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UPI Transactions Limit Hiked : अब UPI से करिए 5 लाख तक का पेमेंट, अस्पताल और स्कूल-कॉलेज की फटाफट भरेगी फीस

​​UPI transactions limit hiked: रिजर्व बैंक के गवर्नर ने कहा कि अलग-अलग कैटेगरी में यूपीआई के जरिए लेनदेन की लिमिट की समय-समय पर समीक्षा की गई है। ​नवंबर 2023 में यूपीआई ट्रांजेक्शन ने 17.4 लाख करोड़ रुपये का नया रिकॉर्ड बनाया और 11 बिलियन वॉल्यूम संख्या को पार कर लिया।

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Photo : iStock

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के गवर्नर शक्तिकांत दास ने शुक्रवार को यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) के जरिए ट्रांजेक्शन लिमिट में बड़े बदलाव का ऐलान किया है। हालांकि, ये बदलाव सीमित पेमेंट दायरे के लिए किया गया है। नई UPI ट्रांजेक्शन लिमिट के नियमों के अनुसार, कुछ खास जगहों पर पेमेंट के लिए एक लाख रुपये की लिमिट को बढ़ाकर पांच लाख कर दिया गया है। अस्पताल और शैक्षणिक संस्थान भी इस खास कैटेगरी में शामिल हैं। यानी अब आप यूपीआई के जरिए हॉस्पिटल और स्कूलों और कॉलेजों में पांच लाख रुपये तक की फीस का भुगतान किया जा सकता है।

लेनदेन की लिमिट की समीक्षा

रिजर्व बैंक के गवर्नर ने कहा कि अलग-अलग कैटेगरी में यूपीआई के जरिए लेनदेन की लिमिट की समय-समय पर समीक्षा की गई है। अब अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों को भुगतान के लिए यूपीआई के जरिए लेनदेन की सीमा को 1 लाख रुपये से बढ़ाकर 5 लाख रुपये प्रति लेनदेन करने का प्रस्ताव है। उन्होंने कहा कि इससे उपभोक्ताओं को शिक्षा और स्वास्थ्य देखभाल उद्देश्यों के लिए अधिक राशि का यूपीआई के जरिए पेमेंट करने में मदद मिलेगी। म्यूचुअल फंड सब्सक्रिप्शन, बीमा प्रीमियम सब्सक्रिप्शन और क्रेडिट कार्ड भुगतान के लिए लिमिट लाख रुपये तक बढ़ा दी गई है।

ट्रांजेक्शन का नया रिकॉर्ड

नवंबर 2023 में यूपीआई ट्रांजेक्शन ने 17.4 लाख करोड़ रुपये का नया रिकॉर्ड बनाया और 11 बिलियन वॉल्यूम संख्या को पार कर लिया। 2022 की तुलना में यूपीआई से लेनदेन की संख्या के मामले में 54 फीसदी और वैल्यू के मामले में 46 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। हालांकि, अक्टूबर में वॉल्यूम 11.4 बिलियन (1,141 करोड़) से मामूली कम होकर पिछले महीने 11.2 बिलियन (1,124 करोड़) हो गया था।

अक्टूबर में इजाफा

नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) के आंकड़ों के अनुसार, प्रतिशत के संदर्भ में लेनदेन की वैल्यू महीने दर महीने 1.45 फीसदी अधिक था। अक्टूबर में त्योहारी सीजन के कारण उपभोक्ताओं के खर्च में आई बढ़ोतरी की वजह से लेनदेन की वैल्यू 8.6% और लेनदेन की संख्या 8.1% बढ़ गई।

TNN Business Desk
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