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Noida Park: लोहे के टाइगर और कबाड़ के हाथी, नोएडा में अनोखा जंगल ट्रेल पार्क

Noida Jungle Trail Park: अगर आप परिवार या बच्चों के साथ समय बिताना चाहते हैं या फिर कला व रूपांतरण में रुचि रखते हैं तो ये आर्टिकल आपके लिए ही है। नोएडा अथॉरिटी द्वारा एक वेस्ट‑टू‑वंडर पार्क की शुरुआत की जा रही है जिसके बारे में जानकर आप भी परिवार के साथ ट्रिप प्लान कर सकते हैं।

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Noida Jungle Trail Park (photo: instagram)

Noida Jungle Trail Park: दिल्ली-एनसीआर के आसपास परिवार या बच्चों के साथ समय बिताने के लिए अब आपको ज्यादा दूर जाने की जरूरत नहीं है क्योंकि नोएडा अथॉरिटी द्वारा वेस्ट‑टू‑वंडर पार्क की शुरुआत की जा रही है, जिसका नाम जंगल ट्रेल रखा गया है। प्लास्टिक कचरे से बना ये अनोखा पार्क दिल्ली के लोकप्रिय वेस्ट-टू-वंडर और भारत दर्शन पार्कों की तर्ज पर 500 टन लोहे के कबाड़ और प्लास्टिक के कचरे से बनाया गया है।

नोएडा जंगल ट्रेल पार्क का ट्रायल रन 25 जून 2025 से शुरू हुआ और इसका उद्घाटन 25 सितंबर को होने जा रहा है। यह पार्क यमुना के किनारे नोएडा-दिल्ली-फरीदाबाद सीमा पर 18.3 एकड़ में फैला होगा और इसमें जानवरों, पक्षियों और डायनासोर की लगभग 800 मूर्तियां होंगी।

थीम्ड जोन और पाषाण जीव‑मॉडल की वजह से बच्चों के देखने के लिए ये पार्क परफेक्ट रहने वाला है। पार्क में बच्चों के लिए खेल का मैदान, पिकनिक स्पॉट, फूड कोर्ट भी होगा। चार अलग‑अलग पारिस्थितिक जोन पार्क में बनाए जाएंगे जहां आप वन्य जीव प्रतिमाएं देख सकते हैं।

अफ्रीकी सवाना (शेर, हाथी, जिराफ)

एशियाई जंगल (बाघ, हिरण, रंगीन पक्षी)

ऑस्ट्रेलियाई आउटबैक (कंगारू, इमू)

ध्रुवीय क्षेत्र (पेंगुइन, धब्बेदार भालू आदि)

पार्क में नाइट सफारी की सुविधा भी होगी। शाम या रात की रोशनी में वन्यजीवों की प्रतिमाएं जीवंत अनुभव देती हैं। ऐसे में रोमांच की चाह रखने वाले पर्यटक यहां जाने का प्लान कर सकते हैं। प्रवेश शुल्क की बात करें तो यह लगभग ₹100 होगा। लेकिन कुछ एडवेंचर एक्टिविटीज (जैसे हाई रोप्स, जिपलाइन आदि) पर अलग‑से शुल्क लिया जाएगा। सेक्टर 94 मेट्रो स्टेशन से इसका एंट्री गेट होगा।

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प्रभात शर्माauthor

प्रभात शर्मा टाइम्स नाउ हिंदी डिजिटल के फीचर डेस्क में कार्यरत ट्रैवल और लाइफस्टाइल राइटर हैं। यात्राओं के प्रति उनका गहरा जुनून और नई जगहों को समझने–परखने की क्षमता उनकी लेखन शैली को बेहद जीवंत और पाठकों से जोड़ने वाली बनाती है। वे ऑफबीट डेस्टिनेशन, लोकल कल्चर, हेरिटेज साइट्स, रोड ट्रिप्स, फूड जर्नी और बजट ट्रैवल जैसे विषयों पर मजबूत पकड़ रखते हैं। प्रभात की स्टोरीज़ सिर्फ जानकारी नहीं देतीं, बल्कि यात्रा के माहौल, भाव और अनुभव को भी महसूस कराती हैं। अब तक 7,000 से अधिक कंटेंट लिख चुके प्रभात अपनी सहज भाषा, प्रामाणिक जानकारी और अनुभव-आधारित दृष्टिकोण के लिए जाने जाते हैं।

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