इन्वर्टर आज के समय में एक बेसिक जरूरत बन चुका है। गर्मी के दिनों में जब बिजली कटौती बढ़ जाती है तो इन्वर्टर ही हमें राहत देता है। ऐसे में अगर इन्वर्टर खराब हो जाए तो बड़ी परेशानी हो सकती है। हालांकि कई बार गर्मी के सीजन में इन्वर्टर बहुत जल्द खराब होने लगता है। इसके पीछे एक बड़ी वजह सही से इस्तेमाल न करना भी होता है। इन्वर्टर हमें अच्छे से बैकअप दे इसके लिए हमें कुछ सावधानी बरतनी पड़ती है। अगर आप कुछ चीजों का ध्यान रखते हैं तो आसानी से बैकअप तो बढ़ा ही सकते हैं और साथ ही इन्वर्टर की लाइफ भी बढ़ा सकते हैं।
इन्वर्टर बैटरी के इलेक्ट्रिकल प्वॉइंटर में अक्सर कॉर्बन जम जाता है जो कि सफेद पपड़ी जैसा नजर आता है। इसकी वजह से बैटरी में बिजली की सप्लाई ठीक से नहीं हो पाती है जिसके कारण कई बार बैटरी ठीक से चार्ज नहीं होती और हमें बैकअप भी कम मिलता है। अगर आप भी इस समस्या से परेशान हैं तो बता दें कि आप इससे आसानी से छुटकारा पा सकते हैं। आइए आपको इसके कुछ आसान तरीके बताते हैं।
बैटरी पर लगा दें ये एक चीज
इन्वर्टर की बैटरी पर सफेद रंग की पपड़ी को जमने से रोकना काफी आसान है। इसे रोकने का सबसे प्रभावी तरीका है कि टर्मिनलों की सफाई के बाद उन पर पेट्रोलियम जेली जिसे हम वैक्सीन के नाम से जानते हैं उसकी एक मोटी परत लगा दें। इसके लगने से हवा और नमी टर्मिनल तक नहीं पहुंचती। वैसलीन इतनी ज्यादा प्रभावी रहती है कि यह करीब एक साल तक कार्बन नहीं जमने देगी।
टर्मिनल को कसकर रखें: बैटरी के तारों को ढीला न छोड़ें। ढीले कनेक्शन में स्पार्किंग होती है, जिससे बहुत जल्दी कार्बन आता है। नट-बोल्ट को सही तरह कसें, लेकिन इतना भी न कसें कि टर्मिनल टूट जाए।
बेकिंग सोडा और गर्म पानी का उपयोग: बैटरी के प्वॉइंट में कॉर्बन को जमने से रोकने के लिए आपक बेकिंग सोडा का भी इस्तेमाल कर सकते हैं। इसके लिए आपको एक कटोरी गर्म पानी में बेकिंग सोडा मिलाएं और पुराने टूथब्रश की मदद से टर्मिनलों को रगड़कर साफ करें।
इन चीजों पर भी ध्यान दें
इन्वर्टर की बैटरी अच्छे से चार्ज हो और अधिक बैटरी बैकअप दे इसके लिए नियमित सफाई की भी जरूरत होती है। इन्वर्टर के तारों के मुंह पर लगे रबर को हटाकर साफ करें, क्योंकि रबर के नीचे कार्बन जमा होकर तारों को काट सकता है। हर 15 दिन या महीने में बैटरी को सूखे कपड़े से पोंछ लें।
वेंटिलेशन की व्यवस्था: बैटरी को हमेशा हवादार जगह पर रखें। गर्म वातावरण में गैस अधिक निकलती है, जिससे कार्बन और नमी की समस्या जल्दी होती है। अगर आपके पास लीड-एसिड बैटरी है, तो हर महीने पानी का स्तर चेक करें। ध्यान रहे की बैटरी में हमेशा डिस्टिल्ड वाटर ही डालें।
