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Ajab Gajab: बेटे के हाथ लगी पिता की मार्कशीट, अंकपत्र देख लड़का बोला - हमें पास होने के लिए बोलते रहते हैं और खुद..

एक लड़के ने अपने पिता की 1990 की मार्कशीट सोशल मीडिया पर पोस्ट की, जिसमें उन्हें सभी विषयों में फेल दिखाया गया। इस पोस्ट ने दर्शकों को हंसाया और समाज में शिक्षा और सफलता के बारे में महत्वपूर्ण विचार प्रस्तुत किया।

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बच्चे ने शेयर की अपने पिताजी की मार्कशीट (X)

KEY HIGHLIGHTS
  • पिता की मिली 1990 की मार्कशीट
  • सभी विषयों में फेल थे पिताजी
  • जमकर वायरल हो रहा ये पोस्ट

Child Found Father Failed Marksheet: हाल ही में एक लड़के ने अपने पिता की मार्कशीट सोशल मीडिया पर पोस्ट की, जिसमें वर्ष 1990 में उनके सभी विषयों में फेल होने का खुलासा होता है। लड़का अपनी वीडियो में मजाक करते हुए बताता है कि कैसे उनके पिता हमेशा उन्हें पास होने के लिए निर्देश देते थे, जबकि खुद उन्होंने हर विषय में असफलता का सामना किया। यह स्थिति न केवल हंसी का कारण बनी, बल्कि लोगों ने इसे एक महत्वपूर्ण संदेश के रूप में भी लिया।

इस वीडियो ने सामाजिक मीडिया में धूम मचाई है, जहां इसे चार लाख से अधिक लोग देख चुके हैं। कई यूजर्स ने इस वीडियो पर प्रतिक्रिया दी है, जिसमें कुछ ने कहा कि यह अच्छी सलाह थी कि पिता अपने बच्चों को उनके अनुभवों के जरिए प्रेरित कर रहे थे। एक उपयोगकर्ता ने कहा कि पिता की असफलता का मकसद अपने बेटे को सफल देखना था। उन्होंने इस बात का भी उल्लेख किया कि कभी-कभी माता-पिता का अनुभव और संघर्ष बच्चों के लिए एक मार्गदर्शक हो सकता है। ऐसे में माता-पिता का कहा कभी न टालें।

बच्चे ने शेयर की अपने पिताजी की मार्कशीट

हालांकि, कुछ प्रतिक्रियाएं मजाकिया अंदाज वाली भी थीं, जिसमें यह स्पष्ट होता है कि इस वीडियो ने दर्शकों को एक नई दृष्टि दी है। कई लोगों ने इसे एक पारिवारिक मजाक के रूप में लिया, जबकि कुछ ने इसे समाज में शिक्षा और सफलता के परिभाषा पर विचार करने का अवसर माना। इस प्रकार, यह वीडियो न केवल मनोरंजन का स्रोत बना, बल्कि गहरे संदेश का वाहक भी बना। इस पोस्ट को ट्विटर अकाउंट '@desi_bhayo88' से शेयर किया गया है।

Kishan Gupta
किशन गुप्ताauthor

<p>देश की धार्मिक राजधानी काशी में जन्म लिया और घाटों पर खेल-कूदकर बड़ा हुआ। साल 2019 में महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में मास्टर्स डिग्री ली। यही से पत्रकारिता की शुरुआत भी हुई। इसी साल जुलाई में हैदराबाद स्थित रामोजी रॉव के स्वामित्व वाले ईटीवी भारत से करियर की शुरुआत हुई। बतौर ट्रेनी यहां एक साल से अधिक का समय बिताया। यह पहली दफा था, जब घर से दूर निकला था। लेकिन चस्का था तो काम करने, एक अच्छा पत्रकार बनने का। यहां रहकर चंद्रयान - 2 को कवर करने का मौका मिला। इसके बाद राजस्थान में शिक्षक भर्ती को लेकर उम्मीदवारों की ओर से हुए हिंसक विरोध को भी करीब से देखा। इस दौरान पथराव का भी सामना करना पड़ा। लेकिन काम करने का एक जुनून था। यह पहली दफा था, जब मैंने किसी बड़ी न्यूज को कवर किया था। इसके बाद ये सिलसिला चलता गया। कुछ समय ऐसा भी आया, जब होम पेज भी काम करने को मिला। करीब एक साल से अधिक समय बिताने के बाद ईटीवी भारत से अलविदा लिया और अपने गृह जिले में पहुंचा, जहां के एक लोकल चैनल टूडेज इंडिया न्यूज में काम करने का मौका मिला। यहां करीब डेढ़ साल से अधिक का समय बिता, जहां रहकर बनारस के साथ-साथ पूर्वांचल को भी कवर करने का मौका मिला। राजनीति और क्राइम की खबरों में खासा रूचि होने के कारण अक्सर फोकस भी इसी पर रहता था। इस दौरान कोविड के दंश को भी देखा। कोरोना काल का यह वो भयानक मंजर था, जिसकी किसी को आशंका न थी। इस दौरान खबरों के माध्यम से देश के दुख-दर्द को करीब से महसूस करने का मौका मिला। फिर मई 2022 में वनइंडिया ज्वाइन कर ली, यहां से फीचर राइटिंग की शुरुआत करते हुए मैंने ट्रैवेल पर काम करना शुरू किया। ऑफिस बैंगलोर था, तो वहां जाने के लिए काफी सोचना भी पड़ा लेकिन दिमाग में था कि बड़ा कुछ करना है तो देश की आर्थिक राजधानी के लिए निकल पड़ा। यहां काफी कम समय ही बिता, करीब 9 महीने तक काम करने के बाद यहां से अलविदा लिया। फिर समय आया देश के प्रतिष्ठित संस्थान टाइम्स नेटवर्क से जुड़ने का। मार्च 2023 में मैं Timesnowhindi.com के वायरल टीम से जुड़ा। इस बीच तमाम ट्रेंडिंग, वायरल और अजब-गजब जैसी कई खबरें की। बीट अलग होने के कारण थोड़ा चैलेंजिंग था लेकिन उस चैलेंज को पूरा करते हुए और चुनौतियों का सामना करते हुए आज एक साल से ऊपर का समय हो गया है।</p>

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