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Spiritual Tourism: घूमने के लिए बेस्ट है अमृतसर, इस बार बनाएं इस धार्मिक जगह जाने का प्लान

Golden Temple: 1577 ई. गुरु राम दास जी ने गोल्डन टेंपल की नींव रखी थी वहीं गुरु अर्जन देव जी ने इसका निर्माण पूर्ण करवाया था। धार्मिक पर्यटन में रूची रखने वाले पर्यटकों के इस पावन मंदिर की यात्रा अवश्य करनी चाहिए। गौर करने वाली बात यह है कि हर धर्म के लोगों के लिए ये मंदिर खुला है।

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Spiritual Tourism

Spiritual Tourism: सिख धर्म का सबसे पवित्र तीर्थ स्थल गोल्डन टेंपल जिसे हरमिंदर साहिब के नाम से भी जाना जाता है करोड़ों श्रद्धालुओं के लिए आस्था का केंद्र है। पंजाब के अमृतसर शहर में स्थित ये पावन जगह घूमने-फिरने का शौक रखने वाले पर्यटकों के लिए जन्नत से कम नहीं है। ना केवल धार्मिक दृष्टि से बल्कि वास्तुकला, संस्कृति और सौंदर्य के मामले में भी आप गोल्डन टेंपल घूमने जाने का प्लान कर सकते हैं।

मंदिर चारों तरफ से एक सुंदर जल कुंड से घिरा हुआ है जिसमें स्नान करना शुभ माना जाता है। यात्रा के दौरान बिना किसी भेदभाव के आप यहां लंगर का आनंद ले सकते हैं। गोल्डन टेंपल में दुनिया की सबसे बड़ी निशुल्क रसोई है जो हर दिन 50,000 से 100,000 लोगों को भोजन परोसती है। गोल्डन टेंपल का लंगर सप्ताह के सातों दिन और चौबीसों घंटे चलता है।

गुरुद्वारे की रसोई में दो विशाल भोजन कक्ष हैं, जिसमें एक बार में लगभग 5000 लोग बैठ सकते हैं। दाल, सब्जी, चपाती और खीर यहां ज्यादातर परोसी जाती है। मालूम हो कि प्रतिदिन रसोई में भोजन तैयार करने के लिए लगभग 5000 किलो गेहूं, 2000 किलो दाल, 1400 किलो चावल, 700 किलो दूध और 100 गैस सिलेंडर का उपयोग किया जाता है।

अगर आप गोल्डन टेंपल यात्रा करने का प्लान कर रहे हैं तो इसके निकटतम एयरपोर्ट अमृतसर एयरपोर्ट है। अमृतसर रेलवे स्टेशन इसके निकटतम रेलवे स्टेशन है।

prabhat sharma
प्रभात शर्माauthor

प्रभात शर्मा टाइम्स नाउ हिंदी डिजिटल के फीचर डेस्क में कार्यरत ट्रैवल और लाइफस्टाइल राइटर हैं। यात्राओं के प्रति उनका गहरा जुनून और नई जगहों को समझने–परखने की क्षमता उनकी लेखन शैली को बेहद जीवंत और पाठकों से जोड़ने वाली बनाती है। वे ऑफबीट डेस्टिनेशन, लोकल कल्चर, हेरिटेज साइट्स, रोड ट्रिप्स, फूड जर्नी और बजट ट्रैवल जैसे विषयों पर मजबूत पकड़ रखते हैं। प्रभात की स्टोरीज़ सिर्फ जानकारी नहीं देतीं, बल्कि यात्रा के माहौल, भाव और अनुभव को भी महसूस कराती हैं। अब तक 7,000 से अधिक कंटेंट लिख चुके प्रभात अपनी सहज भाषा, प्रामाणिक जानकारी और अनुभव-आधारित दृष्टिकोण के लिए जाने जाते हैं।

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