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बीजेपी-कांग्रेस घमासान के बीच आज लोकसभा में संविधान पर होगी चर्चा, मोदी बनाम राहुल का दिखेगा संग्राम

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अडानी विवाद से जोड़ने के आरोपों और कांग्रेस नेता सोनिया गांधी के अरबपति जॉर्ज सोरोस के साथ संबंध से जुड़े जवाबी आरोपों के कारण संसद में गतिरोध और बढ़ गया है।

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लोकसभा में संविधान पर चर्चा

Photo : PTI

Constitution debate in Lok Sabha- बीजेपी और कांग्रेस के बीच घमासान को लेकर आज संसद में फिर संग्राम के आसार हैं। कांग्रेस ने जहा अडानी मुद्दे पर चर्चा की मांग की है साथ ही संविधान को लेकर भी चर्चा की मांग की है। संसद में गतिरोध के बाद सरकार ने भी संविधान पर चर्चा की हामी भरी थी और 13 व 14 दिसंबर को लोकसभा में इस पर चर्चा होनी है। भारतीय संविधान को अपनाए जाने के 75 वर्ष पूरे होने के अवसर पर लोकसभा दो दिवसीय बहस होगी। इसी तरह की चर्चा 16 व 17 दिसंबर को राज्यसभा में भी होगी।

अडानी और सोरोस के मुद्दे पर हंगामा

राजनीतिक गतिरोध मुख्य रूप से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अडानी विवाद से जोड़ने के आरोपों और कांग्रेस नेता सोनिया गांधी के अरबपति जॉर्ज सोरोस के साथ संबंध से जुड़े जवाबी आरोपों के कारण और बढ़ गया है। इन मुद्दों के कारण 25 नवंबर से दोनों सदनों में कई बार हंगामा और स्थगन हुआ है। कांग्रेस ने अडानी मुद्दे पर चर्चा के लिए लगातार दबाव डाला है। लेकिन उसके रुख को तृणमूल कांग्रेस और समाजवादी पार्टी जैसे कई विपक्षी सहयोगियों का साथ नहीं मिला है।

राजनाथ सिंह रखेंगे सरकार का पक्ष

लोकसभा में बहस की शुरुआत रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह द्वारा सरकार का पक्ष रखने से होगी। सत्र के दौरान कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी, शिवसेना के श्रीकांत शिंदे और जीतन राम मांझी सहित भाजपा और उसके सहयोगियों के लगभग 12-15 सांसदों के बोलने की उम्मीद है। सूत्रों ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को बहस और विपक्ष के जवाबी हमलों को संबोधित करते हुए समापन भाषण देंगे। विपक्ष के नेता के रूप में राहुल गांधी के बोलने की संभावना है और वे अडानी मुद्दे पर ध्यान केंद्रित रखते हुए कांग्रेस के आक्रामक रुख का नेतृत्व करेंगे।

महुआ मोइत्रा के संबोधन पर भी नजर

तृणमूल कांग्रेस सांसद महुआ मोइत्रा के संबोधन पर भी बारीकी से नजर रहेगी, खासकर पिछली लोकसभा के अंतिम सत्र के दौरान उनके विवादास्पद निष्कासन के मद्देनजर उनका रुख अहम रहेगा। वहीं, राज्यसभा में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सोमवार को विपक्ष की संविधान बचाओ मुहिम का मुकाबला करते हुए भाजपा का पक्ष रखेंगे। भाजपा और कांग्रेस दोनों ने गुरुवार को अपने सांसदों को तीन लाइन का सख्त व्हिप जारी किया, जिसमें उन्हें भारत में संविधान पर निर्धारित बहस के दौरान 13-14 दिसंबर को सदन में उपस्थित रहने के लिए कहा गया है।

Amit Mandal
अमित कुमार मंडलauthor

अमित मंडल टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में न्यूज डेस्क पर Assistant Editor के रूप में काम कर रहे हैं। प्रिंट, टीवी और डिजिटल—तीनों माध्यमों में कुल मिलाकर 15 सालों से अधिक का अनुभव उन्हें खबरों को देखने की व्यापक दृष्टि देता है। ब्रेकिंग न्यूज, लाइव ब्लॉग, स्पेशल स्टोरीज और एक्सप्लेनेर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। एंगल चुनने की कला, खबरों की गति को समझना और समय पर सही जानकारी पहुंचाना—ये उनकी सबसे बड़ी खूबियां हैं। अमित अपने करियर में करीब 20 हजार से अधिक न्यूज आर्टिकल, एनालिसिस और एक्सप्लेनर पब्लिश कर चुके हैं।

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