गर्मी के मौसम में जिसका सबसे ज्यादा दिन रात इस्तेमाल किया जाता है वह है पंखा यानी सीलिंग फैन। हर समय कूलर या फिर एसी नहीं चलाया जा सकता ऐसे में पंखा हमें बड़ी राहत देता है। हालांकि कई बार देखा जाता है कि फुल स्पीड पर चलाने के बाद भी पंखे से धीमी हवा मिलती है। ऐसे में अधिकांश लोग यही मान लेते हैं कि पंखा पुराना हो गया है और नया पंखा खरीदने की प्लानिंग करने लगते हैं। लेकिन ऐसा करने से पहले आपको कुछ चीजों पर ध्यान देना चाहिए।
अगर आपके घर में लगा पंखा भी सुस्त हो गया है तो उसे फेंकने की गलती न करें। पंखे से धीमी हवा मिलने का मतलब यह नहीं है कि वह पूरी तरह खराब हो चुका है। कई बार कुछ आम गड़बड़ी जिसे हम खुद से ठीक कर सकते हैं उसकी वजह से भी पंखा स्लो हो जाता है। आइए आपको 5 ऐसे टिप्स बताते हैं जिन्हें फॉलो करके आप अपने पुराने पंखे को भी नया जैसा कर सकते हैं।
कैपेसिटर बदलें
सीलिंग फैन की स्पीड कम होने की सबसे बड़ी वजह उसका कैपेसिटर यानी कंडेंसर का कमजोर होना है। करीब 90% इसकी वजह से पंखे की स्पीड स्लो होती है। कैपेसिटर का काम पंखे की मोटर को शुरू करने और उसे लगातार हाई स्पीड पर घुमाने के लिए पर्याप्त पावर देना है। समय बीतने के साथ-साथ धीरे-धीरे इसकी पावर कम हो जाती है जिससे पंखा स्लो चलने लगता है।
अगर आपके रूम का पंखा बिना किसी आवाज के स्लो स्पीड से चल रहा है तो यह इस बात का संकेत है कि कैपेसिटर बदलने का समय आ चुका है। आप किसी भी इलेक्ट्रिकल शॉप से कैपेसिटर ला कर लगा सकते हैं। बता दें कि आम तौर पर सीलिंग फैन में 2.5 µF (माइक्रोफैराड) का कैपेसिटर लगता है।
रेगुलेटर की खराबी की जांच करें
अगर आपका पंखा नया है लेकिन इसके बाद वह स्लो चल रहा है तो हो सकता है कि उसका रेगुलेटर खराब हो। कई बार देखा जाता है कि बाजार में मिलने वाले इलेक्ट्रॉनिक रेगुलेटर अंदर से शॉर्ट या फिर खराब हो जाते हैं जिसकी वजह से पंखे को पूरी तरह से वोल्टेज नहीं मिल पाता और वह स्लो हो जता है।
रेगुलेटर सही है या खराब इसे चेक करने के लिए रेगुलेटर के तारों को आपस में डायरेक्ट यानी बाईपास करके देखें अगर ऐसा करने से पंखा फुल स्पीड में चलने लगता है तो समझ जाएं की पंखा पूरी तरह से सही है। आप बाजार से 50 से 100 रुपये का नया रेगुलेटर ला सकते हैं।
ब्लेड्स पर जमी गंदगी साफ करें
पंखे स्लो होने और धीमी हवा मिलने देने का एक सामान्य कारण उसके ब्लेड्स में गंदगी जमा होना भी है। यह काफी समान्य लगता है कि हल्की धूल पंखे की स्पीड को कितना रोकेगी लेकिन इससे काफी ज्यादा फर्क पड़ता है। धूल की मोटी परत स्पीड को काफी हद तक कम कर देती है। जब ब्लेड्स पर भारी गंदगी जमा हो जाती है तो पंखुड़ियो का वजन काफी ज्यादा बढ़ जाता है जिससे मोटर पर एक्स्ट्रा प्रेशर पड़ता है और स्पीड स्लो हो जाती है। इससे बचने के लिए महीने में कम से कम एक बार ब्लेड्स को जरूर साफ करें।
ब्लेड्स का अलाइनमेंट चेक करें
कई बार ऐसा होता है कि सफाई करते समय ब्लेड थोड़ा सा मुड़ जाते हैं। देखने में तो यह ठीक से नजर नहीं आते लेकिन अलाइमेंट बिगड़ने से पंखा चलते समय डगमगाने लगता है। इसके साथ ही गलत अलाइनमेंट की वजह से पंखा हवा को भी सही तरीके काट नहीं पाता। इसकी वजह से तेज घूमने पर भी वह ठीक से हवा नहीं दे पाता। इसे सही करने के लिए पंखे को उतारकर तीनों ब्लेड्स को एक ही लेवल पर सेट करें।
बेयरिंग में हो सकती है गड़बड़ी
अगर कैपेसिटर बदलने के बाद भी पंखा धीरे चल रहा है और चलते समय उसमें रगड़ खाने की आवाज आ रही है, तो इसका मतलब है कि पंखे के अंदर की बेयरिंग (Bearing) सूख चुकी है या उसमें धूल जम गई है। इस समस्या को सही करने के लिए पंखे को उतारकर उसकी बेयरिंग में तेल की कुछ बूंदे डालें। अगर बेयरिंग पूरी तरह से टूट गई है तो मैकेनिक से उसे बदलवा लें।
