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Bihar में 35910000000 रुपये की लागत से बनेगा अहम 4 लेन हाईवे, केंद्रीय कैबिनेट ने दी मंजूरी

Bihar News: केंद्रीय कैबिनेट ने बिहार में 3591 करोड़ रुपये की लागत से मुजफ्फरपुर-सीतामढ़ी-सोनबरसा 4-लेन हाईवे को मंजूरी दे दी है। 83 किमी कॉरिडोर में पुल, आरओबी और अंडरपास भी बनेंगे।

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बिहार में सड़क इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए मोदी सरकार ने खोला पिटारा

Bihar News: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आज यानी बुधवार 19 अगस्त को केंद्रीय कैबिनेट की बैठक हुई। इस बैठक में कुल 13 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा लागत की पांच बड़ी परियोजनाओं को मंजूरी दी गई। कैबिनेट के पांच बड़े फैसलों में से एक 3591 करोड़ की लागत से बनने वाला मुजफ्फरपुर-सीतामढ़ी-सोनबरसा 4 लेन हाईवे भी है।

केंद्रीय कैबिनेट (Modi Cabinet) की बैठक में आज बिहार को खास सौगात मिली। कैबिनेट ने बिहार में मुजफ्फरपुर–सीतामढ़ी–सोनबरसा 4-लेन हाईवे को को मंजूरी दे दी। इस फैसले के बाद बिहार में 4 लेन के ब्राउनफील्ड मुजफ्फरपुर–सीतामढ़ी–सोनबरसा कॉरिडोर (NH-22) का एक्सपेंशन किया जाएगा। परियोजना से मुजफ्फरपुर, मुक्सुदपुर, रुन्नी सैदपुर, थुम्मा, दुमरा, भुतही और सोनबरसा के घनी आबादी वाले क्षेत्रों में यातायात की भीड़ को काफी कम करने में मदद मिलती है।

83 किमी लंबी सड़क परियोजना

कुल 83 किलोमीटर लंबा मुजफ्फरपुर–सीतामढ़ी–सोनबरसा 4-लेन हाईवे बिहार के मुजफ्फरपुर और सीताम़ी जिलों को जोड़ता है। इस हाइवे के निर्माण या अपग्रेडेशन का काम हाइब्रिड एन्युइटी मॉडल (HAM) के तहत किया जाएगा। इस परियोजना से यात्रियों और माल की तेज और सुरक्षित आवाजाही, यात्रा अनुभव में सुधार होगा और क्षेत्रीय संपर्क को मजबूत करने में मदद मिलेगी। इस सड़क परियोजना को 100 किमी प्रति घंटे और 80 किमी प्रति घंटे की औसत गति के डिजाइन किया गया है।

यह एनएच-31 और एनएच-122 जैसे मौजूदा गलियारों के साथ तालमेल बिठाकर बरौनी जैसे औद्योगिक क्षेत्रों और गंगा नदी के किनारे स्थित लॉजिस्टिक्स केंद्रों से बेहतर संपर्क स्थापित करता है। साथ ही, यह भिटामोर स्थित निकटवर्ती लैंड पोर्ट के माध्यम से सीमा पार यात्री और माल की आवाजाही को भी बढ़ावा देता है।

7 पुल, 3 ROB, 6 अंडरपास बनाए जाएंगे

कुल 3591 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली इस परियोजना की सड़क फ्लेक्सिबल पेवमेंट आधारित होगी। इस हाईवे का निर्माण कार्य 30 महीने में पूरा किया जाएगा, जिसमें 7 प्रमुख पुल, 3 रेलवे ओवर ब्रिज (ROB) और 6 व्हीकुलर अंडरपास भी बनेंगे।

बागमती नदी पर बनेगा 340 मीटर लंबा पुल

परियोजना का तहत बिहार में बागमती नदी पर 340 मीटर लंबा ब्रिज बनाया जाएगा। यह कॉरिडोर मुजफ्फरपुर और सीतामढ़ी के बीच कनेक्टिविटी को और भी मजबूत करेगा। इससे बिहार के महत्वपूर्ण सीमावर्ती क्षेत्रों तक आवागमन को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।

केंद्रीय कैबिनेट के चार अन्य बड़े फैसले

1. खड़गपुर–भद्रक (रानीताल) चौथी लाइन - ₹3352 करोड़

2. भद्रक–हरिदासपुर चौथी लाइन - ₹1583 करोड़

3. गुम्मिडीपुंडी–गुडूर तीसरी और चौथी लाइन - ₹2229 करोड़

4. कटक–पारादीप तीसरी और चौथी लाइन - ₹2286 करोड़

मुजफ्फरपुर-सीतामढ़ी-सोनबरसा 4 लेन हाईवे सहित और ऊपर बताई गई सभी 5 परियोजनाओं के लिए कुल ₹13041 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं।

यह परियोजना बिहार के प्रमुख आर्थिक, सामाजिक और लॉजिस्टिक्स केंद्रों को निर्बाध सम्‍पर्क प्रदान करेगी। इसके अलावा, उन्नत कॉरिडोर से पीएम गति-शक्ति के पांच आर्थिक केंद्रों (चार औद्योगिक एस्‍टेट और एक मेगा फूड पार्क), चार सामाजिक केंद्रों (बाबा गरीबनाथ मंदिर, माता जानकी मंदिर, पुनौरा धाम, मुजफ्फरपुर और सीतामढ़ी आकांक्षी जिले) और दो लॉजिस्टिक्स केंद्रों (मुजफ्फरपुर और सीतामढ़ी रेलवे स्टेशन) के लिए कनेक्टिविटी में सुधार होगा। इससे इस पूरे क्षेत्र में माल और यात्रियों की तेज आवाजाही सुगम होगी।

Digpal Singh
दिगपाल सिंहauthor

दिगपाल सिंह टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सिटी टीम को लीड कर रहे हैं। शहरों से जुड़ी ताजाखबरें, लोकल मुद्दे, चुनावी कवरेज और एक्सप्लेनर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। 2006 से पत्रकारिता में सक्रिय दिगपाल सिंह को प्रिंट और डिजिटल दोनों माध्यमों में काम करने का अनुभव है। दोनों प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए उन्होंने ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग से लेकर सेंट्रल डेस्क पर बड़ी खबरों की हैंडलिंग तक हर स्तर पर अनुभव हासिल किया है। अब तक 30,000 से अधिक खबरें लिख चुके दिगपाल हाइपर-लोकल न्यूज की बारीकियों, शहरों की समस्याओं और लोगों से जुड़े वास्तविक मुद्दों को समझने की विशेष क्षमता रखते हैं।

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