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8 दिन में खुलेगा दिल्ली का बड़ा रोड प्रोजेक्ट, पूर्वी दिल्ली से AIIMS पहुंचने में लगेंगे सिर्फ 15 मिनट

बस 8 दिन और, दिल्ली 3.5 किमी का एलिवेटेड रोड कॉरिडोर मिल जाएगा, जो पहले से मौजूद कॉरिडोर से मिलकर 9 किमी का सिग्नल फ्री कॉरिडोर बनाएगा और पूर्वी दिल्ली से AIIMS पहुंचना आसान बना देगा।

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29 सितंबर को होगा बारापुला फेज 3 का उद्घाटन

Photo : Twitter

पूर्वी दिल्ली से साउथ दिल्ली जाने के लिए अभी अक्षरधाम से सराय काले खां होते हुए जाना पड़ता है। इसके अलावा मयूर विहार से डीएनडी होते हुए भी साउथ दिल्ली तक जा सकते हैं। पीक आवर्स में इन दोनों ही रूट पर बहुत ज्यादा ट्रैफिक रहता है। लेकिन अब भारी ट्रैफिक की समस्या का समाधान जल्द होने जा रहा है। क्योंकि पूर्वी और दक्षिणी दिल्ली को जोड़ने वाला बारापुरा एलिवेटेड कॉरिडोर फेज-3 जल्द ही खुलने जा रहा है। पूर्वी दिल्ली और साउथ दिल्ली के बीच रोजाना सफर करने वाले लोगों के लिए लंबे इंतजार के बाद आखिर यह सड़क परियोजना खुलने जा रही है।

कब खुलेगा बारापुला एलिवेटेड कॉरिडोर फेज-3

आगामी 29 सितंबर को Barapullah Phase 3 को आम जनता के लिए खोलने की तैयारी है। यह एलिवेटेड कॉरिडोर लगभग 3.5 किमी लंबा है, जो पूर्वी दिल्ली में मयूर विहार फेज-1 से शुरू होकर सराय काले खां में मौजूदा बारापुला एलिवेटेड कॉरिडोर को जोड़ेगा। इस तरह मौजूदा बारापुला नेटवर्क से जुड़ने के बाद मयूर विहार से AIIMS की तरफ लगभग 9 किलोमीटर की सिग्नल-फ्री रोड मिल जाएगी। दिल्ली सरकार के अनुसार, इस रूट पर मयूर विहार से AIIMS तक सफर लगभग 15 मिनट में पूरा होने की उम्मीद है।

शनिवार 19 सितंबर को ही PWD मंत्री परवेश साहिब सिंह वर्मा ने इस परियोजना का निरीक्षण किया और उद्घाटन की तैयारियों का जायजा लिया। उनके मुताबिक केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह मंगलवार 29 सितंबर को दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की मौजूदगी में कॉरिडोर का उद्घाटन करेंगे।

AIIMS पहुंचना होगा आसान

बारापुला फेज-3 का सबसे बड़ा असर पूर्वी दिल्ली से साउथ दिल्ली की ओर जाने वाले ट्रैफिक पर पड़ने की उम्मीद की जा रही है। मयूर विहार से आने वाले वाहन सराय काले खां पहुंचकर मौजूदा बारापुला कॉरिडोर से जुड़ जाएंगे। यहां से यह नेटवर्क AIIMS और दक्षिण दिल्ली की तरफ आगे जाता है।

नोएडा-गाजियाबाद के लोगों को भी होगा फायदा

इससे ईस्ट दिल्ली के अलावा नोएडा और गाजियाबाद से साउथ दिल्ली की ओर जाने वाले यात्रियों को भी एक अतिरिक्त विकल्प मिल जाएगा। सरकार को उम्मीद है कि इससे सराय काले खां, DND और अक्षरधाम के आसपास सड़कों पर ट्रैफिक का दबाव कम होगा।

parvesh Verma barapullah phase 3

मंत्री परवेश वर्मा ने किया निर्माण कार्य का निरीक्षण

प्रोजेक्ट में क्या खास है?

बता दें कि बारापुला फेज-3 लगभग 3.5 किलोमीटर लंबा चार लेन वाला एलिवेटेड कॉरिडोर है। इसके दोनों रैंप का निर्माण पूरा हो चुका है और यमुना पर बनने वाला पुल भी तैयार है। कॉरिडोर में साइकिल और पैदल चलने वालों के लिए भी अलग व्यवस्था की गई है। पूरे कॉरिडोर पर लगभग 2 मीटर चौड़ा साइकिल ट्रैक और 1.5 मीटर का फुटपाथ शामिल है।

9 नौ बार बदली डेडलाइन, 9 साल की देरी से तैयार

जिस परियोजना के शुरू हो जाने से अब दिल्ली को तेज कनेक्टिविटी की उम्मीद है, उसका इंतजार काफी लंबा रहा है। बता दें कि बारापुला फेज-3 को 2014 में मंजूरी मिली और 2015 में इसका निर्माण कार्य शुरू हो गया था। मूल रूप से इसे 2017 में पूरा किया जाना था, लेकिन जमीन अधिग्रहण, पर्यावरण और पेड़ों से जुड़ी मंजूरियों, यमुना क्षेत्र में निर्माण संबंधी दिक्कतों और कोरोना महामारी सहित कई कारणों से काम में लगातार देरी होती चली गई। इस दौरान परियोजना ने नौ डेडलाइन मिस की हैं। इस साल 30 जून की डेडलाइन भी पूरी नहीं हो सकी। इसके बाद अब 29 सितंबर को उद्घाटन की तारीख घोषित की गई है।

देरी के कारण 375 करोड़ बढ़ी लागत

परियोजना में देरी का असर इसकी लागत पर पड़ा है। बारापुला एलिवेटेड कॉरिडोर फेज-3 की शुरुआती स्वीकृत लागत लगभघ 1260.63 करोड़ रुपये थी, जो संशोधन के बाद लगभग 1635 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है। यानी इस देरी के चलते लागत में लगभग 375 करोड़ रुपये से ज्यादा की बढ़ोतरी हो गई है। परियोजना में कथित अनियमितताओं को लेकर एंटी करप्शन ब्रांच की जांच भी चल रही है।

अब सभी की निगाहें 29 सितंबर पर है। अगर यह कॉरिडोर निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार खुल जाता है, तो पूर्वी दिल्ली, नोएडा और गाजियाबाद से AIIMS और साउथ दिल्ली की ओर जाने वाले यात्रियों को एक नया सिग्नल-फ्री विकल्प मिल जाएगा।

Digpal Singh
दिगपाल सिंहauthor

दिगपाल सिंह टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सिटी टीम को लीड कर रहे हैं। शहरों से जुड़ी ताजाखबरें, लोकल मुद्दे, चुनावी कवरेज और एक्सप्लेनर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। 2006 से पत्रकारिता में सक्रिय दिगपाल सिंह को प्रिंट और डिजिटल दोनों माध्यमों में काम करने का अनुभव है। दोनों प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए उन्होंने ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग से लेकर सेंट्रल डेस्क पर बड़ी खबरों की हैंडलिंग तक हर स्तर पर अनुभव हासिल किया है। अब तक 30,000 से अधिक खबरें लिख चुके दिगपाल हाइपर-लोकल न्यूज की बारीकियों, शहरों की समस्याओं और लोगों से जुड़े वास्तविक मुद्दों को समझने की विशेष क्षमता रखते हैं।

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