यात्रा

हिमाचल प्रदेश की इस जगह ने छिपा रखे हैं हसीन नजारे, बॉलीवुड गानों में भी है इसका जिक्र

Chamba Himachal Pradesh: हिमाचल प्रदेश अपनी अद्भुत खूबसूरती के लिए जाना जाता है। छुट्टियों में अगर आप हिमाचल जा रहे हैं, तो चंबा गांव की यात्रा जरूर करें। यह एक छोटा लेकिन खूबसूरत हिल स्टेशन है, जो प्राकृतिक सुंदरता के अलावा मंदिरों के लिए भी खूब मशहूर है।

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Chamba, Himachal Pradesh

Chamba Himachal Pradesh: जब भी छुट्टियों की बात आती है, तो ज्यादातर लोग अपना बोरिया-बिस्तर बांध हिमाचल प्रदेश घूमने निकल पड़ते हैं। हालांकि, ऐसा हो भी क्यों न पूरा का पूरा हिमाचल प्रदेश एक खूबसूरत टूरिस्ट प्लेस जो है। इस पहाड़ी प्रदेश में ऐसी बहुत सी जगहें हैं, जहां से आपका आने का मन नहीं करेगा। हां, वो बात अलग है कि अधिकतर लोग केवल कसोल और मनाली घूम कर ही वापस आ जाते हैं। लेकिन यहां के चंबा की अपनी एक अलग खासियत है। दरअसल, चंबा हिमाचल प्रदेश एक बहुत ही खूबसूरत शहर है, जिसका दीदार किए बिना आपकी हिमाचल प्रदेश की यात्रा अधूरी है। ऐसा इसलिए क्योंकि चंबा में न केवल शांति है बल्कि यहां का दिल चुराने वाले मौसम आपकी हर तकलीफ दूर कर देगा। कहा जाता है कि चंबा शहर का नाम वहां की राजकुमारी चंपावती के नाम पर पड़ा। यही नहीं, समुद्र तल से 1,006 मीटर की ऊंचाई पर स्थित यह शहर रावी नदी के तट पर बसा हुआ है। प्राकृतिक सुंदरता के अलावा चंबा विभिन्न प्राचीन और सुंदर वास्तुशिल्पों का घर भी है। अगर आप यहां आएंगे, तो आपको स्‍वर्ग का अहसास होगा। इसके आसपास भी ऐसी बहुत सी जगहें हैं, जो आपके मन को खुश कर देंगी।

कालाटोप वाइल्‍ड लाइफ सेंचुरी

कालाटोप वाइल्‍ड लाइफ सेंचुरी हिमाचल प्रदेश की सबसे फेमस सेंचुरी है। यह खजियार और डलहौजी के बीच स्थित है। अगर आपको ट्रैकिंग का शौक है, तो प्रकृति के बीच से चलकर सेंचुरी तक जाने का इससे बेहतर कोई रास्ता नहीं है। यहां आप भौंकने वाला गोरल-सियार, लंगूर, सीरो, तेंदुआ, हिमालयी काला मार्टन, हिरण और भालू देख सकते हैं।

खज्जियार

खज्जियार एक झील है, जो हिमाचल प्रदेश की सबसे शानदार झीलों में आती है। खजियार झील की यात्रा का समय फरवरी से अप्रैल तक के बीच का है। इस समय यहां का मौसम बेहद सुहावना होता है। इसके अलावा यदि आप शहरी जीवन की हलचल से दूर एकांत में कुछ समय बिताना चाहते हैं, तो खजियार झील आपके लिए बेस्ट डेस्टिनेशन है। खजियार झील का एक मुख्य आकर्षण 'फ्लोटिंग आईलैंड' है, जिसे देखने लोग दूर-दूर से आते हैं।

चामुंडा देवी मंदिर

धर्मशाला से 15 किमी की दूरी पर स्थित चामुंडा देवी मंदिर चंबा में घूमने के लिए सबसे अच्‍छी जगहों में से एक है। बानेर नदी के तट पर स्थित चामुंडा देवी मंदिर के प्रति हिंदुओं की गहरी आस्‍था है। दिलचस्‍प बात है कि यह मंदिर पूरी तरह से लकड़ी से बना हुआ है, जिसे राजा उम्मेद सिंह ने 1762 में बनवाया था।

भूरी सिंह संग्रहालय

भूरी सिंह संग्रहालय न केवल चंबा बल्कि पूरे हिमाचल प्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थलों में से एक है। भूरी सिंह संग्रहालय में पोशाकें-हथियार, सिक्के, शाही आभूषण, दुर्लभ पेंटिंग, शारदा लिपि, नक्काशीदार दरवाजे, तांबे की प्लेट, स्मारक पत्थर, संगीत वाद्ययंत्र, भित्तिचित्र, गुलेर-कांगड़ा पेंटिंग और भी बहुत सी चीजें संग्र‍हित हैं। अगर आप चंबा की कला-संस्कृति और समृद्ध इतिहास से परिचित होना चाहते हैं, तो भूरी सिंह संग्रहालय आपके लिए परफेक्‍ट प्‍लेस है। सोमवार को छोड़कर सभी दिन सुबह 8 बजे से शाम 5 बजे तक यह संग्रहालय खुला रहता है।

लक्ष्मी नारायण मंदिरलक्ष्मी नारायण मंदिर चंबा का सबसे प्राचीन मंदिर है। इस मंदिर का निर्माण 11वीं शताब्दी में राजा साहिल वर्मा ने करवाया था। इस परिसर में लगभग छह मंदिर हैं, जो भगवान शिव और विष्णु को समर्पित हैं। भगवान विष्णु की मुख्य मूर्ति दुर्लभ संगमरमर से बनी है। बता दें कि यह संगमरमर विंध्य के पहाड़ों में पाया जाता है। अगर आप मंदिर घूमने जा रहे हैं, तो जान लें कि मंदिर दिन में दो बार खुलता है। सुबह 6 बजे से दोपहर 12.30 बजे तक और फिर दोपहर 2.30 बजे से रात 8.30 बजे तक।

चंबा पहुंचने का रास्ता-

1) अगर आप फ्लाइट से जाना चाहते हैं, तो यहां का नजदीकी एयरपोर्ट बंदरगाह पठानकोट में है, जो चंबा शहर से 120 किलोमीटर दूर है। यहां से चंबा के लिए आपको बहुत सी टैक्‍सी मिल जाएंगी।

2) अगर आप ट्रेन से जाना चाहते हैं, तो यहां का नजदीकी रेलवे स्टेशन चंबा शहर से 120 किलोमीटर दूर पठानकोट में है। नई दिल्ली से पठानकोट के लिए रेगुलर ट्रेन हैं। आप अपनी सुविधा के अनुसार टिकट बुक करा सकते हैं।

3) हिमाचल प्रदेश सड़क परिवहन में भी काफी अच्छा है। यह अपने मुख्य बस स्टैंडों शिमला-सोलन, कांगड़ा, धर्मशाला और पठानकोट से आसपास के राज्यों दिल्ली-पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में अच्छी सेवाएं देता है।

Srishti
सृष्टिauthor

सृष्टि टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की फीचर डेस्क से जुड़ी कंटेंट राइटर हैं, जो मुख्य रूप से धर्म और लाइफस्टाइल सेक्शन के लिए लिखती हैं। सृष्टि को आध्यात्म, भारतीय संस्कृति और साहित्य में गहरी रुचि है। यही वजह है कि उनके लेखों में परंपरा, आस्था और जीवनशैली की सहज समझ खूबसूरती से दिखाई देती है। वह धार्मिक कथाओं, ग्रंथों से जुड़े विषयों, आध्यात्मिक ट्रेंड्स और समकालीन जीवनशैली पर 5,000 से अधिक लेख लिख चुकी हैं। मॉडर्न लाइफस्टाइल और पारंपरिक मूल्यों के बीच संतुलन बनाते हुए वह ऐसे कंटेंट गढ़ती हैं, जो प्रेरक होने के साथ-साथ जानकारीपूर्ण भी होता है।

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