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हीरा निकालने के लिए पट्टे पर कैसे मिलती है जमीन, जानें डॉक्यूमेंट और प्रोसेस

Panna Diamond Mines: हीरा मिलने के बाद, उसे पन्ना के संयुक्त कलेक्ट्रेट में स्थित हीरा कार्यालय में जमा करना होता है। यहां हीरे की जांच और वजन किया जाता है। इसके बाद हीरे की नीलामी की जाती है और ज्यादा दाम देने वाले को हीरा मिल जाता है। चलिए जानते हैं हीरा खदान कैसे मिलती है।

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Diamond Mines (image-istock)

Panna Diamond Mines: मध्यप्रदेश के पन्ना में किसानों और मजदूरों को लाखों-करोड़ों के हीरा मिलने की खबर तो आपने सुनी होगी। लेकिन क्या आप जानते हैं कि हीरा खोजने के लिए खनन की जमीन किराए पर कैसे मिलती है। दरअसल, हीरा या अन्य खनिज निकालने के लिए जमीन पट्टे पर लेने की प्रक्रिया सरकार द्वारा निर्धारित नियमों और खनन कानूनों पर आधारित होती है। यह प्रक्रिया मुख्य रूप से खनिज (माइनिंग) मंत्रालय और राज्य सरकार के माध्यम से संचालित होती है। चलिए इसका प्रोसेस जानते हैं।

पन्ना में कैसे मिलता है हीरा खनन पट्टा

यदि आप मध्यप्रदेश के पन्ना में खनन के लिए जमीन लेना चाहते हैं तो आपको इसके लिए हीरे की खुदाई के लिए हीरा कार्यालय से सरकारी पट्टा बनवाना होगा। इसके लिए आप से आवेदन पत्र (निर्धारित प्रारूप में), आवेदन शुल्क नक्शा और जमीन की जानकारी, माइनिंग प्लान (खनन का विस्तृत प्रस्ताव) आदि जानकारी मांगी जाती है।

हीरा खदान के पट्टे के लिए 2 पासपोर्ट साइज फोटो, आधार कार्ड, चालान रसीद जैसी जानकारी देनी होती है। वहीं इसके लिए पन्ना जिला हीरा कार्यालय में 200 रुपये का चालान जमा करना होता है। आवेदन के बाद, हीरा विभाग संबंधित पटवारी और अन्य विभागों से भूमि की जांच और अभिमत प्राप्त करता है। सभी स्वीकृतियों के बाद, 8x8 मीटर का क्षेत्र हीरा खनन के लिए आवंटित किया जाता है।

कैसे होती है बिक्री

हीरा मिलने के बाद, उसे पन्ना के संयुक्त कलेक्ट्रेट में स्थित हीरा कार्यालय में जमा करना होता है। यहां हीरे की जांच और वजन किया जाता है। इसके बाद हीरे की नीलामी की जाती है और ज्यादा दाम देने वाले को हीरा मिल जाता है। इस रकम पर 12 प्रतिशत रॉयल्टी (11% रॉयल्टी और 1% टीडीएस) काटकर बाकी रकम हीरा धारक को मिल जाती है।

नियमों में हालिया बदलाव

सरकार के अलावा अन्य लोग भी अपनी खदाने बेचते हैं इन्हें भी खरीदा जा सकता है। लेकिन अब निजी भूमि पर भी हीरा खनन के लिए वन विभाग की अनापत्ति प्रमाणपत्र (NOC) आवश्यक है। बिना वन विभाग की NOC के, राजस्व विभाग या निजी भूमि पर हीरा खदान का पट्टा नहीं मिलेगा।

Vishal Maithil
Vishal Mathelauthor

विशाल मैथिल टाइम्स नाऊ नवभारत में बतौर सीनियर कॉपी एडिटर 2023 से जुड़े हुए हैं। पत्रकारिता में 6+ वर्षों के अनुभव के साथ वह टेक्नोलॉजी, सोशल मीडिया, गैजेट्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे विषयों पर गहरी समझ रखते हैं। वे ऑटोमोबाइल, बिजनेस, यूटिलिटी और हाइपरलोकल से लेकर एजुकेशन और इंटरनेशनल बीट्स पर भी काम कर चुके हैं। भोपाल से ताल्लुक रखने वाले विशाल ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय से मीडिया रिसर्च में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। रिसर्च के क्षेत्र में उनके कई पेपर राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय जर्नल में प्रकाशित हो चुके हैं। उन्होंने दैनिक भास्कर, अमर उजाला, मासिक पत्रिका "संदेश" और सोशल मीडिया फर्म में भी काम किया है। टेक-यूटिलिटी और बिजनेस से जुड़ी खबरों को आसान और काम की भाषा में समझाना विशाल को खूब आता है। वो कोशिश करते हैं कि कम शब्दों में ज्यादा और साफ-सुथरी जानकारी मिल जाए। किताबें पढ़ना और संगीत सुनना उनका पसंदीदा काम है। आप इनसे Vishal.mathel@timesgroup.com पर संपर्क कर सकते हैं।

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