AK-203 Sher Rifle: भारत ने रक्षा क्षेत्र में एक ऐतिहासिक मुकाम हासिल करते हुए पूरी तरह से मेड-इन-इंडिया 100% स्वदेशी AK-203 'शेर' (Sher) राइफल के प्रोटोटाइप का निर्माण और सफल परीक्षण कर लिया है। उत्तर प्रदेश के अमेठी स्थित कारखाने में इस राइफल का टेस्ट-फायर किया गया। भारतीय सेना द्वारा इस आधुनिक हथियार का आधिकारिक ट्रायल इस वर्ष सितंबर महीने से शुरू होने जा रहा है।
इंडो-रशियन राइफल्स प्राइवेट लिमिटेड (IRRPL) के सीईओ और प्रबंध निदेशक मेजर जनरल एस. के. शर्मा ने रविवार को राइफल के सफल परीक्षण का वीडियो साझा करते हुए इस सफलता की घोषणा की।
क्या खास है 100% इंडिजिनाइज्ड AK-203 'शेर' में?
मेजर जनरल एस. के. शर्मा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म लिंक्डइन पर जानकारी देते हुए कहा कि यह सिर्फ कुछ चुनिंदा पुर्जों का स्थानीयकरण नहीं है, बल्कि वास्तविक अर्थों में एंड-टू-एंड (शुरू से अंत तक) 100% स्वदेशीकरण है।
भारतीय घटकों का इस्तेमाल: इस राइफल के निर्माण में इस्तेमाल किया गया एक-एक कच्चा माल और हर एक कंपोनेंट विशुद्ध रूप से भारतीय रक्षा उद्योग और MSMEs से लिया गया है।
बर्स्ट फायरिंग में पास: प्रोटोटाइप का परीक्षण साधारण फायरिंग के साथ-साथ 'बर्स्ट फायरिंग' (लगातार गोलियां दागना) में भी किया गया, जिसके परिणाम बेहद उत्साहजनक और सटीक रहे हैं।
भारत-रूस का संयुक्त प्रयास और आत्मनिर्भरता
यह राइफल इंडो-रशियन राइफल्स प्राइवेट लिमिटेड (IRRPL) द्वारा निर्मित की जा रही है, जो भारत के सार्वजनिक रक्षा उपक्रमों (AWEIL और OSL) और रूस की प्रसिद्ध कलाश्निकोव (Concern Kalashnikov) व रोसोबोरोनएक्सपोर्ट (Rosoboronexport) का एक संयुक्त उपक्रम (Joint Venture) है।
मेजर जनरल शर्मा ने इस उपलब्धि को IRRPL, सहयोगी संस्थाओं, MSME सेक्टर और पूरे भारतीय रक्षा उद्योग के लिए एक गर्व का क्षण बताते हुए कहा कि यह सही मायनों में 'आत्मनिर्भर भारत' का धरातल पर उतरना है।
समय से पहले बंदूकों के ऑर्डर होंगे पूरे
मेजर जनरल शर्मा ने कहा कि पहले प्रोटोटाइप के सफल परीक्षण के बाद, IRRPL अब सितंबर 2026 में भारतीय सशस्त्र बलों के ट्रायल के लिए जरूरी संख्या में 100% स्वदेशी AK-203 'शेर' राइफलों के उत्पादन पर ध्यान केंद्रित करेगा।
मेजर जनरल शर्मा ने आगे कहा कि IRRPL भारतीय सेना को सप्लाई की जाने वाली लगभग 6 लाख राइफलों की डिलीवरी की समय-सीमा को लगभग एक साल पहले करने पर भी विचार कर रही है। उन्होंने इस कुशलता का श्रेय कंपनी की क्षमता बढ़ाने, स्वदेशीकरण और उत्पादन को बेहतर बनाने की कोशिशों को दिया।
IRRPL को ₹5,200 करोड़ के कॉन्ट्रैक्ट के तहत अक्टूबर 2032 तक सशस्त्र बलों को 6,01,427 राइफलें सप्लाई करनी हैं। हालांकि, मेजर जनरल शर्मा ने पहले भी कहा था कि कंपनी दिसंबर 2030 तक डिलीवरी पूरी करने की योजना बना रही है।
