यात्रा

ना मॉल ना भीड़, पुराने जमाने का फील देते हैं ये 3 हिल स्टेशन, आज ही बना लें घूमने का प्लान

Vintage Vibe Hill Stations: आज हम आपको भारत में छिपे जिन हिल स्टेशंस के बारे में डिटेल में बताने जा रहे हैं इन पहाड़ी जगहों पर जाकर आपको ऐसा लगेगा जैसे बचपन लौट आया हो। यात्रा के दौरान हरियाली, झरने और प्राकृतिक संदुरता में खोने के साथ ही आपको 90s की वाइब्स मिलना गारंटीड है।

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Retro Feel Hill Stations

Retro Feel Hill Stations India: ना मॉल ना भीड़ यात्रा के दौरान अगर आपको 90s के जैसा सुकून चाहिए तो इन 3 हिल स्टेशंस की यात्रा आप अपने बकेट लिस्ट में शामिल कर सकते हैं। भारत में बसे ये हिल स्टेशन आज भी 90 के दशक वाली फीलिंग देते हैं। इन पहाड़ी जगहों पर जाकर लगेगा जैसे बचपन लौट आया हो ऐसे में अगर आपको 90s के जैसा सुकून चाहिए तो इन 3 जगहों पर चले जाइए।

डलहौजी: इस लिस्ट में नंबर 1 पर डलहौजी को शामिल किया गया है। बॉलीवुड के ज्यादातर पुराने गाने डलहौजी में ही शूट किए जाते थे। यात्रा के दौरान अब भी आपको वहां पुरानी फिल्मों वाला माहौल देखने को मिल जाएगा। लहराते घास के मैदान, ठंडी हवा और विंडचीटर पहने हुए लोग आपको पुराने जमाने की याद दिला देंगे।

कसौली, हिमाचल प्रदेश: शांत देवदार के जंगल, औपनिवेशिक कॉटेज और अंतहीन सैर कसौली की पहचान है। इस लिस्ट में नंबर 2 पर कसौली को शामिल किया गया है। यात्रा के दौरान घर का बना जैम बेचने वाली पॉप अप दुकानों की एक गली पुरानी यादों को ताजा कर देगी।

कुन्नूर: इस लिस्ट में नंबर 3 पर कुन्नूर का नाम आता है। कुन्नूर में आपको स्वाभाविक रूप से 90 के दशक का माहौल मिलता है। नीलगिरी टॉय ट्रेन, शानदार गांव वाला माहौल चाय के बागान उतने ही फोटोजेनिक हैं जो 90 के दशक में हुआ करते हैं। परिवार के साथ आप यहां शॉर्ट ट्रिप प्लान कर सकते हैं।

prabhat sharma
प्रभात शर्माauthor

प्रभात शर्मा टाइम्स नाउ हिंदी डिजिटल के फीचर डेस्क में कार्यरत ट्रैवल और लाइफस्टाइल राइटर हैं। यात्राओं के प्रति उनका गहरा जुनून और नई जगहों को समझने–परखने की क्षमता उनकी लेखन शैली को बेहद जीवंत और पाठकों से जोड़ने वाली बनाती है। वे ऑफबीट डेस्टिनेशन, लोकल कल्चर, हेरिटेज साइट्स, रोड ट्रिप्स, फूड जर्नी और बजट ट्रैवल जैसे विषयों पर मजबूत पकड़ रखते हैं। प्रभात की स्टोरीज़ सिर्फ जानकारी नहीं देतीं, बल्कि यात्रा के माहौल, भाव और अनुभव को भी महसूस कराती हैं। अब तक 7,000 से अधिक कंटेंट लिख चुके प्रभात अपनी सहज भाषा, प्रामाणिक जानकारी और अनुभव-आधारित दृष्टिकोण के लिए जाने जाते हैं।

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