आजकल घर बैठे ही फ्लाइट्स और होटल की बुकिंग करना बेहद आसान हो गया है। इसने सहूलियत तो दी है लेकिन कुछ परेशानियों में भी डाला है। दरअसल जल्दबाजी और सही जानकारी के अभाव में ट्रैवलर्स अक्सर कुछ ऐसी बुनियादी गलतियां कर बैठते हैं, जिससे न केवल बजट बिगड़ता है बल्कि पूरे टूर का मजा भी किरकिरा हो जाता है। ट्रैवल इंडस्ट्री के एक्सपर्ट्स के अनुसार, ट्रिप प्लान करते समय कुछ सामान्य गलतियों से बचना बेहद जरूरी है:
पीक सीजन में देर से बुकिंग करना
पीक सीजन के दौरान आखिरी समय में टिकट या होटल बुक करना सबसे बड़ी गलती है। ऐन मौके पर डिमांड अधिक होने के कारण किराया कई गुना बढ़ जाता है। ऐसे में एक्सपर्ट्स और ट्रैवलर्स की सलाह है कि घरेलू उड़ानों के लिए कम से कम 3 से 6 हफ्ते पहले और अंतरराष्ट्रीय यात्राओं के लिए 2 से 4 महीने पहले बुकिंग करें।
सिर्फ सबसे सस्ता किराया देखना
कई बार लोग सबसे कम कीमत वाला एयरफेयर देखकर तुरंत बुक कर लेते हैं। ज्यादातर ऐसे बजट टिकटों में चेक इन बैगेज , सीट सेलेक्शन, मील या रिफंड की सुविधा शामिल नहीं होती। बाद में इनके अलग पैसे देने से टिकट काफी महंगा पड़ता है। ऐसे में सलाह है कि हमेशा कुल लागत यानी टोटल कॉस्ट की तुलना करें, जिसमें बैगेज लिमिट और कैंसिलेशन पॉलिसी शामिल हो।
फेयर अलर्ट का इस्तेमाल न करना
बहुत से लोग रोज मैन्युअली कीमतें चेक करते हैं, जिससे वे अस्थायी छूट या स्पेशल ऑफर्स से चूक जाते हैं। उनको सलाह है कि ट्रैवल्स ऐप्स पर फेयर अलर्ट सेट करें ताकि कीमत घटते ही आपको नोटिफिकेशन मिल सके।
पास के अन्य एयरपोर्ट्स को न देखना
केवल मुख्य या नजदीकी एयरपोर्ट से ही फ्लाइट्स खोजना भी सही विकल्प नहीं है। कई बार कुछ दूरी पर स्थित दूसरे एयरपोर्ट्स से अधिक सीधी और सस्ती उड़ानें मिल जाती हैं।
वीजा और ट्रांजिट नियमों को भूल जाना
फ्लाइट बुक करने से पहले संबंधित देश के वीजा प्रोसेसिंग टाइम, पासपोर्ट वैलिडिटी और ट्रांजिट नियमों की जांच न करना भारी पड़ सकता है।
ट्रैवल इंश्योरेंस न लेना
ज्यादातर लोग ट्रैवल इंश्योरेंस को फिजूल खर्च समझते हैं। लेकिन फ्लाइट कैंसिल होने, सामान खो जाने या अचानक मेडिकल इमरजेंसी आने पर यह भारी नुकसान से बचाता है।
कम समय के अंतर पर अलग-अलग कनेक्टिंग फ्लाइट्स बुक करना
सस्ती एयरलाइन्स के चक्कर में अलग-अलग टिकट बुक करना और लेओवर का समय बहुत कम रखना जोखिम भरा हो सकता है। एक फ्लाइट लेट होने पर आगे की पूरी कनेक्टिंग फ्लाइट छूट सकती है।
फॉरेन एक्सचेंज और हिडन चार्जेस को भूलना
अंतरराष्ट्रीय यात्राओं के दौरान फॉरेक्स कार्ड फीस, करेंसी कन्वर्जन चार्जेस और कार्ड के चार्जिंग नियमों को नजरअंदाज करने से एक्स्ट्रा पैसे खर्च होते हैं।
कुल मिलाकर स्मार्ट ट्रिप वही है जो सही समय पर योजना बनाकर और पूरी पड़ताल के साथ बुक की जाए। अगली बार जब भी आप छुट्टियां प्लान करें, तो इन गलतियों को दोहराने से बचें ताकि आपकी ट्रिप यादगार बन सके।
