New Rule of Vaishno Devi Yatra: भारत की सबसे प्रिय तीर्थ यात्राओं में से एक मां वैष्णो देवी यात्रा न केवल भक्तों की आस्था का प्रतीक है बल्कि एक ऐसे अनुभव का नाम भी है जो आत्मा को शांति और मन को सुकून देता है। हर साल माता के दर्शन के लिए लाखों श्रद्धालु जम्मू-कश्मीर के कटड़ा बेस कैंप पहुंचते हैं। वहीं बात करें नए साल की तो यहां भक्तों का भारी हुजूम देखने को मिलता है। भक्तों की बढ़ती संख्या को देखते हुए और यात्रा को संगठित और सुरक्षित बनाने के लिए श्राइन बोर्ड ने कुछ नियमों में बदलाव किए हैं। आइए जानते हैं नए नियम के बारे में...
क्या है वैष्णो देवी यात्रा का नया नियम
यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए एक नया दिशा निर्देश जारी किया है। जिसके तहत यात्रा करने जा रहे प्रत्येक यात्री को एक RFID कार्ड दिया जाता है। इस कार्ड के जारी होने के बाद आपको अगले 10 घंटे के अंदर अपनी यात्रा शुरू करनी होगी और अगले 24 घंटे में यात्रा को पूर्ण करके कटड़ा बेस कैंप वापस लौटना होगा। यात्रा के नियमों में हुआ यह बदलाव तत्काल प्रभाव से लागू होगा। वहीं श्राइन बोर्ड के अधिकारियों की मानें तो नए साल से पहले लगातार बढ़ रही यात्रियों की संख्या को देखते हुए यह जरूरी फैसला लिया गया है।
सभी श्रद्धालुओं पर होगा लागू
श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड, की मानें तो ये नियम सिर्फ पैदल यात्रा करने वालों पर ही लागू नहीं होते हैं, बल्कि हेलीकॉप्टर, बैटरी कार या बैलटेड सपोर्ट से यात्रा करने वाले सभी भक्तों को इस नियम का पालन करना होगा। रजिस्ट्रेशन सेंटर पर मौजूद कर्मचारियों को निर्देश है कि वह यात्रियों को इस नियम के बारे में जागरूक करें।
कैसे पहुंचे वैष्णो देवी
वैष्णो देवी मंदिर पहुंचने के लिए आपको रेल या सड़क मार्ग द्वारा कटड़ा बेस कैंप तक पहुंचा होता है। जिसके बाद 13 किलोमीटर का पैदल यात्रा मार्ग शुरू होता है। दिल्ली सहित देश की मुख्य जगहों से कटड़ा के लिए आपको ट्रेन मिल जाएंगी।
