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भारतीयों का फिर जागा 'गोल्ड प्रेम': त्योहारों से ठीक पहले मांग, आयात और निवेश में उछाल!

India Gold Market: वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के अनुसार भारत में त्योहारों से पहले सोने की मांग, आयात और ईटीएफ निवेश में बड़ा सुधार आया है, जिससे कीमतों और बाजार में मजबूती लौट रही है।

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फिर छा गया सोना! त्योहारों से पहले भारत में भारी मांग, ETF और आयात में बड़ा उछाल

Photo : iStock

India Gold Market : वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल (WGC) की नई रिपोर्ट के मुताबिक भारत में सोने की डिमांड में एक बार फिर सुधार देखने को मिल रहा है। आने वाले त्योहारों के सीजन में यह रिकवरी और मजबूत हो सकती है। गहनों की बढ़ती मांग, स्थिर निवेश और सोने के आयात में उछाल इस बात का संकेत हैं कि घरेलू बाजार में हलचल वापस लौट रही है। हालांकि सोने की ऊंची कीमतें खरीदारी के फैसले को थोड़ा प्रभावित कर सकती हैं, लेकिन निवेश के लिहाज से डिमांड मजबूत बनी रहने की उम्मीद है।

कीमतों में फिर आई तेजी

न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक जून के महीने में सोने के दामों में एक बड़ी गिरावट देखी गई थी और जुलाई में कीमतें काफी हद तक स्थिर रहीं। लेकिन अगस्त की शुरुआत में सोने की कीमतों ने एक बार फिर तेजी पकड़ ली। अंतरराष्ट्रीय बाजार में अगस्त के पहले दो हफ्तों में सोना 9 प्रतिशत चढ़कर 4,391 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया। वहीं भारतीय बाजार में 14 अगस्त तक घरेलू कीमतें करीब 7 प्रतिशत बढ़कर 1,51,744 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गईं। केंद्रीय बैंकों की मौद्रिक नीतियों में बदलाव की उम्मीद, कमजोर अमेरिकी डॉलर और गोल्ड ईटीएफ (ETF) में लौटते निवेश ने इन कीमतों को सहारा दिया है।

गहनों की मांग और बाजार की तैयारी

कीमतों में रिकवरी के साथ-साथ बाजार में जेवर के तौर पर सोने की मांग भी सुधरी है। ग्राहकों ने बीच में आई कीमतों की गिरावट को खरीदारी के एक अच्छे मौके के रूप में देखा, जिससे रुक-रुक कर हो रही खरीदारी को रफ्तार मिली। जिन लोगों ने पहले खरीदारी टाल दी थी, वे भी अब बाजार का रुख कर रहे हैं। त्योहारों और शादियों के सीजन को देखते हुए ज्वैलर्स ने भी अपना स्टॉक बढ़ाना शुरू कर दिया है, जिसके चलते मैन्युफैक्चरर्स को नए ऑर्डर मिल रहे हैं।

गोल्ड ईटीएफ में निवेश का रुझान

हालांकि इस साल की शुरुआत में जिस रफ्तार से निवेश हो रहा था, उसमें थोड़ी नरमी आई है, लेकिन निवेशक अभी भी सोने पर भरोसा जता रहे हैं। भारतीय गोल्ड ईटीएफ में जुलाई महीने के दौरान 1,560 करोड़ रुपये का शुद्ध निवेश आया। हालांकि यह आंकड़ा पिछले महीने की तुलना में 55 प्रतिशत कम था, लेकिन कुल होल्डिंग 1 टन बढ़कर 120 टन हो गई। इसके साथ ही गोल्ड ईटीएफ का कुल एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) 2 प्रतिशत बढ़कर 1,73,300 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। अगस्त के शुरुआती दो हफ्तों में भी गोल्ड ईटीएफ में करीब 1,179 करोड़ रुपये का नया निवेश दर्ज किया गया है।

वायदा कारोबार और सोने के आयात में उछाल

जुलाई के दौरान मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोने के वायदा कारोबार में भी तेजी देखी गई। जुलाई में औसतन दैनिक ट्रेडिंग वॉल्यूम 14.9 टन रहा, जो पिछले तीन महीनों के 13.5 टन से अधिक है। इसके अलावा, रोजाना का औसत टर्नओवर भी 9 प्रतिशत बढ़कर 21,400 करोड़ रुपये हो गया। डिमांड में इस सुधार का सबसे बड़ा सबूत सोने के आयात में देखने को मिला। जुलाई में सोने का आयात मूल्य जून के 1.97 अरब डॉलर से दोगुने से भी अधिक होकर 4.16 अरब डॉलर पर पहुंच गया। आयात की मात्रा भी 20 टन से बढ़कर करीब 40 से 45 टन के बीच आ गई। वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के अनुसार आयात में यह बड़ा उछाल साफ दिखाता है कि आने वाले त्योहारी सीजन से पहले रिटेलर्स और मैन्युफैक्चरर्स ने अपनी दुकानों और तिजोरियों को नए स्टॉक से भरना शुरू कर दिया है।

Ramanuj Singh
रामानुज सिंहauthor

रामानुज सिंह पत्रकारिता में दो दशकों का व्यापक और समृद्ध अनुभव रखते हैं। उन्होंने टीवी और डिजिटल—दोनों ही प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए बिजनेस, पर्सनल फाइनेंस, शेयर बाजार, इनकम टैक्स, बैंकिंग, बुलियन और कमोडिटी मार्केट जैसे विषयों पर गहरी विशेषज्ञता विकसित की है। जर्नलिज्म में एमए की डिग्री और वर्षों के अनुभव से विकसित विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ, रामानुज जटिल वित्तीय विषयों को सरल, विश्वसनीय और प्रभावी तरीके से पाठकों तक पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। अब तक वे 22,000 से अधिक स्टोरीज लिख चुके हैं।

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