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Ajab Gajab: ना ही नीला और ना ही गाय, फिर क्यों कहलाता है नीलगाय, सच्चाई जान दंग रह जाएंगे

Ajab Gajab: दुनिया में कई तरह के जीव पाए जाते हैं। सभी की बनावट और खासियत भी अलग है। लेकिन, कुछ जीव ऐसे भी हैं, जिन्हें लेकर अक्सर लोग कन्फ्यूज हो जाते हैं। नीलगाय को लेकर भी ऐसा ही है।

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क्यों कहते हैं नीलगाय?

Ajab Gajab: इस धरती पर एक से एक अनोखे जीव-जंतु पाए जाते हैं। कुछ तो हमारे आस-पास आसानी से दिख जाते हैं। जबकि, कईयों से अब तक हम सब अनजान हैं। समय-समय पर जीवों को लेकर कई तरह के खुलासे भी होते हैं, जिनके बारे में जानकर दुनिया कई बार हैरान रह जाती है। वहीं, कुछ जीव ऐसे भी हैं, जिन्हें हम अक्सर देखते हैं, उनके बारे में सुनते भी रहते हैं। लेकिन, उन जीवों की सच्चाई के बारे में ज्यादातर लोग नहीं जानते हैं। आज हम आपको एक ऐसे ही जीव से रू-ब-रू से कराने जा रहे हैं, जिसके बारे में जानकर एक पल के लिए आप भी जरूर चौंक जाएंगे। नीलगाय (Nilgai) के बारे में आप सबने जरूर सुना होगा। कुछ लोगों ने तो इसे देखा भी होगा। लेकिन, कभी सोचा है ना तो यह नीला होता है और ना ही ये गाय है, तो भी क्यों उसे नीलगाय कहा जाता है? आइए, जानते हैं क्या है पूरा मामला?

    नीलगाय को लेकर अक्सर कई तरह की खबरें सामने आती रहती है। कई बार नीलगाय फसलों को बर्बाद कर देते हैं। तो कई बार सड़क पर आकर यातायात को भी प्रभावित करते रहते हैं। भारत में नीलगाय को लेकर काफी चर्चा होती है। दिखने में नीलगाय स्लेटी रंग की होती है और यह घोड़े की तरह लगती है। इतना ही नहीं नीलगाय काफी लंबी छलांग भी लगाती है। इसके अलावा नीलगाय का पिछला हिस्सा अगले हिस्से कम ऊंचा होता है। लिहाजा, दिखने के बाजवूद यह घोड़े की तरह दौड़ नहीं सकती है। नर नीलगाय का रंग का ग्रे होता है, जबकि मादा का रंग भूरा होता है। हालांकि, दूर से दिखने में नीले रंग का मालूम होता है। वहीं, मादा नीलगाय अपने कान के रंग के कारण गाय की तरह दिखती है।
    Nilgai

    क्यों कहा जाता है नीलगाय?

    नीलगाय की सच्चाई

    आपको बता दें कि रंग और कान के कारण इसे नीलगाय कहा जाता है। नीलगाय की गिनती जंगली जानवरों में होती है। कई लोगों को यह भी भ्रम होता है कि नीलगाय को नीलगाय इसलिए कहते हैं, क्योंकि, इसका रंग नीला-भूरा होता है और कान गाय की तरह दिखता है। आपको जानकर हैरानी होगी कि नीलगाय वास्तव में हिरण परिवार का सदस्य है। यह एशिया की सबसे बड़ी एंटीलोप प्रजाति है। केवल नर नीलगाय को ही सींग होते हैं, वहीं मादा बिना सींग की होती है।

    Kaushlendra Pathak
    कौशलेंद्र पाठकauthor

    कौशलेंद्र पाठक टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में वायरल सेक्शन के लीड के रूप में कार्यरत हैं। मास कम्युनिकेशन में मास्टर डिग्री हासिल करने के बाद उनका सफर ग्राउंड रिपोर्टिंग से डिजिटल डेस्क तक फैला, जहां उन्होंने कंटेंट की विविध शैलियों को नजदीक से समझा। अजब-गजब, अनोखी, सोशल और ट्रेंडिंग कंटेंट पर उनकी गहरी पकड़ और तेज न्यूज सेंस ने उन्हें डिजिटल दुनिया में एक अलग पहचान दिलाई। वायरल सेक्शन के लीड के रूप में कौशलेंद्र का ध्यान हमेशा ऐसे कंटेंट पर रहता है जो रीडर्स को नई, दिलचस्प और अनजानी कहानियों से रूबरू कराए—हर बार कुछ अलग, कुछ नया।

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