Ranchi Protest: झारखंड की राजधानी रांची में शुक्रवार रात झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) सुधार मोर्चा के आह्वान पर आयोजित छात्रों के प्रदर्शन के दौरान भारी हंगामा हो गया। उच्च न्यायालय के फैसले के विरोध में राज्य के सभी 24 जिलों में मुख्यमंत्री का पुतला दहन करने के कार्यक्रम के तहत सैकड़ों अभ्यर्थी गांधी मैदान में एकत्र हुए थे। हालांकि, प्रदर्शन के दौरान तय मार्ग का उल्लंघन करने और पुलिस-प्रशासन द्वारा दिए गए दिशा-निर्देशों को तोड़ने के बाद स्थिति बिगड़ गई।
'निर्धारित रूट तोड़ा और दो लोगों को बुरी तरह पीटा' सिटी DSP
मामले की जानकारी देते हुए ANI से बातचीत में रांची के DSP सिटी केवी रमन ने बताया कि पुलिस प्रशासन ने प्रदर्शनकारियों के लिए एक मार्ग निर्धारित किया था। प्रदर्शनकारियों को मोराबादी से करमटोली, जेल चौक होते हुए फिरायालाल तक जाने का रूट दिया गया था। लेकिन उन्होंने प्रशासन के इस निर्देश की अनदेखी की और बिना अनुमति कचहरी चौक और रेडियम चौक होते हुए सीधे JPSC कार्यालय के समक्ष प्रदर्शन करने बढ़ गए। DSP के मुताबिक, प्रदर्शनकारियों ने दो लोगों की बुरी तरह पिटाई कर दी थी। उस व्यक्ति की जान बचाने और व्यवस्था कायम करने के लिए पुलिस को मजबूरी में हल्का बल प्रयोग करना पड़ा।
पुलिस अधिकारियों ने आरोप लगाया कि इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने सदर अस्पताल पहुंचकर भारी हंगामा किया, जिससे डॉक्टरों का काम प्रभावित हुआ और मरीजों को परेशानी हुई। मरीजों के इलाज में बाधा न आए, इसलिए कई गंभीर मरीजों को दूसरे वार्डों या अस्पतालों में शिफ्ट करना पड़ा।
'JMM के गुंडों से छात्रों पर कराया हमला' बाबूलाल मरांडी
दूसरी ओर, इस घटनाक्रम के बाद राज्य की राजनीति गरमा गई है। झारखंड विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और भाजपा के वरिष्ठ नेता बाबूलाल मरांडी ने राज्य की हेमंत सोरेन सरकार पर हमला बोला है। बाबूलाल मरांडी ने कहा कि लोकतंत्र में विरोध प्रदर्शन, धरना और पुतला दहन सामान्य प्रक्रिया है। लेकिन राज्य सरकार ने छात्रों के इस शांतिपूर्ण आंदोलन को कुचलने के लिए जानबूझकर JMM के समर्थकों और गुंडों को तैनात किया। मौके पर पुलिस प्रशासन नदारद था और डंडे-लाठियों से लैस उपद्रवी युवा अभ्यर्थियों की पिटाई कर रहे थे। मरांडी ने चेतावनी देते हुए कहा कि झारखंड की जनता और युवा अब इस तानाशाही को बर्दाश्त नहीं करेंगे। यदि सरकार ने छात्रों पर दमन चक्र बंद नहीं किया और उनकी जायज मांगों पर ध्यान नहीं दिया, तो भारतीय जनता पार्टी भी सड़क पर उतरकर उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी।
