यात्रा

घुमावदार सड़कें और शांत गांव, प्रकृति से कनेक्शन होगा महसूस, बेहद खास है इस वन्यजीव अभयारण्य की यात्रा

Uttarakhand Tourism: घूमने-फिरने का शौक रखने वाले पर्यटक हमेशा से ही किसी यूनीक और स्पेशल जगह की तलाश में होते हैं। इस बार आपको बिनसर वन्यजीव अभयारण्य की यात्रा का प्लान करना चाहिए। प्रकृति और जंगलों के साथ जुड़े लेने के लिए आप फटाफट से अपनी बकेटलिस्ट में इस स्पेशल जगह को शामिल कर सकते हैं।

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Binsar Wildlife Sanctuary

Binsar Wildlife Sanctuary Uttarakhand: शहरी भीड़ और चिल्लम-चिल्ली से दूर प्रकृति की गोद में आप 2 पल शांति से बिता सकते हैं। उत्तराखंड के कुमाऊं पर्वतों की हरी-भरी, फूलों से लदी पहाड़ियों पर बिनसर वन्यजीव अभयारण्य है जो कम भीड़-भाड़ होने की वजह से अपनी खूबसूरती बनाए हुए है। अगर आप यह जानने के लिए उत्सुक हैं कि यह घूमने के लिए एक बेहतरीन जगह क्यों है तो इस आर्टिकल के माध्यम से डिटेल में हम आपको इसकी जानकारी देंगे।

बिनसर कोई आम जंगल नहीं है। 7,900 फीट की ऊंचाई पर यह प्रकृति से घिरा हुआ स्थान है। ओक, रोडोडेंड्रोन और देवदार के पेड़ों से घिरा हुई ये जगह स्वर्ग से कम नहीं है। यहां से हिमालय के मनोरम दृश्य भी देखने लायक हैं। इसके अलावा नंदा देवी, त्रिशूल और पंचचूली जैसी बर्फ से ढकी चोटियां भी हैं जो आपको मंत्रमुग्ध कर देंगी।

200 से ज्यादा पक्षियों की प्रजातियों का घर, यह अभयारण्य पक्षियों के लिए जन्नत है। किंगफिशर, हिमालयन वुडपेकर और यहां तक कि मायावी लाफिंग थ्रश भी इस जगह का हिस्सा है। अगर आपको यहां तेंदुआ या हिमालयन गोरल भी दिख जाए तो हैरान मत होइएगा।

अभयारण्य के भीतर नाइन फर्लांग्स नामक एक अनोखे हेरिटेज गेस्टहाउस है जहां से पहाड़ियों की शांति को आप महसूस कर सकते हैं। धुंध भरे जंगल की सैर और पहाड़ी ढलानों पर सूर्योदय से लेकर देहाती दावतों और आत्मनिरीक्षण के क्षणों को महसूस करना अपने आप में अलग और अनूठा अनुभव होता है।

बिनसर काठगोदाम रेलवे स्टेशन से लगभग 95 किमी दूर है। नैनीताल या अल्मोड़ा से 6 घंटे की ड्राइव करके भी आप यहां जा सकते हैं। घुमावदार सड़कें, शांत गांव और शहर की अव्यवस्था को पीछे छोड़ने का एहसास आपको खुशी से भर देगा।

prabhat sharma
प्रभात शर्माauthor

प्रभात शर्मा टाइम्स नाउ हिंदी डिजिटल के फीचर डेस्क में कार्यरत ट्रैवल और लाइफस्टाइल राइटर हैं। यात्राओं के प्रति उनका गहरा जुनून और नई जगहों को समझने–परखने की क्षमता उनकी लेखन शैली को बेहद जीवंत और पाठकों से जोड़ने वाली बनाती है। वे ऑफबीट डेस्टिनेशन, लोकल कल्चर, हेरिटेज साइट्स, रोड ट्रिप्स, फूड जर्नी और बजट ट्रैवल जैसे विषयों पर मजबूत पकड़ रखते हैं। प्रभात की स्टोरीज़ सिर्फ जानकारी नहीं देतीं, बल्कि यात्रा के माहौल, भाव और अनुभव को भी महसूस कराती हैं। अब तक 7,000 से अधिक कंटेंट लिख चुके प्रभात अपनी सहज भाषा, प्रामाणिक जानकारी और अनुभव-आधारित दृष्टिकोण के लिए जाने जाते हैं।

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