Safari Rules: अगर आप जंगल सफारी के शौकीन हैं तो ये खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। भारत के कई बड़े टाइगर रिजर्व में अब मोबाइल फोन के इस्तेमाल पर सख्ती शुरू हो गई है। कुछ जगहों पर फोन पूरी तरह जमा कराने पड़ते हैं तो कहीं उन्हें स्विच ऑफ रखना जरूरी कर दिया गया है। ये फैसला इसलिए लिया गया है ताकि जंगल और वहां रहने वाले जानवरों को बेवजह की परेशानियों से बचाया जा सके।
आखिर क्यों लगाया गया मोबाइल पर बैन
वन अधिकारियों का कहना है कि आजकल सफारी के दौरान लोग जंगल देखने से ज्यादा मोबाइल में बिजी रहते हैं। कई पर्यटक तेज आवाज में वीडियो चलाते हैं, फोन पर बातें करते हैं या फिर टाइगर दिखते ही चिल्लाने लगते हैं। इससे जंगल का शांत माहौल खराब होता है और जानवर भी परेशान हो जाते हैं।
सेल्फी के चक्कर में बढ़ रहा खतरा
कुछ लोग टाइगर के साथ फोटो या वीडियो लेने के लिए जरूरत से ज्यादा रिस्क लेने लगते हैं। कई बार पर्यटक जीप से बाहर झुककर सेल्फी लेने की कोशिश करते हैं, जो बेहद खतरनाक हो सकता है। रिपोर्ट्स के मुताबिक एक घटना में तो फोटो लेने के दौरान एक बच्चा जीप से गिर गया था।
नाइट सफारी पर भी सख्ती
जानवरों को रात में ज्यादा परेशान ना किया जाए, इसलिए कई जगहों पर नाइट सफारी पर भी रोक लगा दी गई है। कम रोशनी और कैमरों की फ्लैश से जानवरों पर बुरा असर पड़ता है।
सोशल मीडिया पोस्ट भी बढ़ा रहे दिक्कत
आजकल लोग लोकेशन टैग करके फोटो और वीडियो सोशल मीडिया पर डाल देते हैं। इससे टाइगर के पसंदीदा इलाके भीड़भाड़ वाले स्पॉट बन जाते हैं। वन विभाग का मानना है कि इससे जानवरों का प्राकृतिक व्यवहार प्रभावित हो रहा है।
टाइगर रिजर्व में हादसे भी बढ़े
पिछले कुछ सालों में टाइगर रिजर्व से जुड़े कई हादसे सामने आए हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, पिछले पांच साल में टाइगर से जुड़े 418 आकस्मिक मौतों के मामले दर्ज हुए हैं। इसी वजह से अब सुरक्षा को लेकर सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। ऐसे में अगर आप सोलो ट्रिप पर जा रहे हों या परिवार के साथ सफारी का प्लान बना रहे हों कुछ बातों का ध्यान रखकर आप ट्रिप को यादगार बना सकते हैं।
