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OMG: आखिर क्यों इस शख्स को 128 साल बाद किया जा रहा दफन, बेहद चौंकाने वाली है सच्चाई

  • Authored by: किशन गुप्ता
  • Updated Oct 5, 2023, 03:34 PM IST

हाल ही में एक मामला सामने आया है, जिसमें एक डेडबॉडी को 128 साल बाद दफनाने का मामला सामने आया है। इसे इसी हफ्ते के आखिर में दफनाया जाएगा और साथ ही इस शख्स की असल पहचान भी बताई जाएगी।

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Image Credit - REUTERS/Kia Johnson

KEY HIGHLIGHTS
  • 128 साल बाद दफनाया जाएगा शख्स
  • सच्चाई जान नहीं होगा यकीन
  • असल पहचान का भी होगा खुलासा

Pennsylvania Mummy Stoneman Willie: दुनियाभर में बीते कई सालों में कई ऐसे मामले देखने को मिले, जिनमें शवों के सही से अंतिम संस्कार भी नहीं हो पाए। इसका कारण था उस समय चल रहा है संक्रामक कोरोना वायरस। लेकिन क्या कभी आपने ये सुना कि किसी अंतिम संस्कार सिर्फ इसलिए नहीं हो पाया कि उसकी असल पहचान लोगों को मालूम नहीं थी। ये बात सुनकर थोड़ा आपको आश्चर्य जरूर हो रहा होगा, लेकिन ये बात बिल्कुल सच है।

इस कहानी में ट्विस्ट तो तब आया, जब लोगों को पता चला कि इस शव का अंतिम संस्कार 128 सालों से नहीं हुआ है। जी हां, इस शख्स का अंतिम संस्कार 128 सालों बाद किया जाएगा। इसके साथ ही इस शख्स की असल पहचान भी दुनिया वालों को बताई जाएगी। बता दें, इस मृत शख्स को 'Stoneman Willie' नाम दिया गया था, जिसे 19वीं सदी में ममीकृत कर दिया गया था। इसका मुख्य कारण था कि इस शख्स के बारे में किसी को पता नहीं था, जो इसके दफन वाले दिन दुनियावालों के सामने बताया जाएगा।

किडनी फेल होने के कारण हुई थी मौत

फॉक्स न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, इस शख्स के बारे में सिर्फ इतना ही पता है कि शराब पीने के कारण इसकी किडनी फेल हो गई थी, जिससे 19 नवंबर, 1895 को इसकी मौत हो गई थी। अपनी मौत के वक्त ये शख्स स्टोनमैन विली चोरी के आरोप में बर्क्स काउंटी जेल में बंद था। गिरफ्तारी के समय शख्स का नाम बदलकर जेम्स पेन रखा गया था। ये सारी जानकारी बर्क्स नॉस्टेलजिया नाम की एक वेबसाइट पर दी गई है।

Pennsylvania Mummy Stoneman Willie

7 अक्टूबर को दफनाया जाएगा शव

गलती से ममीकृत कर दिया गया था शव

मौते के समय शख्स ने जेल के डॉक्टर को बताया था कि उसका असली नाम जेम्स पेन नहीं है। हालांकि, उसके मौत के कई हफ्तों बाद भी उसकी असली पहचान के सुराग नहीं मिल पाए थे। इसी के चलते उसके परिवार को उसका शव नहीं सौंपा जा सका था। रॉयटर्स के अनुसार, उसका शव रीडिंग के लिए पेनसिल्वेनिया में एक फनरल होम (Auman's Funeral Home) को सौंप दिया गया था। उस दौरान गलती से शव को ममीकृत कर दिया गया। इस शख्स के दांत और बाल अब भी है। लेकिन उसकी चमड़ी अब काफी सख्त हो चुकी है।

7 अक्टूबर को दफनाया जाएगा शव

Auman's Funeral Home के डायरेक्टर काइल ब्लैंकेनबिलर का कहना है कि शख्स का असली नाम स्टोनमैन विली है, जो कुछ दस्तावेजों की मदद से खोजे गए हैं। साल 2023 में ही इस शव को दफनाने की बात कही गई थी, जिसे 2-6 अक्टूबर तक डिस्प्ले के लिए रखा गया है। इसके बाद 7 अक्टूबर को शव को दफनाया जाएगा। उसके अंतिम संस्कार के समय उसके सम्मान में उसे 19वीं सदी के कपड़े भी पहनाए जाएंगे और इसी के साथ उसे अंतिम विदाई दी जाएगी।

किशन गुप्ता
किशन गुप्ताauthor

<p>देश की धार्मिक राजधानी काशी में जन्म लिया और घाटों पर खेल-कूदकर बड़ा हुआ। साल 2019 में महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में मास्टर्स डिग्री ली। यही से पत्रकारिता की शुरुआत भी हुई। इसी साल जुलाई में हैदराबाद स्थित रामोजी रॉव के स्वामित्व वाले ईटीवी भारत से करियर की शुरुआत हुई। बतौर ट्रेनी यहां एक साल से अधिक का समय बिताया। यह पहली दफा था, जब घर से दूर निकला था। लेकिन चस्का था तो काम करने, एक अच्छा पत्रकार बनने का। यहां रहकर चंद्रयान - 2 को कवर करने का मौका मिला। इसके बाद राजस्थान में शिक्षक भर्ती को लेकर उम्मीदवारों की ओर से हुए हिंसक विरोध को भी करीब से देखा। इस दौरान पथराव का भी सामना करना पड़ा। लेकिन काम करने का एक जुनून था। यह पहली दफा था, जब मैंने किसी बड़ी न्यूज को कवर किया था। इसके बाद ये सिलसिला चलता गया। कुछ समय ऐसा भी आया, जब होम पेज भी काम करने को मिला। करीब एक साल से अधिक समय बिताने के बाद ईटीवी भारत से अलविदा लिया और अपने गृह जिले में पहुंचा, जहां के एक लोकल चैनल टूडेज इंडिया न्यूज में काम करने का मौका मिला। यहां करीब डेढ़ साल से अधिक का समय बिता, जहां रहकर बनारस के साथ-साथ पूर्वांचल को भी कवर करने का मौका मिला। राजनीति और क्राइम की खबरों में खासा रूचि होने के कारण अक्सर फोकस भी इसी पर रहता था। इस दौरान कोविड के दंश को भी देखा। कोरोना काल का यह वो भयानक मंजर था, जिसकी किसी को आशंका न थी। इस दौरान खबरों के माध्यम से देश के दुख-दर्द को करीब से महसूस करने का मौका मिला। फिर मई 2022 में वनइंडिया ज्वाइन कर ली, यहां से फीचर राइटिंग की शुरुआत करते हुए मैंने ट्रैवेल पर काम करना शुरू किया। ऑफिस बैंगलोर था, तो वहां जाने के लिए काफी सोचना भी पड़ा लेकिन दिमाग में था कि बड़ा कुछ करना है तो देश की आर्थिक राजधानी के लिए निकल पड़ा। यहां काफी कम समय ही बिता, करीब 9 महीने तक काम करने के बाद यहां से अलविदा लिया। फिर समय आया देश के प्रतिष्ठित संस्थान टाइम्स नेटवर्क से जुड़ने का। मार्च 2023 में मैं Timesnowhindi.com के वायरल टीम से जुड़ा। इस बीच तमाम ट्रेंडिंग, वायरल और अजब-गजब जैसी कई खबरें की। बीट अलग होने के कारण थोड़ा चैलेंजिंग था लेकिन उस चैलेंज को पूरा करते हुए और चुनौतियों का सामना करते हुए आज एक साल से ऊपर का समय हो गया है।</p>

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