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लग्जरी होटल में तब्दील हुई 118 साल पुरानी ऐतिहासिक जेल, एक रात का किराया करीब 1 लाख रुपये

इस होटल की सबसे दिलचस्प बात है कि एक जेल, जिसे समय ने कैदखाने से बदलकर ऐसी जगह बना दिया, जहां लोग खुद खुशी से ठहरने के लिए पैसे दे रहे हैं।

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होशिनोया नारा प्रिजन रिजॉर्ट (Photo: Hoshinoya Nara Prison Resort)

इन दिनों सोशल मीडिया में एक ऐसा होटल चर्चा में है, जिसे देखकर आप यकीन नहीं कर पाएंगे कि यहां कभी जेल हुआ करती थी। जी हां, जापान के नारा शहर में 118 साल पुरानी नारा प्रिजन को अब लग्जरी होटल में बदल दिया गया है। इसका नाम है होशिनोया नारा प्रिजन रिजॉर्ट (HOSHINOYA Nara Prison Resort)।

कभी कैदियों की कोठरी थी, अब लग्जरी सुइट

इस होटल की सबसे खास बात यही है कि यहां बने कमरे किसी नए होटल की तरह जमीन से नहीं बनाए गए हैं। इन्हें पुराने जेल सेल्स को जोड़कर तैयार किया गया है। होटल में कुल 48 सुइट्स हैं। पुराने सेल के डिजाइन को बरकरार रखते हुए उसमें मॉडर्न लग्जरी सुविधाएं जोड़ी गई हैं। यानी जिस जगह कभी कैदियों को भेड़ बकरियों की तरह रखा जाता था, वहीं अब मेहमान आराम और लग्जरी का अनुभव ले सकते हैं।

कमरों में पुरानी हाथ से बनाई गई लाल ईंटों की दीवारें दिखाई देती हैं। कई जगहों पर पुरानी वास्तुकला को जानबूझकर छिपाया नहीं गया है। इसके साथ लकड़ी, आधुनिक फर्नीचर और समकालीन सुविधाओं का इस्तेमाल किया गया है। यहां 11 सेल डिलक्स सुइट शामिल है, जिसमें अलग ड्रेसिंग लाउंज और बड़ा लिविंग स्पेस है।

1908 में बनी थी यह जेल

जिस इमारत में यह होटल बना है, उसका इतिहास काफी पुराना है। नारा प्रिजन का निर्माण 1901 में शुरू हुआ था और 1908 में पूरा हुआ। यह मेजी काल के दौरान बनाई गई जापान की पांच प्रमुख जेलों में शामिल थी। 2017 में इसे जापान की नेशनल इम्पॉर्टेंट कल्चरल प्रॉपर्टी का दर्जा दिया गया।

इसकी आर्किटेक्चर भी बेहद खास है। बीच में एक सेंट्रल गार्डहाउस है और वहां से जेल की इमारतें पंखे या तारे की तरह अलग-अलग दिशाओं में फैलती हैं। लाल ईंटों से बनी यह जेल आज भी अपने पुराने स्वरूप की झलक देती है।

सात साल में हुआ कायाकल्प

पुरानी जेल को होटल में बदलना आसान काम नहीं था। इस प्रोजेक्ट पर करीब सात साल तक काम किया गया। उद्देश्य केवल एक था कि इस पुरानी इमारत की ऐतिहासिक पहचान को बचाए रखते हुए उसे नई जिंदगी देना था। इसलिए पुराने ईंटों, छत की सजावट और भवन की मूल संरचना को काफी हद तक संरक्षित किया गया। होटल के साथ नारा प्रिजन म्यूजियम भी बनाया गया है, जहां इस ऐतिहासिक इमारत और उसके अतीत के बारे में जानकारी मिलती है।

एक रात का किराया कितना है?

अगर आप इस होटल को एक्सपीरियंस करना चाहते हैं तो ये जान लिजिए कि यग सस्ता बिल्कुल नहीं है। होटल की वेबसाइट के मुताबिक कमरे की शुरुआती कीमत 147,000 जापानी येन प्रति रात है। इसमें टैक्स और सर्विस चार्ज शामिल हैं, जबकि भोजन अलग से है। भारतीय मुद्रा में यह रकम करीब एक लाख रुपये के आसपास बैठती है। वैसे यहां आप सिर्फ होटल के कमरे में रात बिताने के लिए पैसे नहीं दे रहे। आप जापान के इतिहास के एक हिस्से के भीतर रहने का अनुभव खरीद रहे हैं।

कभी जिन दीवारों के पीछे आजादी छिन जाती थी, वही दीवारें अब सुकून, डिजाइन और लग्जरी का हिस्सा हैं। यही इस होटल की सबसे दिलचस्प बात है कि एक जेल, जिसे समय ने कैदखाने से बदलकर ऐसी जगह बना दिया, जहां लोग खुद खुशी से ठहरने के लिए पैसे दे रहे हैं।

Suneet Singh
सुनीत सिंहauthor

सुनीत सिंह टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में डिप्टी न्यूज एडिटर के रूप में कार्यरत हैं और लाइफस्टाइल सेक्शन में स्पेशल स्टोरीज प्रोजेक्ट का नेतृत्व कर रहे हैं। टीवी और डिजिटल पत्रकारिता में 13 वर्षों के अनुभव के साथ, सुनीत उन बहुमुखी पत्रकारों में शामिल हैं जिन्होंने न्यूजरूम और फील्ड—दोनों मोर्चों पर खुद को साबित किया है। माइक, कैमरा और एडिटिंग डेस्क तीनों से उनकी सहज जुगलबंदी ने उन्हें एक संतुलित और विश्वसनीय मीडिया प्रोफेशनल के रूप में स्थापित किया है। पिछले 10 वर्षों से सुनीत लाइफस्टाइल, लिटरेचर, सिनेमा और संस्कृति से जुड़ी गहन व विश्लेषणात्मक स्टोरीज लिखते रहे हैं और अबतक 12,000 से अधिक आर्टिकल पब्लिश कर चुके हैं। उनकी लेखन शैली गहराई, मौलिक दृष्टिकोण और रिसर्च-आधारित प्रस्तुति से पहचानी जाती है। वे विषयों की बारीकियों को पकड़कर उन्हें सरल, प्रभावी और पाठकों से जुड़ने वाली भाषा में ढालने में दक्ष हैं।

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