यात्रा

राजस्थान के वो रंगीले मेले जो रेगिस्तान की शान हैं, मरु में भी खिलता है जीवन का तरु

राजस्थान के कई मेले तो बेहद प्रसिद्ध हैं लेकिन कुछ ऐसे भी फेयर इस रंगीले राज्य में लगते हैं- जो बहुत पॉपुलर तो नहींं है मगर मरूभूमि की पूरी जीवंतता खुद में समेटे होते हैं। यहां जानें कि आने वाले महीनों में आप राजस्थान के किन मेलों को एंजॉय कर सकते हैं।

Image

रंगीले राजस्थान के सजीले मेले (Pic: iStock)

राजस्थान का जादू न केवल आलीशान महलों या अंतहीन रेगिस्तानी क्षितिज में है, बल्कि इसकी जीवंत परंपराओं में भी है। इन परंपराओं को जानने समझने का मौका मिलता है यहां आयोजित होने वाले मेलों में। अगर आप राजस्थान की रंगीली छवि देखना चाहते हैं तो इस बार राजस्थान के मेले देखने का प्लान बना लें। हालांकि कई प्रमुख मेलों के अलावा कुछ छोटे मेले भी यहां आयोजित होते हैं और ये खूब पॉपुलर भी हैं।

जोधपुर RIFF (2-6 अक्टूबर)

जोधपुर के मेहरानगढ़ किले में हर साल अक्टूबर की शुरूआत में राजस्थान अंतर्राष्ट्रीय लोक महोत्सव (Rajasthan International Folk Festival - RIFF) का आयोजन होता है। यह मेला राज्य की संगीत परंपराओं को सुर्खियों में लाता है। पूरे राजस्थान के संगीतकार अंतर्राष्ट्रीय कलाकारों के साथ मंच साझा करते हुए संगीत का एक भव्य माहौल बना देते हैं।

सिंगिंग सैंड्स हेरिटेज फेस्टिवल (10-12 अक्टूबर)

इस अक्टूबर में, शेखावाटी क्षेत्र में 275 साल पुराना Dundlod किला सिंगिंग सैंड्स हेरिटेज फेस्टिवल के दूसरे संस्करण की मेजबानी करेगा। दो दिनों के लिए, इसके आंगन और चित्रित हवेलियां लोक गीतों, कहानियों, शिल्प प्रदर्शन और घुड़सवारी प्रदर्शनों के लिए मंच बन जाएंगी। यदि आप राज्य में हैं, तो किले की ओर जाएं। यहां आपको मोरचांग और नागदा जैसे पारंपरिक वाद्य यंत्र बजाने, पगड़ी बांधने या राजस्थान मांडना आर्ट को बनाने का मौका मिलेगा। यहां मारवाड़ी घोड़े के स्टड फार्म और हवेली से बने संग्रहालय के निर्देशित पर्यटन भी उपलब्ध हैं।

कुंभलगढ़ महोत्सव कुंभलगढ़ महोत्सव

प्रत्येक दिसंबर में, कुंभलगढ़ किले में मेवाड़ की विरासत का तीन दिवसीय मेला आयोजित होता है। लोक संगीतकार, शास्त्रीय नर्तक और कठपुतली कलाकार मंच साझा करते हैं, जबकि कारीगर वस्त्र, आभूषण और मिट्टी के बर्तन प्रदर्शित करते हैं। यात्री मेंहदी, पेंटिंग या पगड़ी बांधने जैसी एक्टिविटीज का भरपूर आनंद उठाते हैं।

बूंदी महोत्सव

यह मेला हर नवंबर में हाड़ौती क्षेत्र बूंदी उत्सव मनाता है, जो किलों, हवेलियों और बाजार चौकों में फैल जाता है। लोक संगीत, कठपुतली शो और कारीगर अपनी कलाओं के प्रदर्शन से सड़कों को जीवंत करते हैं, जबकि विरासत की सैर और गांव की सफारी स्थानीय जीवन की झलक पेश करती है। यात्री पारंपरिक खेलों में शामिल हो सकते हैं, दाल बाटी चूरमा या गट्टे की सब्जी का स्वाद ले सकते हैं, और ऐसे प्रदर्शन देख सकते हैं जो आगंतुकों के लिए मंचित होने के बजाय रोजमर्रा के अस्तित्व में बुने हुए महसूस होते हैं।

जैसलमेर डेजर्ट फेस्टिवल

जैसलमेर डेजर्ट फेस्टिवल (30 जनवरी-1 फरवरी, 2026) रेगिस्तान के प्रति आपकी सारी सोच बदल देत है। साल में एक बार, थार रेगिस्तान जैसलमेर डेजर्ट फेस्टिवल में रंगों और संगीत का अनूठा संगम नजर आता है। सैम सैंड ड्यून्स में आयोजित यह तीन दिवसीय सांस्कृतिक उत्सव, राजस्थान अपने सबसे नाटकीय रूप में है। पगड़ी बांधने की प्रतियोगिता का यहां बहुत रोमांच रहता है। सबसे बड़ा कार्यक्रम हालांकि मूंछ प्रतियोगिता है - जहां राजस्थानी पुरुष अपनी शानदार ढंग से घुमावदार और संवारी हुई मूंछों का प्रदर्शन करते हैं।

Medha Chawla
मेधा चावलाauthor

मेधा चावला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सीनियर एसोसिएट एडिटर हैं और लाइफस्टाइल सेक्शन की लीड हैं। लाइफस्टाइल पत्रकारिता में 20 वर्षों का अनुभव रखने वाली मेधा की विशेषज्ञता हेल्थ, वेलनेस, फिटनेस, मेंटल हेल्थ, डेली लाइफ इम्प्रूवमेंट, ह्यूमन-इंटरेस्ट फीचर्स और रिसर्च-बेस्ड स्टोरीज तक फैली है। उनकी लेखन शैली पाठकों को जटिल स्वास्थ्य और जीवनशैली संबंधी विषयों को आसान, समझने योग्य और व्यवहारिक रूप में प्रस्तुत करती है, जिससे उनका कंटेंट व्यापक पाठक समूह से जुड़ता है। अबतक 30,000 से अधिक कंटेंट पीस लिख चुकी मेधा की कई एक्सक्लूसिव स्टोरीज डिजिटल प्लेटफॉर्म पर ट्रेंड सेट कर चुकी हैं।

और पढ़ें
End of Article