Flight Delay Compensation: मानसून का मौसम आते ही देश के कई हिस्सों में भारी बारिश और खराब मौसम की वजह से हवाई यात्रा प्रभावित होने लगती है। कई बार तेज बारिश या कम विजिबिलिटी के कारण फ्लाइट घंटों लेट हो जाती है या फिर पूरी तरह कैंसिल करनी पड़ती है। ऐसे में यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। कोई जरूरी मीटिंग के लिए जा रहा होता है तो कोई छुट्टी मनाने या परिवार से मिलने के लिए सफर कर रहा होता है। अगर मानसून में आपकी फ्लाइट प्रभावित हो जाए तो घबराने की कोई जरूरत नहीं है। यहां अपने अधिकारों को जानना आपकी यात्रा को काफी आसान बना सकता है।
फ्लाइट डिले या कैसिंल होने पर क्या कहते हैं नियम
भारत में हवाई यात्रियों के अधिकारों की निगरानी नागरिक उड्डयन महानिदेशालय यानी DGCA करता है। DGCA ने यात्रियों की सुविधा के लिए कई नियम बनाए हैं, ताकि फ्लाइट में देरी या कैंसिलेशन की स्थिति में उन्हें ज्यादा परेशानी ना उठानी पड़े। अगर किसी वजह से एयरलाइन आपकी फ्लाइट कैंसिल कर देती है, तो कंपनी को आपको दूसरी फ्लाइट का विकल्प देना होगा या फिर टिकट का पूरा पैसा वापस करना होगा। यानी एयरलाइन सिर्फ यह कहकर अपनी जिम्मेदारी से बच नहीं सकती कि फ्लाइट कैंसिल हो गई है।
हालांकि, अगर फ्लाइट खराब मौसम जैसे भारी बारिश, तूफान या कम विजिबिलिटी की वजह से प्रभावित हुई है, तो इसे असाधारण स्थिति यानी माना जाता है। ऐसी स्थिति में एयरलाइन को अतिरिक्त मुआवजा देने की जरूरत नहीं होती, क्योंकि मौसम उनके नियंत्रण में नहीं होता। लेकिन यात्रियों की मदद करना और जरूरी सुविधाएं देना फिर भी उनकी जिम्मेदारी होती है।
फ्लाइट ज्यादा लेट होने पर यात्रियों को क्या सुविधा मिलती है
अगर आपकी फ्लाइट कुछ घंटों के लिए लेट हो गई है तो एयरलाइन को यात्रियों की सुविधा का ध्यान रखना होता है। अगर फ्लाइट में दो घंटे या उससे ज्यादा की देरी हो रही है, तो यात्रियों को खाने-पीने की सुविधा दी जानी चाहिए। वहीं अगर देरी काफी ज्यादा बढ़ जाती है, तो एयरलाइन को यात्रियों को दूसरी फ्लाइट में शिफ्ट करने या टिकट का पैसा वापस करने का विकल्प देना पड़ सकता है।
अगर फ्लाइट छह घंटे या उससे ज्यादा लेट हो जाती है और रात के समय यात्रियों को एयरपोर्ट पर रुकना पड़ता है, तो एयरलाइन को होटल और आने-जाने की सुविधा उपलब्ध करानी पड़ सकती है। हालांकि, यह ध्यान रखना जरूरी है कि हर स्थिति में नियम फ्लाइट के समय, दूरी और देरी के कारणों पर निर्भर करते हैं।
खराब मौसम में एयरलाइन से क्या मांग सकते हैं?
कई बार यात्री जानकारी के अभाव में एयरलाइन से मिलने वाली सुविधाओं का फायदा नहीं उठा पाते। अगर बारिश की वजह से आपकी फ्लाइट लंबे समय तक रुकी हुई है तो आप एयरलाइन के ग्राउंड स्टाफ से संपर्क कर सकते हैं। आप उनसे पूछ सकते हैं कि- आपकी फ्लाइट कब तक शुरू होने की संभावना है? क्या दूसरी फ्लाइट में सीट मिल सकती है? क्या खाने-पीने की सुविधा उपलब्ध है? ज्यादा देरी होने पर होटल की व्यवस्था मिलेगी या नहीं? कई बार एयरलाइन खुद से सभी यात्रियों को सुविधाओं की जानकारी नहीं देती, इसलिए यात्रियों को अपने अधिकारों के बारे में जागरूक रहना चाहिए।
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फ्लाइट स्टेटस हमेशा चेक करते रहें
मानसून के दौरान यात्रा करने से पहले अपनी फ्लाइट का स्टेटस जरूर चेक करें। एयरलाइन की वेबसाइट, मोबाइल ऐप या एयरपोर्ट की वेबसाइट से आपको सही जानकारी मिल सकती है। खराब मौसम के दौरान फ्लाइट का समय अचानक बदल सकता है, इसलिए एयरपोर्ट के लिए निकलने से पहले अपडेट जरूर देख लें। इससे आपको बेवजह लंबे समय तक एयरपोर्ट पर इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
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ट्रैवल इंश्योरेंस भी आ सकता है काम
अगर आप बारिश के मौसम में यात्रा कर रहे हैं तो ट्रैवल इंश्योरेंस लेना भी एक अच्छा विकल्प हो सकता है। कई इंश्योरेंस पॉलिसी फ्लाइट में देरी, कैंसिलेशन या सामान से जुड़ी समस्याओं को कवर करती हैं। कई बार एयरलाइन की तरफ से मिलने वाली सुविधा सीमित होती है, ऐसे में ट्रैवल इंश्योरेंस अतिरिक्त सुरक्षा दे सकता है।
