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Ajab Gajab: दुनिया का इकलौता देश जहां एक भी नदी नहीं! फिर भी अमीरी में सबसे आगे

Ajab Gajab: सऊदी अरब दुनिया का सबसे बड़ा ऐसा देश है जहां कोई स्थायी नदी नहीं बहती। यहां पानी की जरूरत समुद्र के खारे पानी को मीठा बनाने वाले डिसेलिनेशन प्लांट्स और भूजल स्रोतों से पूरी की जाती है, जबकि देश का ज्यादातर हिस्सा रेगिस्तान से ढका हुआ है।

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Ajab Gajab: दुनिया का इकलौता देश जहां एक भी नदी नहीं! (फोटो: iStock)

Ajab Gajab: सऊदी अरब से जुड़ा एक दिलचस्प तथ्य यह है कि वहां कोई भी स्थायी यानी बारहमासी नदी नहीं बहती। भूगोल के अनुसार, यह दुनिया का सबसे बड़ा ऐसा देश माना जाता है जहां सालभर बहने वाली प्राकृतिक नदी मौजूद नहीं है। वहां सिर्फ “वादी” मिलते हैं। वादी ऐसी सूखी नदी घाटियां होती हैं, जिनमें बारिश के समय थोड़े समय के लिए पानी आता है, लेकिन कुछ समय बाद फिर सूख जाती हैं। इसलिए इन्हें स्थायी नदी नहीं माना जाता।

सऊदी अरब का ज्यादातर हिस्सा रेगिस्तान से ढका हुआ है। देश का लगभग 90 प्रतिशत से ज्यादा इलाका रेगिस्तानी या अर्ध-रेगिस्तानी है। यहां का मौसम बहुत गर्म और सूखा रहता है, इसलिए बारिश बहुत कम होती है। कुछ दक्षिण-पश्चिमी पहाड़ी इलाकों में थोड़ी ज्यादा बारिश जरूर होती है, लेकिन इतनी नहीं कि कोई बड़ी नदी बन सके। इसी कारण यहां प्राकृतिक मीठे पानी की भारी कमी रहती है।

सऊदी अरब दुनिया के सबसे अमीर देशों में शामिल

इसके बावजूद सऊदी अरब दुनिया के सबसे अमीर देशों में गिना जाता है। इसका मुख्य कारण यहां मौजूद विशाल तेल भंडार हैं। तेल से होने वाली कमाई की वजह से देश ने पानी की कमी से निपटने के लिए आधुनिक तकनीकों का सहारा लिया है। पानी की जरूरत पूरी करने के लिए सऊदी अरब समुद्र के खारे पानी को मीठा बनाने वाले डिसेलिनेशन प्लांट्स का बड़े स्तर पर इस्तेमाल करता है। यह देश दुनिया में सबसे ज्यादा डिसेलिनेटेड पानी बनाने वालों में शामिल है। यहां पीने के पानी का बड़ा हिस्सा ऐसे ही प्लांट्स से आता है। ये प्लांट लाल सागर और अरब सागर से पानी लेकर उसे साफ और मीठा बनाते हैं।

इसके अलावा कुछ पानी पुराने भूजल स्रोतों यानी फॉसिल एक्विफर्स से भी लिया जाता है। यह पानी हजारों साल पुराना होता है और धीरे-धीरे खत्म हो रहा है, इसलिए इसे लंबे समय तक इस्तेमाल करना चुनौतीपूर्ण माना जाता है। कुल मिलाकर, सऊदी अरब एक ऐसा देश है जहां प्राकृतिक नदियां नहीं हैं, लेकिन आधुनिक तकनीक और तेल से मिली आर्थिक ताकत की वजह से वहां पानी की जरूरत पूरी की जाती है। यही बात इसे भूगोल की नजर से बेहद अनोखा और दिलचस्प बनाती है।

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मोनू झाauthor

मोनू कुमार टाइम्स नाउ नवभारत की डिजिटल टीम में वायरल और ट्रेंडिंग डेस्क पर काम कर रहे हैं। न्यूजरूम में 4 साल से अधिक का अनुभव रखने वाले मोनू वायरल कंटेंट, ऑफबीट खबरों और सोशल मीडिया ट्रेंड्स को पहचानने में बेहद दक्ष हैं। यूनीक एंगल तलाशने और कहानियों को आकर्षक अंदाज में प्रस्तुत करने की उनकी क्षमता उन्हें डिजिटल कंटेंट स्पेस में अलग पहचान देती है। मोनू कुमार 4,000 से अधिक स्टोरीज लिख चुके हैं, जिनमें कई वायरल रिपोर्ट्स, ट्रेंड-बेस्ड अपडेट्स और सोशल मीडिया-फोकस्ड कंटेंट शामिल हैं।

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