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लक्ष्मण झूला हुआ इतिहास-ऋषिकेश में एडवेंचर और आस्था का नया ठिकाना, देश का पहला ग्लास ब्रिज बनकर तैयार

Bajrang Setu Rishikesh: ऋषिकेश में गंगा नदी पर देश का पहला कांच का पुल बनकर तैयार हुआ है। करीब 70 करोड़ रुपए की लागत से तैयार यह पुल पर्यटन को नई पहचान देगा। इसके शुरू होने से स्थानीय कारोबार को बढ़ावा मिलेगा और क्षेत्र में कनेक्टिविटी भी बेहतर होगी। आइए जानते हैं इस नए ग्लास ब्रिज के बारे में विस्तार से...

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देश का पहला ग्लास ब्रिज (बजरंग सेतु) (Photo-X)

Bajrang Setu Rishikesh: ऋषिकेश, जिसे विश्व का योग राजधानी माना जाता है, अब अपने पहले कांच के पुल के साथ एक नई पहचान बनाने जा रहा है। यह पुल गंगा नदी के ऊपर स्थित है और इसकी लंबाई 132 मीटर है। पुल की लागत लगभग ₹70 करोड़ है और यह वर्तमान में अंतिम निर्माण चरण में है। तकनीकी परीक्षणों के बाद इसे जनता के लिए खोला जाएगा, जिससे इसकी उद्घाटन की तारीख अप्रैल में निर्धारित की गई है।

बजरंग सेतु का निर्माण एक महत्वपूर्ण परियोजना है, जो न केवल एक पर्यटन स्थल के रूप में उभरेगा, बल्कि यह क्षेत्र की स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी संजीवनी प्रदान करेगा। इस पुल का उपयोग करने वाले पर्यटक गंगा के नीचे बहते पानी का अद्भुत दृश्य देख सकेंगे, जो इसे एक अनूठा अनुभव प्रदान करेगा। यह पुल लक्ष्मण झूला के बंद होने के बाद पर्यटकों को आकर्षित करने का एक महत्वपूर्ण साधन बनेगा, जिससे स्थानीय व्यवसायों को भी पुनर्जीवित होने का मौका मिलेगा।

ऋषिकेश में एडवेंचर के मौके

ऋषिकेश, जो पहले से ही योग और साहसिक खेलों के लिए प्रसिद्ध है, इस पुल के उद्घाटन के बाद और भी अधिक पर्यटकों को आकर्षित करने की उम्मीद कर रहा है। यहाँ पर्यटकों के लिए कई विकल्प हैं, जैसे कि ध्यान केंद्र, योग रिट्रीट, सफेद पानी की राफ्टिंग, बंजी जंपिंग और ट्रेकिंग। बजरंग सेतु के उद्घाटन से इन सभी गतिविधियों में भी वृद्धि होने की संभावना है।

आवागम होगा आसान

इसके अलावा, बजरंग सेतु ऋषिकेश-बद्रीनाथ राजमार्ग और यमकेश्वर क्षेत्र के बीच बेहतर संपर्क स्थापित करेगा, जिससे यात्रा करना और भी आसान हो जाएगा। इससे स्थानीय निवासियों को भी लाभ होगा, क्योंकि यह उनके व्यवसायों को बढ़ावा देने में मदद करेगा।

यह ब्रिज धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को मैनेज करने के लिए बेहतर बुनियादी ढांचे और सार्वजनिक विश्वास को दर्शाता है। ऋषिकेश में बजरंग सेतु का उद्घाटन इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होगा, जो न केवल धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देगा, बल्कि स्थानीय संस्कृति और अर्थव्यवस्था को भी मजबूत करेगा।

ऋषिकेश का यह नया पुल न केवल एक इंजीनियरिंग की उपलब्धि है, बल्कि यह एक सांस्कृतिक और धार्मिक प्रतीक भी बन सकता है, जो आने वाले वर्षों में लाखों श्रद्धालुओं और पर्यटकों को आकर्षित करेगा।

ऋषिकेश में भारत का पहला कांच का पुल, अपनी अंतिम तैयारियों के दौर में है। यह पुल गंगा नदी के ऊपर स्थित है और इसकी लंबाई 132 मीटर है। इसकी लागत लगभग 70 करोड़ रुपए है। इस पुल का उद्घाटन होने पर यह न केवल एक प्रमुख पर्यटन स्थल बनेगा, बल्कि स्थानीय व्यवसायों को भी पुनर्जीवित करेगा। बजरंग सेतु का निर्माण, लक्ष्मण झूला के बंद होने के बाद, क्षेत्र में फिर से पर्यटकों को आकर्षित करने की उम्मीद है। यह पुल ऋषिकेश-बद्रीनाथ राजमार्ग और यमकेश्वर क्षेत्र के बीच बेहतर संपर्क भी प्रदान करेगा। उम्मीद है कि यह पुल अप्रैल में जनता के लिए खुल जाएगा।

gulshan kumar
गुलशन कुमारauthor

गुलशन कुमार टाइम्स नाउ हिंदी डिजिटल के हेल्थ सेक्शन से जुड़े हैं। फिटनेस और योग के प्रति उनकी रुचि उन्हें हेल्थ जर्नलिज्म की ओर लेकर आई, जहां वे आम लोगों की जीवनशैली, सेहत और वेलनेस से जुड़े विषयों पर लगातार काम कर रहे हैं। गुलशन अबतक 2,000 से अधिक आर्टिकल लिख चुके हैं। उनके लेखों में आसान भाषा में दी गई जानकारी, रिसर्च-बेस्ड टिप्स और रोजमर्रा की सेहत से जुड़े विषयों की स्पष्ट समझ दिखाई देती है। हेल्थ अवेयरनेस को बढ़ावा देना, फिटनेस को सरल तरीके से समझाना और बेहतर लाइफस्टाइल के लिए उपयोगी सुझाव देना—गुलशन की लेखन शैली की खासियत है।

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