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इंसान या फिर डिलीवरी मशीन...40 साल में 27 बार प्रेग्नेंट हुई महिला, 69 बच्चों को जन्म देकर बनाया अनोखा रिकॉर्ड

रूस की एक मह‍िला ने 69 बच्‍चे पैदा कर अनोखा वर्ल्ड रिकॉर्ड बना डाला। इस दौरान उसने 16 बार जुड़वां, 7 बार तीन बच्चों को और 4 बार चार बच्चों को जन्म दिया।

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69 बच्चों को जन्म देकर बनाया अनोखा रिकॉर्ड (प्रतीकारात्मक चित्र - iStock)

Ajab Gajab News: आज के समय में एक-दो बच्चों को पालना ही इंसान के लिए काफी चैलेंजिंग हो गया है। ऐसे में अगर ये सुनने को मिले कि किसी ने 69 बच्चे पैदा कर दिए तो आप क्या कहेंगे? ये बात थोड़ी फिल्मी, थोड़ी कहानी टाइप वाली लगती है लेकिन ये बात बिल्कुल सच है। इस महिला का नाम वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज है, जो आज तक बरकरार है। ये महिला कुल 27 बार प्रेग्नेंट हुई और 69 बच्चों को जन्म दिए। इस दौरान महिला ने 16 बार जुड़वां, 7 बार तीन बच्चों को और 4 बार चार बच्चों को जन्म दिया। ऐसा कर महिला का नाम ग‍िनीज बुक में दर्ज हो गया है।

जानकारी के मुताबिक, ये महिला रूस के शुआ इलाके की रहने वाली थी, जो एक मठ से जुड़ी थी। मठ की ओर प्राप्त दस्तावेजों में महिला के पत‍ि का नाम फेओडोर वासिलीव (Feodor Vassilyev) बताया गया है। किसी महिला के इतने अधिक बच्चों को जन्म देने वाली बात असंभव सी लग रही है लेकिन मठ की रिपोर्ट में इसके बारे में पूरी जानकारी दी गई है। मॉस्को को निकोलस्क के मठ के अनुसार, 1725-65 के बीच ये महिला कुल 27 बार प्रेग्‍नेंट हुई। इस बीच महिला ने कुल 69 बच्चों को जन्म दिया।

आज के समय में असंभव है 69 बच्चों को जन्म देना

कुछ लोगों की दावा है कि महिला का नाम वेलेंटीना वासिलीव था। हालांकि, इसके बारे में पूरी जानकारी सामने नहीं आई है। रिपोर्ट की मानें तो महिला के पति फेओडोर वासिलीव ने एक अन्‍य मह‍िला से भी शादी की थी। वह महिला भी 8 बार प्रेग्‍नेंट हुई थी और उसने 18 बच्‍चों को जन्म दिया था। इनमें 6 जुड़वां बच्‍चे हुए थे। फेओडोर के दोनों पत्नियों से मिलाकर कुल 87 बच्चे पैदा हुए थे, जिनमें से 7 की मौत हो गई थी और बाकी जिंदा रहे। वैज्ञानिकों में आज भी इस बात को लेकर बहस छिड़ी हुई थी कि आखिर कैसे एक महिला 40 साल में 27 बार प्रेग्नेंट हो सकती है और इतने बच्चों को जन्म दे सकती है।

Kishan Gupta
किशन गुप्ताauthor

<p>देश की धार्मिक राजधानी काशी में जन्म लिया और घाटों पर खेल-कूदकर बड़ा हुआ। साल 2019 में महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में मास्टर्स डिग्री ली। यही से पत्रकारिता की शुरुआत भी हुई। इसी साल जुलाई में हैदराबाद स्थित रामोजी रॉव के स्वामित्व वाले ईटीवी भारत से करियर की शुरुआत हुई। बतौर ट्रेनी यहां एक साल से अधिक का समय बिताया। यह पहली दफा था, जब घर से दूर निकला था। लेकिन चस्का था तो काम करने, एक अच्छा पत्रकार बनने का। यहां रहकर चंद्रयान - 2 को कवर करने का मौका मिला। इसके बाद राजस्थान में शिक्षक भर्ती को लेकर उम्मीदवारों की ओर से हुए हिंसक विरोध को भी करीब से देखा। इस दौरान पथराव का भी सामना करना पड़ा। लेकिन काम करने का एक जुनून था। यह पहली दफा था, जब मैंने किसी बड़ी न्यूज को कवर किया था। इसके बाद ये सिलसिला चलता गया। कुछ समय ऐसा भी आया, जब होम पेज भी काम करने को मिला। करीब एक साल से अधिक समय बिताने के बाद ईटीवी भारत से अलविदा लिया और अपने गृह जिले में पहुंचा, जहां के एक लोकल चैनल टूडेज इंडिया न्यूज में काम करने का मौका मिला। यहां करीब डेढ़ साल से अधिक का समय बिता, जहां रहकर बनारस के साथ-साथ पूर्वांचल को भी कवर करने का मौका मिला। राजनीति और क्राइम की खबरों में खासा रूचि होने के कारण अक्सर फोकस भी इसी पर रहता था। इस दौरान कोविड के दंश को भी देखा। कोरोना काल का यह वो भयानक मंजर था, जिसकी किसी को आशंका न थी। इस दौरान खबरों के माध्यम से देश के दुख-दर्द को करीब से महसूस करने का मौका मिला। फिर मई 2022 में वनइंडिया ज्वाइन कर ली, यहां से फीचर राइटिंग की शुरुआत करते हुए मैंने ट्रैवेल पर काम करना शुरू किया। ऑफिस बैंगलोर था, तो वहां जाने के लिए काफी सोचना भी पड़ा लेकिन दिमाग में था कि बड़ा कुछ करना है तो देश की आर्थिक राजधानी के लिए निकल पड़ा। यहां काफी कम समय ही बिता, करीब 9 महीने तक काम करने के बाद यहां से अलविदा लिया। फिर समय आया देश के प्रतिष्ठित संस्थान टाइम्स नेटवर्क से जुड़ने का। मार्च 2023 में मैं Timesnowhindi.com के वायरल टीम से जुड़ा। इस बीच तमाम ट्रेंडिंग, वायरल और अजब-गजब जैसी कई खबरें की। बीट अलग होने के कारण थोड़ा चैलेंजिंग था लेकिन उस चैलेंज को पूरा करते हुए और चुनौतियों का सामना करते हुए आज एक साल से ऊपर का समय हो गया है।</p>

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