चित भारतीय एथलीटों के इंटरव्यू लिए हैं। 2011 वनडे क्रिकेट वर्ल्ड कप का ऑनफील्ड रहकर शहर-शहर घूमते हुए पूरा टीवी कवरेज किया। विश्व कप से पहले युवा विराट कोहली का इंटरव्यू किया। डिजिटल जैसे-जैसे आगे बढ़ा उन्हें ब्रेट ली, सुनील गावस्कर, राहुल द्रविड़, जैसे तमाम धुरंधरों के साक्षात्कार किए और 16 वर्षीय ऋषभ पंत का पहला डिजिटल इंटरव्यू किया जिसे इंग्लिश और हिंदी वेबसाइट पर काफी रीडरशिप मिली। उन्होंने स्पोर्ट्स मल्टी पॉडकास्ट भी किया। आईपीएल के 18 सीजन से ऑनफील्ड जुड़े रहे। अब तक तकरीबन 6000 से ज्यादा एक्सक्लूसिव स्टोरीज लिख चुके हैं। साल 2025 में खेल जगत के तमाम बड़े रिकॉर्ड्स व आंकड़ों को ट्रैक किया है और उन पर आर्टिकल तैयार किए हैं।

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