किसी परिवार के सदस्य की मृत्यु केवल भावनात्मक रूप से ही नहीं, बल्कि प्रशासनिक और वित्तीय दृष्टि से भी कई जिम्मेदारियां लेकर आती है। ऐसे समय में परिवार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि मृत व्यक्ति के सभी महत्वपूर्ण दस्तावेज और खातों का रिकॉर्ड समय पर अपडेट या बंद करवाया जाए। ऐसा करने से भविष्य में पहचान की चोरी, धोखाधड़ी और कानूनी परेशानियों से बचा जा सकता है। मृत्यु प्रमाण पत्र (Death Certificate) प्राप्त करने के बाद सबसे पहले उन दस्तावेजों और खातों पर ध्यान देना चाहिए जो व्यक्ति की पहचान और वित्तीय गतिविधियों से जुड़े होते हैं।
आधार कार्ड

मृत्यु के बाद का डॉक्यूमेंटेशन (X handle/@UIDAI)
आधार कार्ड (Aadhaar Card) लगभग हर सरकारी और वित्तीय सेवा से जुड़ा हुआ है। यूआईडीएआई भी समय-समय पर नागरिकों को जागरूक करता है कि किसी व्यक्ति की मृत्यु के बाद उसके आधार नंबर का दुरुपयोग रोकने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जानी चाहिए। अगर आधार एक्टिव रहता है तो उसकी पहचान का गलत इस्तेमाल होने का खतरा बना रहता है।
पैन कार्ड
अगर मृत व्यक्ति के नाम पर आयकर रिकॉर्ड, बैंक खाते या निवेश मौजूद हैं, तो पैन कार्ड (Pan Card) से जुड़े मामलों को भी जल्द निपटाना चाहिए। उत्तराधिकारियों को आयकर विभाग से जुड़े पेंडिंग मामलों की जानकारी लेकर आवश्यक प्रक्रिया पूरी करनी चाहिए।
बैंक खाता और एफडी
मृत व्यक्ति के बैंक खातों की जानकारी जुटाना सबसे महत्वपूर्ण कार्यों में से एक है। संबंधित बैंक में मृत्यु प्रमाण पत्र जमा कर खाते को बंद करवाने या नॉमिनी के नाम ट्रांसफर करवाने की प्रक्रिया शुरू करनी चाहिए। इसी तरह एफडी, आरडी और अन्य जमा योजनाओं का भी निपटान करावाया जाना चाहिए।
बीमा पॉलिसी
अगर व्यक्ति के पास जीवन बीमा, स्वास्थ्य बीमा या दुर्घटना बीमा पॉलिसी थी, तो परिवार को जल्द से जल्द बीमा कंपनी से संपर्क करना चाहिए। कई पॉलिसियों में क्लेम के लिए समय-सीमा निर्धारित होती है, इसलिए देरी नहीं करनी चाहिए।
निवेश और डीमैट खाते
शेयर, म्यूचुअल फंड, बॉन्ड, पीपीएफ, एनपीएस और डीमैट खाते जैसी निवेश योजनाओं की जानकारी भी एकत्र करनी चाहिए। नॉमिनी या कानूनी उत्तराधिकारी आवश्यक दस्तावेज जमा कर निवेश को अपने नाम ट्रांसफर करा सकते हैं।
मोबाइल नंबर और ईमेल अकाउंट
अधिकांश बैंकिंग और डिजिटल सेवाएं मोबाइल नंबर और ईमेल से जुड़ी होती हैं। इसलिए मृत व्यक्ति के मोबाइल कनेक्शन और ईमेल अकाउंट को भी सुरक्षित तरीके से बंद या नियंत्रित करना जरूरी है। इससे ओटीपी आधारित धोखाधड़ी की संभावना कम हो जाती है।
ड्राइविंग लाइसेंस और वाहन रिकॉर्ड
अगर व्यक्ति के नाम पर कोई गाड़ी रजिस्टर्ड है, तो वाहन का स्वामित्व उत्तराधिकारी के नाम ट्रांसफर करवाना चाहिए। साथ ही ड्राइविंग लाइसेंस से जुड़े रिकॉर्ड भी अपडेट करवा लेने चाहिए।
गैस कनेक्शन, बिजली और अन्य उपयोगिता सेवाएं
एलपीजी कनेक्शन, बिजली कनेक्शन, पानी का कनेक्शन और अन्य घरेलू सेवाओं को भी उत्तराधिकारी के नाम पर ट्रांसफर करवा लेना चाहिए ताकि भविष्य में बिल भुगतान या स्वामित्व संबंधी विवाद न हों।
संपत्ति और कानूनी दस्तावेज
अगर मृत व्यक्ति के नाम पर मकान, जमीन या अन्य संपत्ति है तो उत्तराधिकार प्रमाण पत्र, वसीयत (यदि उपलब्ध हो) और अन्य कानूनी दस्तावेजों की मदद से स्वामित्व परिवर्तन की प्रक्रिया शुरू करनी चाहिए।
मृत्यु प्रमाण पत्र सबसे जरूरी दस्तावेज
इन सभी प्रक्रियाओं की शुरुआत के लिए मृत्यु प्रमाण पत्र (Death Certificate) सबसे महत्वपूर्ण दस्तावेज होता है। इसलिए परिवार के किसी भी सदस्य की मृत्यु के तुरंत बाद नगर निगम, पंचायत या संबंधित प्राधिकरण से मृत्यु प्रमाण पत्र प्राप्त करना प्राथमिकता होनी चाहिए।
