Bihar News: कई लोगों का प्रश्न था कि बिहार में पंचायत चुनाव कब होंगे? लेकिन अब इसको लेकर तस्वीर साफ हो गई है, क्योंकि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने साफ कर दिया है कि नए परिसीमन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अगला पंचायत चुनाव कराया जाएगा। कल यानी सोमवार 21 सितंबर को पटना में आयोजित 'ग्राम संसद-बिहार चैप्टर-5' के मुखिया संवाद कार्यक्रम में CM Samrat Chaudhary ने यह जानकारी दी। बता दें कि बिहार राज्य निर्वाचन आयोग की वेबसाइट पर भी 2026 के पंचायत परिसीमन से जुड़े नोटिफिकेशन और दस्तावेज उपलब्ध हैं।
मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद उन पंचायत प्रतिनिधियों और चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे लोगों के लिए स्थिति साफ हो गई है, जो लंबे समय से चुनाव की तारीखों का इंतजार कर रहे थे। सीएम सम्राट चौधरी का कहना है कि पंचायतों की नई सीमाएं तय होने के बाद ही चुनाव की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। हालांकि, इस दौरान उन्होंने चुनाव की कोई निश्चित तारीख घोषित नहीं की है।
करीब 7500 आबादी की बनेगी एक पंचायत!
सीएम सम्राट चौधरी ने कहा कि लगभग साढ़े सात हजार की आबादी पर एक पंचायत बनाने की दिशा में काम किया जाएगा। इसके साथ ही पंचायत क्षेत्र में विकास योजनाओं को तकनीकी मदद देने के लिए पंचायती राज विभाग में इंजीनियरिंग सेल विकसित करने की बात भी कही गई है।
सरकार की कोशिश पंचायत सीमाओं को नए सिरे से व्यवस्थित करने के साथ ही विकास व्यवस्था को भी मजबूत करने की है। राज्य निर्वाचन आयोग की तरफ से परिसीमन से जुड़े कई दस्तावेज और अधिसूचनाएं जारी की जा चुकी हैं।
पूछे जाएंगे विकास और अर्थव्यवस्था के प्रश्न
ग्राम संसद कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने पंचायत प्रतिनिधियों की जवाबदेही को लेकर अहम बातें कहीं। उन्होंने कहा कि जिला परिषद, प्रखंड प्रमुख और मुखिया से उनके क्षेत्र में पांच साल के दौरान विकास और स्थानीय अर्थव्यवस्था में हुई बढ़ोतरी के बारे में प्रश्न किए जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने पंचायत स्तर पर आय के नए स्रोत विकसित करने के लिए भी सुझाव मांगे हैं। उनका कहना था कि कचरा प्रबंधन, पेयजल, बिजली और सड़क जैसी बुनियादी सुविधाओं को बेहतर करने के लिए पंचायतों को आर्थिक रूप से मजबूत करना जरूरी है।
पंचायतों में विकास योजनाओं पर हो रहा काम
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि 'सेवा संकल्प एवं कायाकल्प अभियान' के तहत हर पंचायत में 10 विकास योजनाओं पर काम किया जा रहा है। इनमें स्वास्थ्य केंद्र, सामुदायिक भवन और आंगनबाड़ी केंद्रों के रखरखाव के साथ ही बुनियादी सुविधाओं को बेहतर करना भी शामिल है। सरकार पंचायत भवनों को भी मिनी सचिवालय की तर्ज पर विकसित करने की दिशा में काम कर रही है। ताकि ग्रामीणों को अलग-अलग सरकारी सेवाओं के लिए दूर न जाना पड़े।
पंचायती राज मंत्री पहले दे चुके हैं संकेत
पंचायत चुनाव को लेकर पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश भी पहले साफ कर चुके हैं कि चुनाव परिसीमन के बाद होंगे। उन्होंने अगस्त में कहा था कि 2011 की जनगणना के आधार पर परिसीमन कराया जाएगा और इसके बाद चुनाव की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
राज्य निर्वाचन आयोग की वेबसाइट पर पंचायत परिसीमन 2026 के लिए ग्राम पंचायत, पंचायत समिति और जिला परिषद से संबंधित अधिसूचनाएं भी सूचीबद्ध हैं। यानी फिलहाल चुनाव की अगली बड़ी कड़ी परिसीमन प्रक्रिया का पूरा होना है।
समृद्ध बिहार का लक्ष्य
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बिहार को 2037 तक समृद्ध और विकसित बनाने का लक्ष्य एक बार फिर दोहराया है। उन्होंने शिक्षा और रोजगार के क्षेत्र में विस्तार की बात करते हुए राज्य में ज्यादा से ज्यादा निजी विश्वविद्यालय स्थापित करने की दिशा में काम करने की बात कही। सरकार का लक्ष्य 2030 से पहले बड़ी संख्या में रोजगार और नौकरी के अवसर पैदा करना है, ताकि बिहार के लोगों को रोजगार के लिए दूसरे राज्यों पर निर्भर न रहना पड़े।
