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क्या 3kW सोलर पैनल से चला सकेंगे AC? जानें कितनी बिजली बनती है और क्या-क्या कर सकता है पावर सप्लाई

भारत में औसतन 5-6 घंटे की अच्छी धूप मिलने पर 3 किलोवॉट का सोलर सिस्टम रोजाना 12 से 15 यूनिट बिजली पैदा कर सकता है। यह सामान्य घरेलू जरूरतों के लिए पर्याप्त है, लेकिन AC जैसे भारी बिजली खपत वाले उपकरण के लिए कुछ शर्तें लागू होती हैं। यहां हम डिटेल में जानकारी दे रहे हैं।

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Solar Panel (image-Canva)

3kW solar panel: बढ़ते बिजली बिल और पावर कट की समस्या से बचने के लिए लोग तेजी से सोलर पैनल की ओर रुख कर रहे हैं। लेकिन सवाल यह है कि अगर घर में 3 किलोवॉट का सोलर सिस्टम लगाया जाए, तो क्या इससे AC चलाना संभव है? आइए जानते हैं 3KW सोलर सिस्टम से कितनी बिजली बनती है, AC की खपत कितनी होती है और यह किन-किन उपकरणों को चला सकता है।

सोलर पैनल कैसे करता है काम

सोलर पैनल सूरज की रोशनी को बिजली में बदलने वाला उपकरण है। यह सौर ऊर्जा से पंखे, लाइट, टीवी, रेफ्रिजरेटर से लेकर AC तक चला सकता है। सबसे खास बात यह है कि यह प्रदूषण रहित और पर्यावरण के लिए सुरक्षित है, क्योंकि इसमें न धुआं निकलता है, न हानिकारक गैस।

3KW सोलर पैनल की बिजली क्षमता

भारत में औसतन 5-6 घंटे की अच्छी धूप मिलने पर 3 किलोवॉट का सोलर सिस्टम रोजाना 12 से 15 यूनिट बिजली पैदा कर सकता है। यह सामान्य घरेलू जरूरतों के लिए पर्याप्त है, लेकिन AC जैसे भारी बिजली खपत वाले उपकरण के लिए कुछ शर्तें लागू होती हैं।

AC की बिजली खपत और सोलर का गणित

1 टन का AC प्रति घंटे 1 से 1.2 किलोवॉट बिजली लेता है, जबकि 1.5 टन का AC 1.5 से 2 किलोवॉट। अगर दिन में 8 घंटे AC चलाना है, तो 1 टन AC 8 से 10 यूनिट और 1.5 टन AC 12 से 16 यूनिट खपत करेगा। यानी 3KW सोलर सिस्टम से 1 टन AC चल सकता है, लेकिन 1.5 टन AC के साथ अन्य उपकरण एक साथ चलाना मुश्किल होगा।

किन उपकरणों को आराम से चला सकता है 3KW सिस्टम

3 किलोवॉट सोलर सिस्टम से 1 टन AC के अलावा 4-5 पंखे, 4 ट्यूबलाइट/LED बल्ब, रेफ्रिजरेटर, टीवी, मोबाइल/लैपटॉप चार्जिंग और वाशिंग मशीन (सीमित समय के लिए) आसानी से चलाए जा सकते हैं। ज्यादा खपत वाले उपकरणों के लिए बड़ी क्षमता का सोलर सिस्टम चुनना बेहतर रहेगा।

Vishal Maithil
Vishal Mathelauthor

विशाल मैथिल टाइम्स नाऊ नवभारत में बतौर सीनियर कॉपी एडिटर 2023 से जुड़े हुए हैं। पत्रकारिता में 6+ वर्षों के अनुभव के साथ वह टेक्नोलॉजी, सोशल मीडिया, गैजेट्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे विषयों पर गहरी समझ रखते हैं। वे ऑटोमोबाइल, बिजनेस, यूटिलिटी और हाइपरलोकल से लेकर एजुकेशन और इंटरनेशनल बीट्स पर भी काम कर चुके हैं। भोपाल से ताल्लुक रखने वाले विशाल ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय से मीडिया रिसर्च में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। रिसर्च के क्षेत्र में उनके कई पेपर राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय जर्नल में प्रकाशित हो चुके हैं। उन्होंने दैनिक भास्कर, अमर उजाला, मासिक पत्रिका "संदेश" और सोशल मीडिया फर्म में भी काम किया है। टेक-यूटिलिटी और बिजनेस से जुड़ी खबरों को आसान और काम की भाषा में समझाना विशाल को खूब आता है। वो कोशिश करते हैं कि कम शब्दों में ज्यादा और साफ-सुथरी जानकारी मिल जाए। किताबें पढ़ना और संगीत सुनना उनका पसंदीदा काम है। आप इनसे Vishal.mathel@timesgroup.com पर संपर्क कर सकते हैं।

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