IRCTC: भारतीय रेलवे की सहायक कंपनी आईआरसीटीसी ने Wonders of Odisha नाम से नया टूर पैकेज लॉन्च कर दिया। इस यात्रा में आपको भुवनेश्वर के प्राचीन मंदिरों से लेकर पुरी के जगन्नाथ मंदिर, चिलिका झील, कोणार्क का सूर्य मंदिर और ओडिशा के प्रसिद्ध बौद्ध स्थलों तक घूमने का मौका मिलेगा। 6 दिन की यह ट्रिप रहने वाली है। अपनी सहूलियत के हिसाब से किसी भी दिन के लिए आप पैकेज की बुकिंग कर सकते हैं।
भुवनेश्वर से शुरू होगी यात्रा
यात्रा के पहले दिन भुवनेश्वर एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन या बस स्टैंड से आपको पिकअप किया जाएगा और होटल पहुंचाया जाएगा। होटल में सामान रखने के बाद भुवनेश्वर की सैर शुरू होगी। सबसे पहले ट्राइबल म्यूजियम देखा जाएगा। इसके बाद खंडगिरि और उदयगिरि की गुफाओं का भ्रमण होगा। दोपहर का खाना यात्री अपनी सुविधा और खर्च के अनुसार कर सकते हैं। लंच के बाद भुवनेश्वर के प्रसिद्ध मंदिरों की यात्रा होगी। इसमें लिंगराज मंदिर, मुक्तेश्वर मंदिर, ब्रह्मेश्वर मंदिर और राजारानी मंदिर शामिल हैं। रात भुवनेश्वर के होटल में ठहराव होगा।
धौली से पुरी तक का सफर
दूसरे दिन सुबह नाश्ते के बाद पुरी के लिए रवाना होंगे। रास्ते में सबसे पहले धौली स्तूप देखा जाएगा। इसके बाद पिपली पहुंचेगे, जो अपने खूबसूरत एप्लिक वर्क के लिए जाना जाता है। इसके बाद रघुराजपुर गांव की ओर बढ़ेंगे। यह गांव अपने पारंपरिक कलाकारों और हस्तशिल्प के लिए प्रसिद्ध है। पुरी पहुंचने के बाद होटल में चेक-इन होगा। बाद में भगवान जगन्नाथ के दर्शन के लिए मंदिर जाएंगे। दिन का अंत पुरी के गोल्डन बीच पर किया जा सकता है। रात पुरी में ठहराव होगा।
चिलिका झील और डॉल्फिन का रोमांच
तीसरे दिन सुबह नाश्ते के बाद चिलिका झील के सतपाड़ा क्षेत्र के लिए निकलेंगे। चिलिका अपनी विशाल झील, प्रवासी पक्षियों और इरावाडी डॉल्फिन के लिए प्रसिद्ध है। यहां बोट राइड का आनंद लेने का मौका मिलेगा। नाव से पक्षियों के क्षेत्र और डॉल्फिन देखने की कोशिश की जाएगी। मौसम और प्राकृतिक परिस्थितियों के आधार पर डॉल्फिन दिखाई देना तय नहीं होता, इसलिए इसे प्रकृति के एक रोमांचक अनुभव की तरह लेना बेहतर है। रास्ते में अलारनाथ मंदिर भी देखा जाएगा। इसके बाद वापस पुरी लौटकर होटल में रात बिताई जाएगी।
कोणार्क और सूर्य मंदिर की सैर
चौथे दिन होटल से चेक-आउट करने के बाद कोणार्क के लिए रवाना होंगे। इस दिन का सबसे बड़ा आकर्षण कोणार्क सूर्य मंदिर होगा। अपनी शानदार वास्तुकला और ऐतिहासिक महत्व के कारण यह मंदिर ओडिशा की पहचान का अहम हिस्सा है। रास्ते में चंद्रभागा बीच भी घूमने का मौका मिलेगा। समुद्र के किनारे कुछ समय बिताने के बाद भुवनेश्वर के लिए वापसी होगी। भुवनेश्वर पहुंचकर होटल में रात का ठहराव होगा।
ओडिशा के बौद्ध इतिहास से मुलाकात
पांचवें दिन यात्रा का रुख ओडिशा के प्रसिद्ध बौद्ध स्थलों की ओर होगा। नाश्ते के बाद रत्नागिरी, ललितगिरी और उदयगिरि को कवर किया जाएगा। इन तीनों स्थलों को ओडिशा का प्रसिद्ध बौद्ध डायमंड ट्रायंगल कहा जाता है। रत्नागिरी में बौद्ध धर्म से जुड़ी कई पुरातात्विक चीजें देखने को मिलती हैं। ललितगिरी को ओडिशा के पुराने बौद्ध केंद्रों में गिना जाता है, जबकि उदयगिरि अपने बड़े बौद्ध परिसर के लिए जाना जाता है। इन जगहों की यात्रा इतिहास और पुरातत्व में रुचि रखने वाले लोगों के लिए खास अनुभव हो सकती है। शाम को भुवनेश्वर वापस लौटेंगे और रात होटल में बिताएंगे।
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यादों के साथ वापसी
छठे दिन नाश्ते के बाद होटल से चेक-आउट करेंगे। इसके बाद यात्रियों को भुवनेश्वर एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन या बस स्टैंड पर छोड़ दिया जाएगा। इसी के साथ यह सफर पूरा होगा।
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खर्चा और बुकिंग से रिलेटेड जानकारी
अगर आप 1 से 3 के ग्रुप में सिंगल शेयरिंग में ये ट्रिप आपको 41955 रुपए में पड़ेगी। डबल और ट्रिपल शेयरिंग में किराया क्रमश: 22920, 17885 रुपए तय किया है। 5 से 11 साल तक के बच्चे के लिए किराया- 13555 रुपए है। इस टूर पैकेज का कोड- SCBH16 है। आईआरसीटीसी की वेबसाइट पर जाकर आप पैकेज की बुकिंग कर सकते हैं। ज्यादा जानकारी के लिए आप इन नंबरों- 9281436282, 9776891825 पर संपर्क कर सकते हैं।
