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Travel News: देहरादून से मसूरी 15 मिनट में! जल्द शुरू होगा भारत का सबसे लंबा पैसेंजर रोपवे

Dehradun to Mussoorie: पर्यटकों के लिए खुशखबरी है। उत्तराखंड में देहरादून और मसूरी के बीच यात्रा को आसान और तेज बनाने के लिए रोपवे परियोजना पर काम शुरू हो गया है। इस रोपवे की खासियत ये है कि यह एक मोनोकेबल रोपवे होगा, जो पर्यावरण के अनुकूल और कम प्रदूषणकारी होगा।

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Longest Passenger Ropeway

Longest Passenger Ropeway: घूमने-फिरने का शौक रखने वाले पर्यटकों के लिए मसूरी किसी स्वर्ग से कम नहीं है। हालांकि, हमें यह भी मानना होगा कि देहरादून से इस हिल स्टेशन तक का सफर थोड़ा बोझिल हो सकता है। जाम सड़कें, लंबी कतारें और भी बहुत कुछ जिसका सामना पर्यटक करते हैं। लेकिन क्या होगा अगर हम आपको बताएं कि अब आप देहरादून से मसूरी सिर्फ 20 मिनट में पहुंचा जा सकता है।

पर्यटकों को ये जानकर खुशी होगी कि उत्तराखंड में देहरादून और मसूरी के बीच यात्रा को आसान और तेज बनाने के लिए रोपवे परियोजना पर काम शुरू हो गया है। एक बार यह पूरा हो जाने पर, यात्रा का समय सिर्फ 20 मिनट रह जाने की उम्मीद है। यह रोपवे भारत का सबसे लंबा पैसेंजर रोपवे होगा। इस रोपवे को इस तरह डिजाइन किया जा रहा है कि वर्ष भर, चाहे बारिश हो या बर्फबारी ये संचालित होगा।

रोपवे का विकास मसूरी स्काई कार प्राइवेट लिमिटेड द्वारा किया जा रहा है, जो कि एफआईएल इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड, फ्रांस स्थित इंजीनियरिंग एलएलपी का एक संघ है। इसके सितंबर 2026 तक चालू होने की उम्मीद है। इससे देहरादून से मसूरी की यात्रा का समय 1.5 से 3 घंटे से घटकर मात्र 15 मिनट रह जाएगा। केबल डिटैचेबल गोंडोला सिस्टम लगभग 1,000 मीटर की ऊंचाई तक बढ़ेगा और पूरा होने पर यह अपनी तरह का एक अनूठा सिस्टम होगा।

रोपवे में 10 सीटों वाले डायमंड केबिन होंगे, जिनमें वेंटिलेशन, स्वचालित दरवाजे और मौसम से पूरी सुरक्षा होगी। रोपवे को प्रत्येक दिशा में प्रति घंटे 1,300 यात्रियों को ले जाने के लिए डिजाइन किया जा रहा है। सीधे शब्दों में समझें तो यह रोपवे परियोजना ना केवल पर्यटन को बढ़ावा देगी, बल्कि देहरादून और मसूरी के बीच यातायात की समस्या को भी हल करेगी।

prabhat sharma
प्रभात शर्माauthor

प्रभात शर्मा टाइम्स नाउ हिंदी डिजिटल के फीचर डेस्क में कार्यरत ट्रैवल और लाइफस्टाइल राइटर हैं। यात्राओं के प्रति उनका गहरा जुनून और नई जगहों को समझने–परखने की क्षमता उनकी लेखन शैली को बेहद जीवंत और पाठकों से जोड़ने वाली बनाती है। वे ऑफबीट डेस्टिनेशन, लोकल कल्चर, हेरिटेज साइट्स, रोड ट्रिप्स, फूड जर्नी और बजट ट्रैवल जैसे विषयों पर मजबूत पकड़ रखते हैं। प्रभात की स्टोरीज़ सिर्फ जानकारी नहीं देतीं, बल्कि यात्रा के माहौल, भाव और अनुभव को भी महसूस कराती हैं। अब तक 7,000 से अधिक कंटेंट लिख चुके प्रभात अपनी सहज भाषा, प्रामाणिक जानकारी और अनुभव-आधारित दृष्टिकोण के लिए जाने जाते हैं।

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